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Ambala News: टांगरी नदी पर बांध निर्माण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:10 AM IST
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Instructions to complete the process of dam construction on Tangri river soon
- पीएमओ और हरियाणा के मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
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संवाद न्यूज एजेंसी

अंबाला। टांगरी नदी में आने वाली बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मंडल आयुक्त कार्यालय ने जगाधरी रोड से पंजाब सीमा तक नदी पर निरंतर बांध निर्माण के लिए उपायुक्त को आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया है।
हरियाणा एंटी-करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के जिला निदेशक व सामाजिक कार्यकर्ता कमल कांत की ओर से इस मुद्दे को उठाया गया है। आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बांध निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य जरूरी औपचारिकताओं को जल्द पूरा किया जाए, साथ ही इस संबंध में की गई प्रगति से शिकायतकर्ता को भी अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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लोगों को मिलेगी राहत

मानसून के दौरान टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ने से अंबाला छावनी के दर्जनों रिहायशी इलाकों में पानी भर जाता है। इससे जान-माल का नुकसान होता है। यदि यह प्रस्तावित बांध समय पर बनकर तैयार होता है, तो क्षेत्र के हजारों परिवारों को बाढ़ के स्थायी खतरे से मुक्ति मिल सकेगी। सामाजिक कार्यकर्ता कमल कांत ने कहा कि यह जनता की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
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1978 से अधूरा पड़ा है बांध

टांगरी नदी के किनारे जगाधरी रोड से पंजाब सीमा तक अधूरा बांध क्षेत्र के लिए खतरा बन गया है। वर्ष 1978 से लंबित इस परियोजना के कारण सरसेहरी, चांदपुरा और अंबाला छावनी के दर्जनों गांवों पर हर मानसून में बाढ़ की तलवार लटकी रहती है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक इस आपदा में करीब 2200 करोड़ रुपये की संपत्ति और फसलों का नुकसान हो चुका है, जबकि 7 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बांध के अधूरे होने का मुख्य कारण कुछ भूमि मालिकों द्वारा जमीन देने से इन्कार करना बताया गया है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जनहित में त्वरित कार्रवाई की जाए। मांग की गई है कि पंजाब बॉर्डर तक इस निरंतर बंध का निर्माण जल्द पूरा कर इसे डिजास्टर रिस्क रिडक्शन योजना में शामिल किया जाए ताकि हजारों किसानों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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