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Ambala News: बाल तस्करी की सूचना पर खंगाली कर्मभूमि एक्सप्रेस, संरक्षण में लिया बच्चा भी निकला बालिग

Fri, 06 Feb 2026 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Fri, 06 Feb 2026 01:13 AM IST
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Karmabhoomi Express searched on information of child trafficking, child taken under protection also turned out to be an adult
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर आई कर्मभूमि एक्सप्रेस से उतरते यात्री। संवाद
अंबाला। बाल तस्करी की सूचना पर खंगाली गई कर्मभूमि एक्सप्रेस में चलाया गया अभियान सफल नहीं हो पाया। ट्रेन से मात्र एक बच्चा ही संरक्षण में लिया गया और वो भी बालिग निकला। यह कार्रवाई वीरवार को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर की गई। इस अभियान के असफल होने का सबसे बड़ा कारण अधूरी तैयारी नजर आई क्योंकि ट्रेन के 22 कोच को खंगालने के लिए मात्र 10 कर्मचारी मौके पर तैनात रहे और ट्रेन के दस मिनट के ठहराव के दौरान सभी कोचों से बच्चों को संरक्षण में लेना नामुमकिन था।
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24 बच्चों की थी सूचना
जिला विकास संगठन को जानकारी मिली थी कि ट्रेन नंबर 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस में 24 से अधिक नाबालिग बच्चे बाल तस्करी के तहत पंजाब ले जाए जा रहे हैं। इंजन के साथ वाली बोगी में सीट नंबर 9 से 25 के बीच तीन बच्चे बैठे हैं। इसी प्रकार सीट नंबर 60 से 75 के बीच पांच बच्चे, 34 से 60 के बीच 11 बच्चे, बोगी नंबर सात में चार बच्चे, सीट नंबर 11 से 23 के बीच सात बच्चे, बोगी नंबर 10 में चार बच्चे और बोगी नंबर 12 में छह बच्चों की सूचना मिली थी। जिला विकास संगठन ने ट्रेन के आने से लगभग आधा घंटा पहले इसकी जानकारी जीआरपी व आरपीएफ को दी। ऐसे में कर्मचारियों को मौके पर एकत्रित करना काफी मुश्किल था। बावजूद इसके दोनों एजेंसियों ने पांच-पांच कर्मचारियों को संगठन के कर्मचारियों के साथ प्लेटफार्म पर भेजा, लेकिन ट्रेन का ठहराव मात्र दस मिनट का था। टीम के सदस्य जब अलग-अलग कोच में सवार हुए तो भीड़ के कारण वो अंदर दाखिल ही नहीं हो पाए और जो कोच के अंदर गए तो उन्हें बच्चों को ढूंढने में ही समय लग गया।
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30 मिनट तक सहारनपुर पर खड़ी रही ट्रेन
इस कार्रवाई पर सुरक्षा एजेंसियों ने भी आपत्ति दर्ज करवाई है। उन्होंने बताया कि अंबाला कैंट स्टेशन पर आने से पहले कर्मभूमि एक्सप्रेस का ठहराव सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर था और यहां ट्रेन लगभग 30 मिनट तक खड़ी रही, बावजूद इसके संगठन के पदाधिकारियों ने इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी, अन्यथा सहारनपुर स्टेशन पर ही बच्चों को संरक्षण में लिया जा सकता था।
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बाल तस्करी की सूचना मिलने पर कर्मभूमि एक्सप्रेस को खंगाला गया था। इसमें से एक बच्चे को संरक्षण में लिया गया और वो भी बालिग मिला। अधूरी तैयारी के साथ यह कार्य किया गया था इसलिए टीम को कामयाबी नहीं मिल पाई, वहीं संगठन ने भी कुछ देर पहले ही इसका संदेश दिया था।

हरीश कुमार, प्रभारी जीआरपी, अंबाला।

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर आई कर्मभूमि एक्सप्रेस से उतरते यात्री। संवाद

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर आई कर्मभूमि एक्सप्रेस से उतरते यात्री। संवाद

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर आई कर्मभूमि एक्सप्रेस से उतरते यात्री। संवाद

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर आई कर्मभूमि एक्सप्रेस से उतरते यात्री। संवाद

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