{"_id":"67758d985128255b68017fb4","slug":"night-stay-buses-leaving-before-time-ambala-news-c-36-1-sknl1003-135348-2025-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: समय से पहले निकल रहीं नाइट स्टे बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: समय से पहले निकल रहीं नाइट स्टे बसें
विज्ञापन
अंबाला शहर स्थित बस स्टैंड। संवाद
- फोटो : अंबाला छावनी के लालकुर्ती क्षेत्र में बिखरी गंदगी में मुंह मारते बेसहारा गोवंश। संवाद
अंबाला। समय से पहले अड्डे से निकल रही बसों के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर बस स्टैंड से नाइट स्टे वाली लगभग 20 बसों को चालक समय से पहले निकाल रहे हैं। इस कारण अंबाला छावनी, साहा, मुलाना, और बराड़ा के ग्रामीण यात्री पिछले डेढ़ महीने से परेशान हो रहे हैं।
ऐसे में यात्रियों को मजबूर होकर निजी वाहन, ऑटो या अन्य वाहन कर अतिरिक्त रुपये खर्च कर अपने घर की और जाना पड़ रहा है। अंबाला छावनी से सिटी के बीच हजारों यात्री सफर करते हैं। टोबा, अलावलपुर, कंबासी, रछेड़ी, वीहटा, साबापुर, पंजेल, सारन, अलीपुर, बराड़ा व अन्य ऐसे गांव है जहां पर बसों का नाइट किया जाता है।
अंबाला शहर बस स्टैंड पर दोपहर तीन बजकर 40 मिनट से लेकर चार बजकर 40 मिनट के एक घंटे के अंतराल के अंदर रोडवेज चालक टोबा, अलावलपुर, कंबासी, रछेड़ी, वीहटा, साबापुर, पंजेल, सारन, अलीपुर,बराड़ा व अन्य गांव में नाइट स्टे करने वाली बसों को लेकर निकल जाते है। जबकि इन बसों का समय चार बजकर 30 मिनट से लेकर सात बजकर 30 मिनट का है। इसके बाद भी चालक नहीं मानते, लगभग डेढ़ महीने से ऐसे ही चल रहा है। कई बार कई बार बसों में सवारी नहीं होती, या फिर कम होती है।
विज्ञापन
अंकुर ने बताया कि वह शहर स्थित आईटीआई का छात्र है, और बराड़ा का निवासी है शाम को साढे़ चार बजे के बाद उन्हें बस नहीं मिलती है। वहीं मुलाना निवासी अंकित ने बताया कि वह शहर के कालेज से बीए कर रहा है। कालेज से छुट्टी के बाद शाम के समय जब बस स्टैंड पहुंचते हैं तो पता चलता है कि बसें तो पहले ही जा चुकी है। इसके अलावा छावनी निवासी राहुल का कहना है कि वह शहर में काम करता है, शाम सात बजे छुट्टी के बाद बस नहीं मिलती तो वह ऑटो करके आता है।
विज्ञापन
ऐसे में यात्रियों को मजबूर होकर निजी वाहन, ऑटो या अन्य वाहन कर अतिरिक्त रुपये खर्च कर अपने घर की और जाना पड़ रहा है। अंबाला छावनी से सिटी के बीच हजारों यात्री सफर करते हैं। टोबा, अलावलपुर, कंबासी, रछेड़ी, वीहटा, साबापुर, पंजेल, सारन, अलीपुर, बराड़ा व अन्य ऐसे गांव है जहां पर बसों का नाइट किया जाता है।
विज्ञापन
अंबाला शहर बस स्टैंड पर दोपहर तीन बजकर 40 मिनट से लेकर चार बजकर 40 मिनट के एक घंटे के अंतराल के अंदर रोडवेज चालक टोबा, अलावलपुर, कंबासी, रछेड़ी, वीहटा, साबापुर, पंजेल, सारन, अलीपुर,बराड़ा व अन्य गांव में नाइट स्टे करने वाली बसों को लेकर निकल जाते है। जबकि इन बसों का समय चार बजकर 30 मिनट से लेकर सात बजकर 30 मिनट का है। इसके बाद भी चालक नहीं मानते, लगभग डेढ़ महीने से ऐसे ही चल रहा है। कई बार कई बार बसों में सवारी नहीं होती, या फिर कम होती है।
विज्ञापन
अंकुर ने बताया कि वह शहर स्थित आईटीआई का छात्र है, और बराड़ा का निवासी है शाम को साढे़ चार बजे के बाद उन्हें बस नहीं मिलती है। वहीं मुलाना निवासी अंकित ने बताया कि वह शहर के कालेज से बीए कर रहा है। कालेज से छुट्टी के बाद शाम के समय जब बस स्टैंड पहुंचते हैं तो पता चलता है कि बसें तो पहले ही जा चुकी है। इसके अलावा छावनी निवासी राहुल का कहना है कि वह शहर में काम करता है, शाम सात बजे छुट्टी के बाद बस नहीं मिलती तो वह ऑटो करके आता है।