फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   now bijli karmi in janta darbar, will tell about loss

अब जनता दरबार में बिजलीकर्मी, बताएंगे निजीकरण के नुकसान

Wed, 22 Jun 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला Updated Wed, 22 Jun 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
now bijli karmi in janta darbar, will tell about loss
बिजली कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
बिजली विभाग में सरकार के निजीकरण के फैसले के खिलाफ विभाग की हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर के आह्वान पर यूनियनों के करीब 30 हजार कर्मचारी 29 व 30 जून को हड़ताल पर रहेंगे। इतना ही नहीं कर्मचारी यूनियनों की विभिन्न टीमें जनता दरबार में जाएंगीं और घर-घर जाकर सरकार की इस पॉलिसी के नुकसान से अवगत कराएंगी। इसके चलते बिजली कर्मियों ने शहरों व गांव में इससे संबंधित पर्चे बांटने शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन

यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि इस बार अपने लिए नहीं बल्कि जनता के लिए यह हड़ताल रहेगी। इसी को लेकर 22 जून को कुरुक्षेत्र में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन की राज्य स्तरीय कनवेंशन है, जिसमें इस हड़ताल पर चर्चा होगी। उधर, बिजली कर्मचारियों के इस आंदोलन को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, कर्मचारी महासंघ हरियाणा और इलेक्ट्रिकल इंपलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया ने भी पूर्ण समर्थन की घोषणा कर दी है।
विज्ञापन



ऐसे जुटाया जाएगा समर्थन
बिजली विभाग की विभिन्न कर्मचारी यूनियनों की टीमें अंबाला सर्कल में घर-घर जाएंगी और जनता को बताएंगी कि कैसे बिजली विभाग का निजीकरण उनके हित में नहीं है। यूनियन ने इसके लिए पर्चे तैयार करवाए हैं, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि निजीकरण के चलते कनेक्शन लेने से लेकर अन्य बिजली सुविधाएं महंगी होंगी। यूनियन का कहना है कि यह पहली बार हो रहा है कि हड़ताल से पहले बिजली विभाग की यूनियनें जनता दरबार में जाकर सरकार की पॉलिसी के नुकसान बताएंगी। यूनियन नेताओं ने यह भी कहा है कि इस दौरान प्रदेश भर से जहां लगभग 30 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे, वहीं स्वास्थ्य, पेयजल सप्लाई जैसी सुविधाएं बाधित नहीं होंगी। संपर्क अभियान के लिए गठित की गई टीमों की जिम्मेवारी यूनिट प्रधान विनोद कुमार, सचिव हरपाल सिंह, कैशियर हेम बहादुर, सब यूनिट प्रधान भूपेंद्र वर्मा व प्रेस सचिव सतीश कालड़ा व महेश गोयल को सौंपी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन



इन मुद्दों पर निजीकरण का विरोध
- बिजली के प्रति यूनिट रेट बढ़ेंगे
- बिजली कनेक्शन के शुल्क में भी बढ़ोतरी होगी
- ट्यूबवेल कनेक्शन लेने अथवा ट्रांसफार्मर चोरी की स्थिति मे रिकवरी महंगी होगी
- निजीकरण के चलते मुनाफाखोरी बढ़ाने के लिए घटिया सामग्री का इस्तेमाल होगा
- नो डिमांड थर्मल बंद होने से प्राइवेट बिजली उत्पादक मनमाने रेट वसूलेंगे
- रोजगार के नाम पर भी सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होगी
- बिजली रिपेयरिंग के काम के दौरान हादसों को लेकर मुआवजा को लेकर कुछ नहीं है

वर्जन
सरकार निजीकरण कर जनता पर आर्थिक बोझ डालना चाहती है। यदि बिजली विभाग में ही कर्मचारियों की कमी, संसाधनों को अपडेट कर दिया जाए, तो विभागीय कर्मचारी ही बेहतर सुविधाएं दे सकते हैं। इसी को लेकर डोर-टू-डोर जाकर जनता से संपर्क किया जा रहा है।

- महेश गोयल, सर्कल सचिव, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन अंबाला

कैंट में भी बिजली कर्मियों का प्रदर्शन
अंबाला कैंट। उधर, निजीकरण के खिलाफ व अन्य मांगों को लेकर मंगलवर को भी अंबाला कैंट क्वालिटी सब स्टेशन व बारह क्रास रोड सब स्टेशन पर भी बिजली कर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली कर्मी बिजली सब स्टेशन के गेट के समक्ष इकट्ठा हुए और थोड़ी देर के लिए सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार और बिजली निगम विरोधी नारेबाजी की। इस अवसर पर एचएसईबी वर्कर यूनियन के प्रवक्ता देवी प्रसाद भट्टा ने बताया कि यदि सरकार ने बिजली कर्मियों के उत्पीड़न की कार्रवाई को बढ़ावा देना बंद नहीं किया तो 29 व 30 जून को प्रदेशभर में होने वाली हड़ताल को अनिश्चिकालीन में भी बदला जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed