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Ambala News: अति शीत दिवस होने से ठिठुरन ने सताया
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नारायणगढ़ एसएमओ डॉ. प्रवीण कुमार। डीपीआईआरओ
अंबाला सिटी। सुबह से शाम तक ठंड ने बेहाल किया। अति शीत दिवस (सीवियर कोल्ड डे) होने से ठंड ज्यादा रही। इस वजह से अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 6.0 डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 3 जनवरी तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तरी व उत्तर पश्चिमी ठंडी हवा हल्की गति से चलने से दिन व रात्रि तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
इस दौरान राज्य के कुछ एक क्षेत्रों में अलसुबह धुंध रहने के आसार हैं। वहीं, तीन जनवरी तक शीत लहर की स्थिति की संभावना बन रही है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने 2 जनवरी तक शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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शीत लहर से बचने के लिए सावधानियां रखना है जरूरी : एसएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर (अंबाला)। एसएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने शीत लहर के चलते शीत-घात से बचाव को लेकर कुछ सावधानियां रखने को कहा है। उन्होंने शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इन दिनों शीतलहर चल रही है। इसी के मद्देनजर हम सावधानी बरतकर शीत घात से बच सकते हैं। शीतलहर से बचाव के लिए इन बातों की पालना जरूर करें।
सर्दियों के लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें
उन्होंने कहा कि शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो, टीवी व समाचार पत्रों से मौसम संबंधित जानकारी लेते रहे। सर्दियों लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा के प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों और खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। फ्लू, नॉक बहना जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं, इसलिए स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डॉक्टर से परामर्श करें।
उन्होंने कहा कि जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचे। गर्म कपड़े पहनें। तंग कपड़े खून के बहाव को रोकते हैं, इनसे बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। हाथों में दस्ताने रखें। सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्य वर्धक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी।
जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें
उन्होंने बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं, विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हाल चाल पूछते रहें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें, लेकिन रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह कार्बन मोनोआक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है।
उन्होंने कहा कि शीतलहर के दौरान पशुओं और पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है, क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। रात के समय पशुओं के आवास को सभी तरफ से ढक दें ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके। चारा खाने, खिलाने और चबाने के व्यवहार पर वसा की खुराक-केंद्रित अनुपात प्रदान करें। सर्दियों के दौरान पशुओं के नीचे सूखे भूसे जैसी कुछ बिस्तर सामग्री डालें।
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 3 जनवरी तक मौसम आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तरी व उत्तर पश्चिमी ठंडी हवा हल्की गति से चलने से दिन व रात्रि तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
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इस दौरान राज्य के कुछ एक क्षेत्रों में अलसुबह धुंध रहने के आसार हैं। वहीं, तीन जनवरी तक शीत लहर की स्थिति की संभावना बन रही है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने 2 जनवरी तक शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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शीत लहर से बचने के लिए सावधानियां रखना है जरूरी : एसएमओ
संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर (अंबाला)। एसएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने शीत लहर के चलते शीत-घात से बचाव को लेकर कुछ सावधानियां रखने को कहा है। उन्होंने शीतलहर व सर्दी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इन दिनों शीतलहर चल रही है। इसी के मद्देनजर हम सावधानी बरतकर शीत घात से बच सकते हैं। शीतलहर से बचाव के लिए इन बातों की पालना जरूर करें।
सर्दियों के लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें
उन्होंने कहा कि शीत-घात से बचने के लिए मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो, टीवी व समाचार पत्रों से मौसम संबंधित जानकारी लेते रहे। सर्दियों लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा के प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों और खिड़कियों को ठीक से बंद रखें। फ्लू, नॉक बहना जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं, इसलिए स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों या डॉक्टर से परामर्श करें।
उन्होंने कहा कि जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचे। गर्म कपड़े पहनें। तंग कपड़े खून के बहाव को रोकते हैं, इनसे बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। हाथों में दस्ताने रखें। सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्य वर्धक भोजन लें। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी।
जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें
उन्होंने बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे पड़ोसी जो अकेले रहते हैं, विशेषकर बुजुर्ग लोगों का हाल चाल पूछते रहें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें, लेकिन रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह कार्बन मोनोआक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है।
उन्होंने कहा कि शीतलहर के दौरान पशुओं और पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है, क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। रात के समय पशुओं के आवास को सभी तरफ से ढक दें ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके। चारा खाने, खिलाने और चबाने के व्यवहार पर वसा की खुराक-केंद्रित अनुपात प्रदान करें। सर्दियों के दौरान पशुओं के नीचे सूखे भूसे जैसी कुछ बिस्तर सामग्री डालें।