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Ambala News: सिटी में नंदीशाला फुल, कैंट में पशु पकड़ने का अभियान ठप
Fri, 22 Aug 2025 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Fri, 22 Aug 2025 02:03 AM IST
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शहर के रामबाग रोड के पास खाली जमी पर घूमते बेसहारा गोवंश। संवाद
अंबाला सिटी। शहर को बेसहारा गोवंश से मुक्त करने के अभियान को पलीता लग गया है। अंबाला सिटी में नंदीशाला (श्री कृष्ण नंदी गोधाम सेवा समिति सुल्लर ) फुल हो गई है, जिसके कारण नंदियों को पकड़ना एजेंसी ने बंद कर दिया है। सिर्फ गायों को शहर से एजेंसी पकड़ पा रही है। वीरवार को एजेंसी ने शहर से 26 गायों को पकड़ा।
कैंट में तो यह अभियान 16 अगस्त से बंद हो गया है, इसका कारण है कि कैंट में दोनों गोशालाओं ने गोवंश लेने से मना कर दिया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर युद्ध स्तर पर अभियान चलाने के बावजूद गोवंश शहर व कैंट में सड़कों पर दिखाई दे रहा है। प्रशासन के सामने दिक्कत यही है कि इनके पास अपनी गोशाला या नंदीशाला नहीं है जिससे अभियान को पलीता लग रहा है।
सरकार ने 31 अगस्त तक शहर को बेसहारा गोवंश से मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए निगम का यह लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है। कई पशुपालक ऐसे भी हैं, जो अपने पशुओं को खुले में छोड़ रहे हैं। ऐसे पशु को एजेंसी पकड़कर जब्त कर रही है।
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निगम को हाल ही में कराए सर्वे में शहर में करीब 650 बेसहारा गोवंश घूमते मिले थे। निगम की ओर से 11 अप्रैल से एक वर्ष के लिए दुर्गेश इंटरप्राइजिज कंपनी को बेसहारा गोवंश पकड़ने के लिए निविदा जारी की गई थी, जिसने अभी तक 21 दिनों में 182 पशु पकड़े हैं। इतने पशु पकड़ने पर ही नंदीशाला फुल हो गई है तो गोशाला में भी पशु क्षमता से अधिक होने वाले हैं। अब चुनौती यह है कि पशुओं को कहां भेजा जाए, क्योंकि जब तक जगह नहीं होगी तब तक एजेंसी काम भी नहीं कर सकेगी। पिछली बार एक एजेंसी ने इसी कारण काम बीच में ही छोड़ दिया, जिसे निगम ने ब्लैक लिस्ट कर दिया था। अभी एजेंसी सिर्फ गाय को पकड़कर सपाटू रोड पर गोशाला में भेज रही है, जबकि सुल्लर गोशाला में जगह फुल हो चुकी है। यहां करीब 92 बेसहारा गोवंश भेजे जा चुके हैं।
- शहर के जंडली पुल से लेकर इंको चौक तक बेसहारा गोवंश रात के अंधेरे में सड़क पर ही बैठे रहते हैं। यह गोवंश कई बार अंधेरे में नहीं दिखते।
- इंको चौक से लेकर सेक्टर-9 से पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौक से होते हुए सेक्टर-9, 10 की रोड से शहीद उधम सिंह चौक तक बेसहारा गोवंश बीच सड़क में ही बैठे रहते हैं। इस सड़क पर स्ट्रीट लाइट भी कम ही जलती है, जिससे यहां ज्यादा दिक्कत है। - शहर के मानव चौक, अग्रसेन चौक, पॉलिटेक्निक चौक के बीच डिवाइडर में यह बेसहारा गोवंश घूमते रहते हैं।
- शहर के जलबेड़ा रोड चौक से सौंडा तक, पुरानी सिविल अस्पताल रोड, जगाधरी गेट, नई सब्जी मंडी के पास गोवंश घूम रहे हैं। - शहर के रामबाग रोड ग्राउंड सड़क पर और सामने खाली जगह पर गोवंश घूमते रहते हैं। यहां सड़क के बीच में ही यह गोवंश खड़े रहते हैं। इस क्षेत्र में भी ज्यादा दिक्कत है।
अंबाला छावनी नगर परिषद सदर के तहत 450 के करीब गोवंश का आंकड़ा जुटाया गया था, लेकिन इसमें से अभी मात्र 170 के करीब गोवंश को ही पकड़कर टंगैल और रामबाग रोड गोशाला में भेजा गया था। मगर अब कार्य बंद है। बेसहारा गोवंश हादसों का कारण बनते जा रहे हैं, इनमें नंदी की संख्या अधिक है, जो रोजाना किसी न किसी वाहन को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं और लोगों को चोटिल कर रहे हैं।
शहर से बेसहारा गोवंश को पकड़ा जा रहा है। करीब 182 गोवंश को पकड़कर गोशाला में भेजा जा चुका है। गुरुवार को भी 26 बेसहारा गोवंश को पकड़ा गया।
- राजकुमार, सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम।
राज्य सरकार की ओर से नगर निगम को 31 अगस्त तक शहर को बेसहारा गोवंश मुक्त करने के लिए लक्ष्य दिया गया है। निगम की ओर से रोजाना बेसहारा गोवंश पकड़े जा रहे हैं। शहर के लोग भी अपने पालतू गोवंश को सड़क पर न छोड़ें ताकि लोगों को परेशानी न हो। - सैलजा सचदेवा, मेयर, नगर निगम।
रामबाग रोड और टंगैल गोशाला प्रबंधकों ने गोवंश को लेने से इन्कार कर दिया है। इस वजह से ठेकेदार ने कार्य रोक दिया है। इस समस्या के समाधान को लेकर अपनी अस्थायी गोशाला के निर्माण को लेकर योजना तैयार की जा रही है।
- स्वर्ण कौर, अध्यक्ष, नगर परिषद्।
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कैंट में तो यह अभियान 16 अगस्त से बंद हो गया है, इसका कारण है कि कैंट में दोनों गोशालाओं ने गोवंश लेने से मना कर दिया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर युद्ध स्तर पर अभियान चलाने के बावजूद गोवंश शहर व कैंट में सड़कों पर दिखाई दे रहा है। प्रशासन के सामने दिक्कत यही है कि इनके पास अपनी गोशाला या नंदीशाला नहीं है जिससे अभियान को पलीता लग रहा है।
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सरकार ने 31 अगस्त तक शहर को बेसहारा गोवंश से मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं। मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए निगम का यह लक्ष्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है। कई पशुपालक ऐसे भी हैं, जो अपने पशुओं को खुले में छोड़ रहे हैं। ऐसे पशु को एजेंसी पकड़कर जब्त कर रही है।
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निगम को हाल ही में कराए सर्वे में शहर में करीब 650 बेसहारा गोवंश घूमते मिले थे। निगम की ओर से 11 अप्रैल से एक वर्ष के लिए दुर्गेश इंटरप्राइजिज कंपनी को बेसहारा गोवंश पकड़ने के लिए निविदा जारी की गई थी, जिसने अभी तक 21 दिनों में 182 पशु पकड़े हैं। इतने पशु पकड़ने पर ही नंदीशाला फुल हो गई है तो गोशाला में भी पशु क्षमता से अधिक होने वाले हैं। अब चुनौती यह है कि पशुओं को कहां भेजा जाए, क्योंकि जब तक जगह नहीं होगी तब तक एजेंसी काम भी नहीं कर सकेगी। पिछली बार एक एजेंसी ने इसी कारण काम बीच में ही छोड़ दिया, जिसे निगम ने ब्लैक लिस्ट कर दिया था। अभी एजेंसी सिर्फ गाय को पकड़कर सपाटू रोड पर गोशाला में भेज रही है, जबकि सुल्लर गोशाला में जगह फुल हो चुकी है। यहां करीब 92 बेसहारा गोवंश भेजे जा चुके हैं।
- शहर के जंडली पुल से लेकर इंको चौक तक बेसहारा गोवंश रात के अंधेरे में सड़क पर ही बैठे रहते हैं। यह गोवंश कई बार अंधेरे में नहीं दिखते।
- इंको चौक से लेकर सेक्टर-9 से पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौक से होते हुए सेक्टर-9, 10 की रोड से शहीद उधम सिंह चौक तक बेसहारा गोवंश बीच सड़क में ही बैठे रहते हैं। इस सड़क पर स्ट्रीट लाइट भी कम ही जलती है, जिससे यहां ज्यादा दिक्कत है। - शहर के मानव चौक, अग्रसेन चौक, पॉलिटेक्निक चौक के बीच डिवाइडर में यह बेसहारा गोवंश घूमते रहते हैं।
- शहर के जलबेड़ा रोड चौक से सौंडा तक, पुरानी सिविल अस्पताल रोड, जगाधरी गेट, नई सब्जी मंडी के पास गोवंश घूम रहे हैं। - शहर के रामबाग रोड ग्राउंड सड़क पर और सामने खाली जगह पर गोवंश घूमते रहते हैं। यहां सड़क के बीच में ही यह गोवंश खड़े रहते हैं। इस क्षेत्र में भी ज्यादा दिक्कत है।
अंबाला छावनी नगर परिषद सदर के तहत 450 के करीब गोवंश का आंकड़ा जुटाया गया था, लेकिन इसमें से अभी मात्र 170 के करीब गोवंश को ही पकड़कर टंगैल और रामबाग रोड गोशाला में भेजा गया था। मगर अब कार्य बंद है। बेसहारा गोवंश हादसों का कारण बनते जा रहे हैं, इनमें नंदी की संख्या अधिक है, जो रोजाना किसी न किसी वाहन को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं और लोगों को चोटिल कर रहे हैं।
शहर से बेसहारा गोवंश को पकड़ा जा रहा है। करीब 182 गोवंश को पकड़कर गोशाला में भेजा जा चुका है। गुरुवार को भी 26 बेसहारा गोवंश को पकड़ा गया।
- राजकुमार, सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम।
राज्य सरकार की ओर से नगर निगम को 31 अगस्त तक शहर को बेसहारा गोवंश मुक्त करने के लिए लक्ष्य दिया गया है। निगम की ओर से रोजाना बेसहारा गोवंश पकड़े जा रहे हैं। शहर के लोग भी अपने पालतू गोवंश को सड़क पर न छोड़ें ताकि लोगों को परेशानी न हो। - सैलजा सचदेवा, मेयर, नगर निगम।
रामबाग रोड और टंगैल गोशाला प्रबंधकों ने गोवंश को लेने से इन्कार कर दिया है। इस वजह से ठेकेदार ने कार्य रोक दिया है। इस समस्या के समाधान को लेकर अपनी अस्थायी गोशाला के निर्माण को लेकर योजना तैयार की जा रही है।
- स्वर्ण कौर, अध्यक्ष, नगर परिषद्।

शहर के रामबाग रोड के पास खाली जमी पर घूमते बेसहारा गोवंश। संवाद

शहर के रामबाग रोड के पास खाली जमी पर घूमते बेसहारा गोवंश। संवाद