फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Officials did not come to the meeting, warned of protest

Ambala News: बैठक में नहीं आए अधिकारी, विरोध की चेतावनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2024 02:13 AM IST
विज्ञापन
Officials did not come to the meeting, warned of protest
अंबाला सिटी। नगर निगम में गुरुवार को हुई इंप्लीमेंटेशन कमेटी के बैठक में कमेटी चेयरमैन और पार्षद निगम अधिकारियों का इंतजार करते रहे। मगर वे नहीं पहुंचे। इसके लिए कमेटी चेयरमैन प्रीति सूद और पार्षद मनीष आनंद, हितेश जैन और अन्य ने नाराजगी जताई।
विज्ञापन

बैठक में इंप्लीमेंटेशन कमेटी की चेयरमैन प्रीति सूद के नेतृत्व में पार्षदों ने आठ मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में निगम की ओर से एक्सईएन एलसी चौहान, मुख्य सफाई निरीक्षक मुकेश कुमार, हरीश छाबड़ा समेत अन्य कर्मचारी भी पहुंचे। चेयरमैन व पार्षदों ने निगम सचिव व अन्य अधिकारियों के बैठक में न पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो अधिकारी इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक में नहीं आए हैं। उनके खिलाफ हाउस की बैठक में निंदा प्रस्ताव लाएंगे। यही नहीं जो सब कमेटियां बनाई है, उनकी बैठक किस कारण से नहीं की जा रही। अगर अधिकारी जवाब नहीं देते तो वह बजट का विरोध करेंगे। वहीं, मार्च माह में निगम की हाउस की बैठक होनी है। यह बैठक हंगामेदार रहने के आसार है।
विज्ञापन

कमेटी की बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
-बढ़ते भ्रष्टाचार और आमजन की समस्या को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की सभी ब्रांचों के बाहर सिटीजन चार्टर के बोर्ड लगाए जाने थे। इससे जनता के कार्य समयबद्ध अवधि में हो। यह मुद्दा हाउस में भी पास हुआ था, लेकिन अभी तक ब्रांचों के बाहर कोई बोर्ड नहीं लगे, जिस अधिकारी ने यह बोर्ड नहीं लगवाए, उनसे पूछा जाए कि बोर्ड क्यों नहीं लगे है। उस अधिकारी के खिलाफ हाउस की बैठक में निंदा प्रस्ताव लाकर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

-पिछली बैठकों में जो मुद्दे पास हुए है। अगर वह कार्य पूरे किए गए हैं तो इसकी कॉपी उपलब्ध करवाई जाए। यदि वह कार्य नहीं हुए है तो वह किस कारण नहीं हुए है। वह हाउस की बजट की बैठक में बताया जाए, उसके पश्चात ही बजट पर चर्चा की जाएगी।
-नगर निगम की जिन उप समितियों की अभी तक बैठक हुई है, उनकी कार्यवाही की कापी नगर निगम की हाउस की बैठक में उपलब्ध कराई जाए। जिन उप समितियों की बैठक नहीं हुई है। उसका कारण बताया जाए।
-कुत्तों की नसबंदी की निविदा फरवरी से लगी है। इस बारे में किसी भी पार्षद को कोई सूचना नहीं दी गई। जब तक पार्षदों की संतुष्टि रिपोर्ट न हो, तब तक ठेकेदार को भुगतान न किया जाए।
-इस बैठक में जिन कर्मचारियों को पत्र के माध्यम से बैठक में उपस्थित होने के लिए निगम सचिव ने पत्र जारी किया गया था और जो अधिकारी कर्मचारी इस बैठक में उपस्थित नहीं हुए है। उनके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाए। इस बारे हाउस की बैठक में भी उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एजेंडा तैयार किया जाए।
-नगर निगम की भवन शाखा की ओर से छोटे-छोटे निर्माण कार्यों को चुनकर कार्रवाई करके सील किया जा रहा है, लेकिन शहर में बहुत बडे-बड़े निर्माण कार्य चल रहें है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस बारे में रिपोर्ट हाउस की बैठक में प्रस्तुत की जाए।
-हाउस की बैठक में निगम अभियंता और लिपिक के खिलाफ पार्षदों द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। इस बारे हाउस की बैठक में पार्षदों को सूचित किया जाए।
-जनसंवाद में प्राप्त हुए प्रार्थना पत्रों की रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाए।
कोट्स
जो अधिकारी इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक में नहीं आए हैं। उसको लेकर सभी पार्षदों ने मुद्दा रखा है कि वह हाउस की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएंगे। शहर में छोटे दुकानदारों के भवनों को सील किया जा रहा है। इस बारे में कुछ पार्षद बीते बुधवार को मंडलायुक्त रेनु फुलिया से मिले थे। उन्होंने जांच कमेटी बनाई है ताकि इसकी जांच की जा सके। इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक में प्रस्ताव भी लिखा गया और हाउस की बजट बैठक में भी पूछा गया कि जो सब कमेटियां बनाई है, उनकी बैठक किस कारण से नहीं की जा रही। अगर यह जवाब नहीं देते तो वह बजट का विरोध करेंगे।

मनीष आनंद, पार्षद नगर निगम।
वर्जन
जिन अधिकारियों ने इंप्लीमेंटेशन कमेटी की बैठक रखी थी, वही अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। अधिकारी खुद को निगम से ऊपर समझते हैं। बैठक में वह अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं आए। सदस्यों ने ही बैठक को शुरू किया और कई प्रस्ताव भी पास किए। हाउस की बैठक में पहले जो मुद्दे पास हुए थे, वह कार्य किए गए है तो इस बारे में उनको बताया जाए। जो कार्य नहीं किए गए, वह क्यों नहीं किए गए, उसका कारण बताया जाए। निगम में सभी ब्रांच के बाहर सिटीजन चार्टर लगाने के लिए हाउस की बैठक में मुद्दा पास भी हो चुका है। अभी तक किसी भी ब्रांच के बाहर यह चार्टर नहीं लगे हैं। वह भी कई बार मुद्दा उठा चुकी हैं।
प्रीति सूद, चेयरमैन, इंप्लीमेंटेशन कमेटी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed