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Ambala News: पांच एकड़ में बनेगा इंटीग्रेटेड मल्टीपल कॉम्प्लेक्स
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जुवेनाइल बच्चों के लिए सिटी के सद्दोपुर में एक इंटीग्रेटेड मल्टीपल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा जिसमें अलग- अलग मामलों में संलिप्त बच्चों को रखने के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।
लोक निर्माण विभाग को इस कॉम्पलेक्स के लिए 59 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है, जिसमें से भवन निर्माण पर 36 करोड़ रुपये की निविदा जारी की जाएगी। चार अगस्त तक निविदा ऑनलाइन हो जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
ये मिलेगी सुविधाएं : इन केंद्र में जुवेनाइलों को रखने के लिए अलग होम, ओर्ब्सवेशन होम, दोषी किशोर गृह सहित कामकाजी महिलाओं के लिए भी होस्टल की व्यवस्था रहेगी।
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वहीं गंभीर मामलों के बच्चों को रखने की रहेगी अलग व्यवस्था रहेगी, जिससे अन्य किशोरों को खतरा नहीं हो। किशोरों की मानसिकता में बदलाव करने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान में कोर्ट परिसर के पास ही जुवेनाइल होम बनाया गया है, जिसमें सभी बच्चों को रखा जाता है। लंबे समय से पड़ी थी जमीन : महिला एवं बाल विकास विभाग के पास लंबे समय से यह जगह पड़ी थी। जिसके चलते ही इस पर फैसला किया गया है। पांच एकड़ की जमीन में यह निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही विभाग के अन्य लंबित पड़े भवनों को भी बकाया बजट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसमें महिलाओं के लिए सखी केंद्र व जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय भी शामिल रहेगा।
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अंबाला सिटी। जुवेनाइल बच्चों के लिए सिटी के सद्दोपुर में एक इंटीग्रेटेड मल्टीपल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा जिसमें अलग- अलग मामलों में संलिप्त बच्चों को रखने के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।
लोक निर्माण विभाग को इस कॉम्पलेक्स के लिए 59 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है, जिसमें से भवन निर्माण पर 36 करोड़ रुपये की निविदा जारी की जाएगी। चार अगस्त तक निविदा ऑनलाइन हो जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
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ये मिलेगी सुविधाएं : इन केंद्र में जुवेनाइलों को रखने के लिए अलग होम, ओर्ब्सवेशन होम, दोषी किशोर गृह सहित कामकाजी महिलाओं के लिए भी होस्टल की व्यवस्था रहेगी।
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वहीं गंभीर मामलों के बच्चों को रखने की रहेगी अलग व्यवस्था रहेगी, जिससे अन्य किशोरों को खतरा नहीं हो। किशोरों की मानसिकता में बदलाव करने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान में कोर्ट परिसर के पास ही जुवेनाइल होम बनाया गया है, जिसमें सभी बच्चों को रखा जाता है। लंबे समय से पड़ी थी जमीन : महिला एवं बाल विकास विभाग के पास लंबे समय से यह जगह पड़ी थी। जिसके चलते ही इस पर फैसला किया गया है। पांच एकड़ की जमीन में यह निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही विभाग के अन्य लंबित पड़े भवनों को भी बकाया बजट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसमें महिलाओं के लिए सखी केंद्र व जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय भी शामिल रहेगा।