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Ambala News: माही ने 497 अंक हासिल कर पाया पहला स्थान
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497 अंक हासिल कर प्रदेश में स्थान बनाने वाली अंबाला की माही।
अंबाला। दसवीं में प्रदेश में पहले चार में स्थान बनाने वाली माही ने 500 में से 497 अंक हासिल किए। माही ने बताया कि वह डाॅक्टर बनाना चाहती हैं और इस लक्ष्य को पाने के लिए काफी मेहनत करने के लिए भी तैयार हैै। अभी तक माही के पास अपना मोबाइल फोन नहीं है। इसी कारण से वह सोशल मीडिया से दूर रहीं। वह इस कारण से अपनी जीत का प्रमुख हिस्सा बताती हैं। माही ने बिना ट्यूशन के ही यह सफलता पाई है। चाचा मनीष ने बताया कि माही पढ़ाई में शुरू से ही होशियार है।
500 में से 497 अंक
हिंदी 98, अंग्रेजी 99, गणित 100, पंजाबी 100, सामाजिक विज्ञान 99, विज्ञान 99।
माही के पिता गुरजीत सिंह के पिता अमेरिका में प्राइवेट नौकरी करते हैं। माता मोनिका गृहिणी हैं।
टिप्स
माही ने बताया कि उन्होंने बिना की ट्यूशन के सेल्फ स्टडी से यह मुकाम हासिल किया है। वह शाम को साढ़े पांच बजे पढ़ने बैठ जाती थी और रात्रि के एक बजे तक लगातार पढ़ती थी। इस दौरान बीच में आधे घंटे रात्रि भाेज के लिए समय निकालती थीं। जब परीक्षा पास आई तो शादी व अन्य कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली थी। माही का कहना है कि लक्ष्य पाने के लिए मेहनत बहुत जरूरी है। वह अपने भविष्य को लेकर बहुत मेहनत करने को तैयार हैं।
लक्ष्य
माही ने बताया कि उसने 11वीं कक्षा में मेडिकल संकाय लिया है। वह चिकित्सक बनाना चाहती हैं और इस लक्ष्य को पाने के लिए काफी मेहनत करने को भी तैयार हैै। अभी तक उनके पास अपना मोबाइल फोन नहीं है। यह उनकी जीत का प्रमुख हिस्सा है।
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500 में से 497 अंक
हिंदी 98, अंग्रेजी 99, गणित 100, पंजाबी 100, सामाजिक विज्ञान 99, विज्ञान 99।
माही के पिता गुरजीत सिंह के पिता अमेरिका में प्राइवेट नौकरी करते हैं। माता मोनिका गृहिणी हैं।
टिप्स
माही ने बताया कि उन्होंने बिना की ट्यूशन के सेल्फ स्टडी से यह मुकाम हासिल किया है। वह शाम को साढ़े पांच बजे पढ़ने बैठ जाती थी और रात्रि के एक बजे तक लगातार पढ़ती थी। इस दौरान बीच में आधे घंटे रात्रि भाेज के लिए समय निकालती थीं। जब परीक्षा पास आई तो शादी व अन्य कार्यक्रमों से भी दूरी बना ली थी। माही का कहना है कि लक्ष्य पाने के लिए मेहनत बहुत जरूरी है। वह अपने भविष्य को लेकर बहुत मेहनत करने को तैयार हैं।
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लक्ष्य
माही ने बताया कि उसने 11वीं कक्षा में मेडिकल संकाय लिया है। वह चिकित्सक बनाना चाहती हैं और इस लक्ष्य को पाने के लिए काफी मेहनत करने को भी तैयार हैै। अभी तक उनके पास अपना मोबाइल फोन नहीं है। यह उनकी जीत का प्रमुख हिस्सा है।
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