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Ambala News: खड़गा कोर ने दिखाई शक्ति, चलीं मिसाइल और तोप
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खड़गा कोर के अधिकारी युद्ध अभ्यास क्षेत्र में बात करते हुए। सैन्य प्रवक्ता
अंबाला। भारतीय सेना के खड़गा कोर ने 24 और 25 नवंबर को महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक एकीकृत फील्ड फायरिंग अभ्यास, खड़गा शक्ति का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस व्यापक अभ्यास का उद्देश्य एक बनावटी युद्ध क्षेत्र वातावरण में संयुक्त सशस्त्र ऑपरेशन की प्रभावशीलता का परीक्षण और सत्यापन करना था।
आधुनिक तकनीकों का परीक्षण
खड़गा कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने खड़गा शक्ति अभ्यास का निरीक्षण और समीक्षा की। उन्होंने समन्वित युद्धाभ्यास और हमलावर हेलीकॉप्टरों, आर्टिलरी गन, बख्तरबंद और मशीनीकृत प्लेटफॉर्म और पैदल सेना के हथियारों सहित विभिन्न सैन्य संपत्तियों की एकीकृत फायरिंग का प्रदर्शन देखा। सैनिकों ने लाइव फायरिंग अभ्यास, युद्ध रणनीति और हवाई सहायता मिशनों के माध्यम से अपनी युद्ध तत्परता का प्रदर्शन किया, जिसमें स्वॉर्म ड्रोन, लोइटर म्यूनिशन सिस्टम, क्वाडकॉप्टर और लॉजिस्टिक ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल थी।
जीओसी ने सैनिकों से की बातचीत
खड़गा कोर के जीओसी पुष्कर ने सैनिकों से बातचीत भी की और उच्च स्तर की तत्परता और ऑपरेशनल उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को उजागर किया। उन्होंने असाधारण पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए सैनिकों की सराहना की और पश्चिमी मोर्चे पर भविष्य के अभियानों के लिए निर्णायक बल बने रहने की खड़गा कोर की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खड़गा शक्ति अभ्यास आधुनिक युद्ध तकनीकों पर भारतीय सेना के फोकस और युद्ध की तैयारी के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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आधुनिक तकनीकों का परीक्षण
खड़गा कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने खड़गा शक्ति अभ्यास का निरीक्षण और समीक्षा की। उन्होंने समन्वित युद्धाभ्यास और हमलावर हेलीकॉप्टरों, आर्टिलरी गन, बख्तरबंद और मशीनीकृत प्लेटफॉर्म और पैदल सेना के हथियारों सहित विभिन्न सैन्य संपत्तियों की एकीकृत फायरिंग का प्रदर्शन देखा। सैनिकों ने लाइव फायरिंग अभ्यास, युद्ध रणनीति और हवाई सहायता मिशनों के माध्यम से अपनी युद्ध तत्परता का प्रदर्शन किया, जिसमें स्वॉर्म ड्रोन, लोइटर म्यूनिशन सिस्टम, क्वाडकॉप्टर और लॉजिस्टिक ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल थी।
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जीओसी ने सैनिकों से की बातचीत
खड़गा कोर के जीओसी पुष्कर ने सैनिकों से बातचीत भी की और उच्च स्तर की तत्परता और ऑपरेशनल उत्कृष्टता बनाए रखने के लिए सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता को उजागर किया। उन्होंने असाधारण पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए सैनिकों की सराहना की और पश्चिमी मोर्चे पर भविष्य के अभियानों के लिए निर्णायक बल बने रहने की खड़गा कोर की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खड़गा शक्ति अभ्यास आधुनिक युद्ध तकनीकों पर भारतीय सेना के फोकस और युद्ध की तैयारी के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

खड़गा कोर के अधिकारी युद्ध अभ्यास क्षेत्र में बात करते हुए। सैन्य प्रवक्ता

खड़गा कोर के अधिकारी युद्ध अभ्यास क्षेत्र में बात करते हुए। सैन्य प्रवक्ता
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