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Ambala News: जिले के स्कूलों में कंडम हुए कमरों की जगह नए बनेंगे
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अंबाला सिटी। जिले के राजकीय स्कूलों में कंडम हुए कमरों की जगह जल्द ही नए कमरे बनेंगे। इन स्कूलों के भवनों को लेकर शिक्षा विभाग पहले ही नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। अब स्कूलों में नए भवन बनाने के लिए शिक्षा विभाग स्कूलों से डिमांड मांगेगा। डिमांड के हिसाब से ही स्कूलों में नए कमरे तैयार किए जाएंगे। स्कूलों से डिमांड लेकर निदेशालय में भेजी जाएगी और वहां से नए भवनों के लिए फंड जारी किया जाएगा। दरअसल, इन कंडम कमरों की जगह नए कमरे न होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में भी दिक्कत आ रही है।
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120 से ज्यादा राजकीय स्कूलों में कंडम घोषित किए कमरे
दरअसल, शिक्षा विभाग ने पिछले और इस वर्ष करीब 120 राजकीय स्कूलों प्राथमिक, मिडल, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में 300 से ज्यादा कमरे कंडम घोषित किए थे। बीते वर्ष शाहपुर स्कूल में बरामदा ढह गया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए जिले भर के राजकीय स्कूलों से कंडम भवनों की सूची मांगी थी। इस सूची के बाद इन भवनों का सत्यापन किया गया और इसके बाद कमरे कंडम घोषित किए गए। बीते मार्च और अप्रैल में राजकीय स्कूलों के भवनों की नीलामी भी हुई थी और अब फंड का भी इंतजार किया जा रहा है।
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स्कूलों से डिमांड मांगेंगे ताकि जल्द बनाए जा सकें नए कमरे : डीईओ सुरेश कुमार
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि जिले के राजकीय स्कूलों में कई कमरों को कंडम घोषित किया गया था। यह सूची अलग-अलग जारी की गई। इसके बाद इन राजकीय स्कूलों में कंडम भवनों की नीलामी करवाई। अब इन कमरों की जगह विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से नए कमरे बनाए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों से डिमांड मांगी जाएगी ताकि जल्द ही नए कमरे बन सकें। निदेशालय से फंड आते ही स्कूलों में पैसा डाला जाएगा।
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120 से ज्यादा राजकीय स्कूलों में कंडम घोषित किए कमरे
दरअसल, शिक्षा विभाग ने पिछले और इस वर्ष करीब 120 राजकीय स्कूलों प्राथमिक, मिडल, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में 300 से ज्यादा कमरे कंडम घोषित किए थे। बीते वर्ष शाहपुर स्कूल में बरामदा ढह गया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए जिले भर के राजकीय स्कूलों से कंडम भवनों की सूची मांगी थी। इस सूची के बाद इन भवनों का सत्यापन किया गया और इसके बाद कमरे कंडम घोषित किए गए। बीते मार्च और अप्रैल में राजकीय स्कूलों के भवनों की नीलामी भी हुई थी और अब फंड का भी इंतजार किया जा रहा है।
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स्कूलों से डिमांड मांगेंगे ताकि जल्द बनाए जा सकें नए कमरे : डीईओ सुरेश कुमार
जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि जिले के राजकीय स्कूलों में कई कमरों को कंडम घोषित किया गया था। यह सूची अलग-अलग जारी की गई। इसके बाद इन राजकीय स्कूलों में कंडम भवनों की नीलामी करवाई। अब इन कमरों की जगह विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से नए कमरे बनाए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों से डिमांड मांगी जाएगी ताकि जल्द ही नए कमरे बन सकें। निदेशालय से फंड आते ही स्कूलों में पैसा डाला जाएगा।
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