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Ambala News: अंबाला में खूनी बनते जा रहे राष्ट्रीय राजमार्ग, 8 महीनों में 187 लोगों की गई जान
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सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त हादसों की जानकारी लेते हुए। विभाग
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। जिले में रफ्तार का कहर और सड़कों की खामियां मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही हैं। वर्ष 2026 में अगस्त महीने तक हुए सड़क हादसों में 187 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जो सरकार द्वारा तय किए गए 20 प्रतिशत कमी के लक्ष्य से 28 प्रतिशत अधिक है। हादसों के इस बढ़ते ग्राफ को देखते हुए जिला प्रशासन और सड़क सुरक्षा समिति सख्त रुख अख्तियार कर रही है।
सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त सचिन गुप्ता ने की। बैठक में पुलिस, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, परिवहन विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अवैध कटों, सड़कों के गड्ढों और ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए।
एकीकृत सड़क दुर्घटना में इस साल अगस्त तक कुल 187 लोगों की सड़क हादसों में जान गई जबकि वार्षिक लक्ष्य के हिसाब से मौतों की संख्या 146 से नीचे रखने का लक्ष्य था। केवल जुलाई और अगस्त के दो महीनों में 70 भीषण दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 47 लोगों की मौत हुई और 61 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
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मोहड़ा मंडी के पास एनएच-44 पर बने अवैध कट को जर्सी बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने हाईवे पर बने अन्य सभी अवैध कटों को तुरंत सील करने के आदेश दिए हैं। उपायुक्त ने जंडली के माता रानी चौक, मोहरा, ढीन और दिनारपुर जैसे क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और गड्ढे भरने का काम तेज करने को कहा गया है।
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दोपहिया वाहन चालकों की सबसे अधिक मौतें
हादसों के मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की सड़कें सबसे आगे रही, जहां जुलाई-अगस्त में 51 हादसे हुए और 27 लोगों की जान गई। वहीं लोकनिर्माण विभाग की सड़कों पर 22 हादसों में 9 लोगों की मौत हुई। हादसों का शिकार होने वालों में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालकों की 26 मौतें और पैदल चलने वालों की 10 मौतें शामिल हैं।
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ब्लैक स्पॉट्स और अवैध कटों पर गाज
बैठक में संजय एप द्वारा चिह्नित किए गए 15 से अधिक ब्लैक स्पॉट्स पर चर्चा हुई। एनएच-44 पर जग्गी सिटी सेंटर, मोहड़ा पुलिस चौकी और एनडीआई प्लाजा के पास लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए जर्सी बैरियर लगाने, अवैध कटों को बंद करने और ओवरहेड बिजली के तारों की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़ाई पुलिस और परिवहन विभाग ने अगस्त महीने में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। अगस्त में पुलिस ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 9,593 चालान काटे। इनमें ओवरस्पीडिंग के 2,287, बिना हेलमेट के 1,453 और बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के 329 चालान शामिल हैं।
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सड़क सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग सड़कों की कमियों को दूर करें, कैट आइज, साइन बोर्ड और स्पीड ब्रेकर लगाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान और लाइसेंस रद्दीकरण की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। - सचिन गुप्ता, उपायुक्त व अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति।
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अंबाला। जिले में रफ्तार का कहर और सड़कों की खामियां मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही हैं। वर्ष 2026 में अगस्त महीने तक हुए सड़क हादसों में 187 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जो सरकार द्वारा तय किए गए 20 प्रतिशत कमी के लक्ष्य से 28 प्रतिशत अधिक है। हादसों के इस बढ़ते ग्राफ को देखते हुए जिला प्रशासन और सड़क सुरक्षा समिति सख्त रुख अख्तियार कर रही है।
सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त सचिन गुप्ता ने की। बैठक में पुलिस, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, परिवहन विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अवैध कटों, सड़कों के गड्ढों और ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए।
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एकीकृत सड़क दुर्घटना में इस साल अगस्त तक कुल 187 लोगों की सड़क हादसों में जान गई जबकि वार्षिक लक्ष्य के हिसाब से मौतों की संख्या 146 से नीचे रखने का लक्ष्य था। केवल जुलाई और अगस्त के दो महीनों में 70 भीषण दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 47 लोगों की मौत हुई और 61 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
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मोहड़ा मंडी के पास एनएच-44 पर बने अवैध कट को जर्सी बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने हाईवे पर बने अन्य सभी अवैध कटों को तुरंत सील करने के आदेश दिए हैं। उपायुक्त ने जंडली के माता रानी चौक, मोहरा, ढीन और दिनारपुर जैसे क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और गड्ढे भरने का काम तेज करने को कहा गया है।
दोपहिया वाहन चालकों की सबसे अधिक मौतें
हादसों के मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की सड़कें सबसे आगे रही, जहां जुलाई-अगस्त में 51 हादसे हुए और 27 लोगों की जान गई। वहीं लोकनिर्माण विभाग की सड़कों पर 22 हादसों में 9 लोगों की मौत हुई। हादसों का शिकार होने वालों में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालकों की 26 मौतें और पैदल चलने वालों की 10 मौतें शामिल हैं।
ब्लैक स्पॉट्स और अवैध कटों पर गाज
बैठक में संजय एप द्वारा चिह्नित किए गए 15 से अधिक ब्लैक स्पॉट्स पर चर्चा हुई। एनएच-44 पर जग्गी सिटी सेंटर, मोहड़ा पुलिस चौकी और एनडीआई प्लाजा के पास लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए जर्सी बैरियर लगाने, अवैध कटों को बंद करने और ओवरहेड बिजली के तारों की ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़ाई पुलिस और परिवहन विभाग ने अगस्त महीने में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की। अगस्त में पुलिस ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 9,593 चालान काटे। इनमें ओवरस्पीडिंग के 2,287, बिना हेलमेट के 1,453 और बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र के 329 चालान शामिल हैं।
सड़क सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग सड़कों की कमियों को दूर करें, कैट आइज, साइन बोर्ड और स्पीड ब्रेकर लगाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान और लाइसेंस रद्दीकरण की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। - सचिन गुप्ता, उपायुक्त व अध्यक्ष, जिला सड़क सुरक्षा समिति।