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मुलाना सीट : पिता-पुत्र के बाद अब बहू भी पहली बार मैदान में
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अंबाला सिटी। आरक्षित सीट मुलाना विधानसभा में चुनावी माहौल गर्म हो गया है। इस बार सीट पर भाजपा से संतोष सारवान, कांग्रेस से पूजा चौधरी, आप से गुरतेज सिंह, जजपा से डॉ. रविंद्र धीन, इनेलो-बसपा से प्रकाश भारती चुनावी मैदान में हैं। 2014 में जीती भाजपा की संतोष सारवान दूसरी बार चुनावी मैदान में है।
वर्ष 1972 से लेकर 2005 तक इस सीट पर कांग्रेस से फूलचंद मुलाना का दबदबा रहा है। वह 1972 से लेकर 2005 तक तीन बार कांग्रेस और एक बार निर्दलीय विधायक बने। वह कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। उनके बेटे वरुण चौधरी भी 2019 में कांग्रेस से ही विधायक बने थे। हाल में ही हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से वरुण चौधरी सांसद बने हैं। पिता-पुत्र के बाद अब बहू चुनावी मैदान में कूद गई हैं।
सांसद वरुण मुलाना की पत्नी पूजा चौधरी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि भाजपा और इनेलो ने भी इस सीट पर दो-दो अपनी ताकत दिखाई है। 1987 में भाजपा से सूरजभान व 2014 में संतोष चौहान सारवान विधायक बनी और 2000 में इनेलो से रिसाल सिंह व 2009 में इनेलो से राजबीर सिंह विधायक बने थे। इस बार भी कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं।
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इस सीट पर इतने मतदाता
मुलाना सीट पर एक लाख 18 हजार 700 पुरुष और एक लाख चार हजार 922 महिला और तीन थर्ड जेंडर मतदाता हैं। कुल दो लाख 23 हजार 625 मतदाता हैं। इनमें 1963 पीडब्ल्यूडी, 2477 मतदाता 85 वर्ष से ज्यादा आयु के, 100 वर्ष से ज्यादा आयु के 130, एनआरआई चार, सर्विस वोटर 1206 और 18 से 19 वर्ष के 4501 मतदाता हैं।
जानिए... किस चुनाव में कौन से प्रत्याशी थे आमने-सामने -1967 में आरपीआई से आर प्रसाद को 16 हजार 694 वोट मिले थे। कांग्रेस के एस राम को 12 हजार 321 वोट मिले। आर प्रसाद चार हजार 373 वोट से जीते।
-1968 में कांग्रेस के राम प्रकाश को 16 हजार 830 वोट मिले। आरपीआई के राम प्रसाद को 10 हजार 179 वोट मिले। रामप्रकाश छह हजार 651 वोट से जीते।
-1972 में कांग्रेस के फूल चंद को 24 हजार 140 वोट मिले। एबीजेएस के सूरजभान को 13 हजार 41 वोट मिले। फूल चंद 11 हजार 99 से जीते।
-1977 में जनता पार्टी से शेर सिंह को 22 हजार 351 वोट मिले। कांग्रेस के फूल चंद को 16 हजार 472 वोट मिले। शेर सिंह पांच हजार 879 वोट से जीते।
-1982 में निर्दलीय फूल चंद को 32 हजार 727 मिले। कांग्रेस के शेर सिंह को 18 हजार 394 वोट मिले। फूलचंद 14 हजार 333 वोट से जीते।
-1987 में भाजपा के सूरजभान को 31 हजार 644 वोट मिले। कांग्रेस के फूल चंद को 25 हजार 202 वोटे मिले। सूरजभान छह हजार 442 वोट से जीते।
-1991 में कांग्रेस से फूलचंद मुलाना को 23 हजार 961 वोट मिले। एचवीपी के फकीर चंद को 13 हजार 254 वोट मिले। फूल चंद 10 हजार 707 वोट से जीते।
-1996 में समता पार्टी के रिसाल सिंह को 22 हजार 592 वोट मिले। कांग्रेस के फूल चंद को 20 हजार 930 वोट मिले। रिसाल सिंह एक हजार 662 वोट से जीते।
-2000 में इनेलो से रिसाल सिंह को 40 हजार 682 वोट मिले। कांग्रेस से फूल चंद मुलाना को 35 हजार 560 वोट मिले। रिसाल सिंह पांच हजार 122 वोट से जीते।
-2005 में कांग्रेस के फूल चंद मुलाना को 46 हजार 67 वोट मिले। इनेलो के रिसाल सिंह को 36 हजार 937 वोट मिले। फूल चंद मुलाना नाै हजार 130 वोट से जीते।
-2009 में इनेलो के राजबीर सिंह को 47 हजार 185 वोट मिले। कांग्रेस के फूल चंद मुलाना को 44 हजार 248 वोट मिले। राजबीर सिंह दो हजार 937 वोट से जीते।
-2014 में भाजपा की संतोष चौहान सारवान को 49 हजार 970 वोट मिले। इनेलो के राजबीर बराड़ा को 44 हजार 321 वोट मिले। संतोष चौहान सारवान 5 हजार 649 वोट से जीती।
-2019 में कांग्रेस के वरुण चौधरी को 67 हजार 51 वोट मिले। भाजपा के राजबीर सिंह को 65 हजार 363 वोट मिले। वरुण चौधरी एक हजार 688 वोट से जीते।
इस सीट पर यह रहे विजेता
वर्ष विजेता प्रत्याशी
1967 आरपीआई से आर प्रसाद
1968 कांग्रेस से राम प्रकाश
1972 कांग्रेस से फूल चंद
1977 जनता पार्टी से शेर सिंह
1982 निर्दलीय फूल चंद
1987 भाजपा से सूरजभान
1991 कांग्रेस से फूलचंद मुलाना
1996 समता पार्टी से रिसाल सिंह
2000 इनेलो से रिसाल सिंह
2005 कांग्रेस से फूल चंद मुलाना
2009 इनेलो से राजबीर सिंह
2014 भाजपा से संतोष चौहान सारवान
2019 कांग्रेस से वरुण चौधरी
फोटो-- -- 20
कोट्स
मुलाना विधानसभा क्षेत्र में 2019 की तरह इस बार भी मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच द्विपक्षीय होता नजर आ रहा है। 2019 में बहुत कड़े मुकाबले में वरुण चौधरी मात्र 1 हजार 688 वोट से विजय रहे थे, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में उन्हें मुलाना विधानसभा सीट से लीड मिली थी। जिसका फायदा उनकी पत्नी व मुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी पूजा चौधरी को मिल सकता हैं, हालांकि भाजपा ने भी इस सीट को 2014 में जीता था। उस दौरान संतोष सारवान ही विधायक बनी थी।
प्रो. रविंद्र दुबला, राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबाला छावनी।
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वर्ष 1972 से लेकर 2005 तक इस सीट पर कांग्रेस से फूलचंद मुलाना का दबदबा रहा है। वह 1972 से लेकर 2005 तक तीन बार कांग्रेस और एक बार निर्दलीय विधायक बने। वह कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। उनके बेटे वरुण चौधरी भी 2019 में कांग्रेस से ही विधायक बने थे। हाल में ही हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से वरुण चौधरी सांसद बने हैं। पिता-पुत्र के बाद अब बहू चुनावी मैदान में कूद गई हैं।
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सांसद वरुण मुलाना की पत्नी पूजा चौधरी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। हालांकि भाजपा और इनेलो ने भी इस सीट पर दो-दो अपनी ताकत दिखाई है। 1987 में भाजपा से सूरजभान व 2014 में संतोष चौहान सारवान विधायक बनी और 2000 में इनेलो से रिसाल सिंह व 2009 में इनेलो से राजबीर सिंह विधायक बने थे। इस बार भी कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं।
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इस सीट पर इतने मतदाता
मुलाना सीट पर एक लाख 18 हजार 700 पुरुष और एक लाख चार हजार 922 महिला और तीन थर्ड जेंडर मतदाता हैं। कुल दो लाख 23 हजार 625 मतदाता हैं। इनमें 1963 पीडब्ल्यूडी, 2477 मतदाता 85 वर्ष से ज्यादा आयु के, 100 वर्ष से ज्यादा आयु के 130, एनआरआई चार, सर्विस वोटर 1206 और 18 से 19 वर्ष के 4501 मतदाता हैं।
जानिए... किस चुनाव में कौन से प्रत्याशी थे आमने-सामने -1967 में आरपीआई से आर प्रसाद को 16 हजार 694 वोट मिले थे। कांग्रेस के एस राम को 12 हजार 321 वोट मिले। आर प्रसाद चार हजार 373 वोट से जीते।
-1968 में कांग्रेस के राम प्रकाश को 16 हजार 830 वोट मिले। आरपीआई के राम प्रसाद को 10 हजार 179 वोट मिले। रामप्रकाश छह हजार 651 वोट से जीते।
-1972 में कांग्रेस के फूल चंद को 24 हजार 140 वोट मिले। एबीजेएस के सूरजभान को 13 हजार 41 वोट मिले। फूल चंद 11 हजार 99 से जीते।
-1977 में जनता पार्टी से शेर सिंह को 22 हजार 351 वोट मिले। कांग्रेस के फूल चंद को 16 हजार 472 वोट मिले। शेर सिंह पांच हजार 879 वोट से जीते।
-1982 में निर्दलीय फूल चंद को 32 हजार 727 मिले। कांग्रेस के शेर सिंह को 18 हजार 394 वोट मिले। फूलचंद 14 हजार 333 वोट से जीते।
-1987 में भाजपा के सूरजभान को 31 हजार 644 वोट मिले। कांग्रेस के फूल चंद को 25 हजार 202 वोटे मिले। सूरजभान छह हजार 442 वोट से जीते।
-1991 में कांग्रेस से फूलचंद मुलाना को 23 हजार 961 वोट मिले। एचवीपी के फकीर चंद को 13 हजार 254 वोट मिले। फूल चंद 10 हजार 707 वोट से जीते।
-1996 में समता पार्टी के रिसाल सिंह को 22 हजार 592 वोट मिले। कांग्रेस के फूल चंद को 20 हजार 930 वोट मिले। रिसाल सिंह एक हजार 662 वोट से जीते।
-2000 में इनेलो से रिसाल सिंह को 40 हजार 682 वोट मिले। कांग्रेस से फूल चंद मुलाना को 35 हजार 560 वोट मिले। रिसाल सिंह पांच हजार 122 वोट से जीते।
-2005 में कांग्रेस के फूल चंद मुलाना को 46 हजार 67 वोट मिले। इनेलो के रिसाल सिंह को 36 हजार 937 वोट मिले। फूल चंद मुलाना नाै हजार 130 वोट से जीते।
-2009 में इनेलो के राजबीर सिंह को 47 हजार 185 वोट मिले। कांग्रेस के फूल चंद मुलाना को 44 हजार 248 वोट मिले। राजबीर सिंह दो हजार 937 वोट से जीते।
-2014 में भाजपा की संतोष चौहान सारवान को 49 हजार 970 वोट मिले। इनेलो के राजबीर बराड़ा को 44 हजार 321 वोट मिले। संतोष चौहान सारवान 5 हजार 649 वोट से जीती।
-2019 में कांग्रेस के वरुण चौधरी को 67 हजार 51 वोट मिले। भाजपा के राजबीर सिंह को 65 हजार 363 वोट मिले। वरुण चौधरी एक हजार 688 वोट से जीते।
इस सीट पर यह रहे विजेता
वर्ष विजेता प्रत्याशी
1967 आरपीआई से आर प्रसाद
1968 कांग्रेस से राम प्रकाश
1972 कांग्रेस से फूल चंद
1977 जनता पार्टी से शेर सिंह
1982 निर्दलीय फूल चंद
1987 भाजपा से सूरजभान
1991 कांग्रेस से फूलचंद मुलाना
1996 समता पार्टी से रिसाल सिंह
2000 इनेलो से रिसाल सिंह
2005 कांग्रेस से फूल चंद मुलाना
2009 इनेलो से राजबीर सिंह
2014 भाजपा से संतोष चौहान सारवान
2019 कांग्रेस से वरुण चौधरी
फोटो
कोट्स
मुलाना विधानसभा क्षेत्र में 2019 की तरह इस बार भी मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच द्विपक्षीय होता नजर आ रहा है। 2019 में बहुत कड़े मुकाबले में वरुण चौधरी मात्र 1 हजार 688 वोट से विजय रहे थे, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 में उन्हें मुलाना विधानसभा सीट से लीड मिली थी। जिसका फायदा उनकी पत्नी व मुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी पूजा चौधरी को मिल सकता हैं, हालांकि भाजपा ने भी इस सीट को 2014 में जीता था। उस दौरान संतोष सारवान ही विधायक बनी थी।
प्रो. रविंद्र दुबला, राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबाला छावनी।