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Ambala News: भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया, झूमे श्रद्धालु
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अंबाला सिटी। शहर के सेक्टर-9 स्थित अग्रवाल भवन में इस्कान प्रचार समिति की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन का आयोजन किया गया। इस मौके पर कथा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर स्वामी साक्षी गोपाल दास महाराज ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्मा और शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे, तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा।
इसलिए आप सब भी उस समय धरती पर किसी न किसी रूप में उपस्थित रहना। जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार धारण किया, तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिव भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने थे। साक्षी गोपाल दास महाराज ने बताया कि इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो यह सभी देवी-देवता भी वहां अवश्य आते हैं और भगवान के जन्मोत्सव का आनंद लेते हैं।
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महाराज ने कहा कि जब भगवान ने कृष्ण जन्म लिया था, तब पृथ्वी पर न जाने कितने जन्मों से जीव भगवान की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी तरह जब भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है और उस जन्मोत्सव में जो भाग लेते हैं, वह कोई साधारण जीव नहीं होते, वह बहुत पुण्यात्मा होते हैं।
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इस अवसर पर स्वामी साक्षी गोपाल दास महाराज ने कहा कि जब पृथ्वी पापियों का बोझ सहन नहीं कर पा रही थी, तब सभी देवता ब्रह्मा और शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे, तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा।
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इसलिए आप सब भी उस समय धरती पर किसी न किसी रूप में उपस्थित रहना। जब भगवान ने पृथ्वी पर श्रीकृष्णा अवतार धारण किया, तब सभी देवता और स्वयं ब्रह्मा व शिव भी भगवान की लीलाओं के साक्षी बने थे। साक्षी गोपाल दास महाराज ने बताया कि इस तरह जब भी पृथ्वी पर कहीं भी भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है, तो यह सभी देवी-देवता भी वहां अवश्य आते हैं और भगवान के जन्मोत्सव का आनंद लेते हैं।
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महाराज ने कहा कि जब भगवान ने कृष्ण जन्म लिया था, तब पृथ्वी पर न जाने कितने जन्मों से जीव भगवान की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी तरह जब भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाता है और उस जन्मोत्सव में जो भाग लेते हैं, वह कोई साधारण जीव नहीं होते, वह बहुत पुण्यात्मा होते हैं।