फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Mysterious story Ayurveda doctor father death after all family members lost their mental balance

रहस्यमीय कहानी: आयुर्वेद डॉक्टर पिता की हुई मौत, एक-एक कर परिवार के सभी सदस्य खो चुके मानसिक संतुलन

Sun, 19 Mar 2023 04:46 PM IST
नवीन दलाल अंशु शर्मा, अंबाला (हरियाणा)
अंशु शर्मा, अंबाला (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 19 Mar 2023 04:46 PM IST
सार

अंबाला के गांव बोह के वैद्य सूरजभान की मौत के बाद से ही एक-एक कर पूरा परिवार अपना मानसिक संतुलन ही खो बैठा। करीब 10 साल पहले मां मानसिक बीमार हुई और उसकी मौत हो गई और इसी तरह से बड़ी बेटी भी दम तोड़ गई।

विज्ञापन
Mysterious story Ayurveda doctor father death after all family members lost their mental balance
20 साल से घर में बंद थे भाई-बहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

15 साल पहले तक गांव बोह के वैद्य सूरजभान के जिस घर में दूर-दूर से लोग अपने मर्ज की दवा लेने पहुंचते थे। पत्नी एमए इंग्लिश पास और तीन बेटियां व बेटा भी पढ़ा लिखा। सूरजभान की मौत के बाद से ही एक-एक कर पूरा परिवार अपना मानसिक संतुलन ही खो बैठा। करीब 10 साल पहले मां मानसिक बीमार हुई और उसकी मौत हो गई और इसी तरह से बड़ी बेटी भी दम तोड़ गई। घर पर इंदू व अनिल दोनों ही रहने लगे।

विज्ञापन


एमए इंग्लिश मां व बड़ी बहन की मौत के बाद एमए-बीएड इंदू व अनिल रहते थे अकेले
धीरे-धीरे बहन इंदू और फिर अनिल भी पूरी तरह से अपना मानसिक संतुलन खो बैठे। इन दिनों स्थिति यह बन गई थी कि वैद का घर पूरी तरह से खडहंर में तब्दील हो चुका है। इंदू व अनिल दोनों एक ही कमरे में रहते थे और गांव के लोग व दूर के रिश्तेदार ही उन्हें खाना देते थे। कुछ दिन पहले ही गांव के एक घर में मौत के बाद पंजाब से उनके रिश्तेदार पहुंचे थे और उनकी नजर दोनों भाई-बहन पर पड़ी थी।
विज्ञापन


पंजाब में चलेगा उपचार
उनकी वीडियो बनाने के बाद शुक्रवार देरशाम को लुधियाना की संस्था ने उनका रेस्क्यू किया और अपने साथ ले गए। जहां वह उनकी देखभाल के साथ-साथ उपचार भी करेंगे। बताया जाता है कि वैद्य सूरजभान की दो शादियां हुई थी। दूसरी पत्नी व उसके तीनों बच्चे मानसिक रूप से बीमार हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सालों से बिना बिजली व दरवाजे के कमरे में रहते थे दोनों
अमर उजाला की टीम ने गांव बोह मानसिक रूप से बीमार के घर जाकर देखा तो दृश्य झंझोर देने वाला था। घर में दरवाजा नहीं था, बिजली का कनेक्शन भी नहीं था, वहीं कमरे की दीवारों पर केवल कालिख ही कालिख थी। जो बयां कर रही थी कि कभी लकड़ियां तो कभी कपड़ों को जला दिया गया हो। चारों तरफ कबाड़ बिखरा हुआ था। एक कमरा तो गांव व आसपास से चुगी गई लकड़ियों से भरा हुआ था। घर के पास वाली करियाना दुकान मालिक योगेश से पूछा तो उन्होंने बताया कि गांव के लोग खाना खिलाते थे। हालांकि दोनों कभी पत्थर तो कभी गालियां देते थे बावजूद पूरा गांव उनके सहायता के लिए खड़ा था। जबकि अपने रिश्तेदारों ने मुंह फेर लिया था। 

एमए-बीएड इंदू का पढ़ाया हुआ, आज रेलवे में कार्यरत

गांववासी योगेश व अन्य ने बताया कि इंदू पहले गांव के ही स्कूल में शिक्षिका थी और घर पर भी ट्यूशन पढ़ाया करती थी। आईटीआई पास अनिल एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। मां व बड़ी बहन की मौत के बाद दोनों खुशी से साथ-साथ रहते थे। अचानक पहले इंदू और फिर अनिल मानसिक रूप से बीमार हो गया। इंदू इतना होशियार थी कि उनका पढ़ाया हुआ एक युवक आज रेलवे में कार्यरत है। योगेश ने बताया कि 15 दिन के बाद गांव के लोग एकजुट होकर दोनों-भाई बहन से मिलने लुधियाना जाएंगे ताकि वह उनके हालचाल देख सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed