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Ambala News: आईएमए की हड़ताल बढ़ाएगी बीमारों का मर्ज
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अंबाला सिटी आईएमए प्रधान डॉ अशोक सारवाल।
अंबाला सिटी। आयुष्मान योजना के तहत करोड़ों के बकाया भुगतान को लेकर एक बार फिर से आईएमए ने दो टूक फैसला लेते हुए एक जुलाई से उपचार न करने की घोषणा कर दी है। इससे योजना से जुड़े लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आईएमए के अधिकारियों को भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया है, लेकिन आईएमए एक जुलाई तक भुगतान नहीं होने पर हड़ताल करने के फैसला पर अड़ गया है। शनिवार को आईएमए की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आईएमए सदस्यों के साथ बैठक भी की थी, लेकिन वह बेनतीजा रही।
आईएमए अधिकारियों का कहना है कि वे आईएमए के आला अधिकारियों से बात करने के बाद ही फैसला लेंगे। रविवार को आईएमए की राज्यस्तरीय ऑनलाइन बैठक भी होगी। इसमें आयुष्मान योजना पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल के लिए आईएमए के सदस्यों ने हड़ताल की घोषणा जारी रखी है।
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पांच लाख से अधिक लाभार्थी होंगे प्रभावित
अंबाला में आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख 10 हजार से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं। अंबाला में आयुष्मान योजना के तहत 45 निजी अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा 25 सरकारी स्वास्थ्य इकाइयां भी जुड़ी हैं। ऐसे में उपचार न मिलने से लाखों लोगों को भटकने पर मजबूर होना पड़ेगा। इसके साथ ही सरकारी ईकाइयों पर भी बोझ अधिक बढ़ेगा।
जिले में 20 करोड़ का भुगतान बाकी
जिला अंबाला में निजी अस्पतालों का 20 करोड़ रुपए के करीब भुगतान बकाया है। इतना ही नहीं आईएमए अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से 15 दिनों में बिल का भुगतान किए जाने का नियम है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार उनका बकाया नहीं दे रही है। इसके साथ ही जो भुगतान आता है उसके बहुत अधिक कटौती की जाती है। मार्च माह में सरकार ने भुगतान का आश्वासन लिखित में भी दिया था। इसके बाद अभी तक भुगतान नहीं किया है।
सिर्फ आश्वासन देती है सरकार
अंबाला सिटी आईएमए प्रधान डॉ अशोक सारवाल ने कहा कि सरकार कार्ड तो बना देती है, लेकिन उपचार के लिए समय पर फंड जारी नहीं करती है। ऐसे में निजी अस्पतालों को भी आर्थिक परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर सरकार को 300 करोड़ से अधिक का भुगतान करना है। फिलहाल के लिए एक जुलाई के फैसले पर ही डटे हैं। रविवार को जो भी फैसला होगा उसके आधार पर आगे की रणनीति बनेगी।
आईएमए के फैसले पर रहेंगे कायम
छावनी के आईएमए प्रधान डॉ. विवेक मल्होत्रा ने बताया कि वे शनिवार को बैठक में गए थे। उन्होंने भी आईएमए के फैसले के साथ जाने का निर्णय लिया है। उनकी मांग है कि सरकार को जल्द से जल्द उनका बकाया भुगतान कर देना चाहिए।
वर्जन
शनिवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आईएमए अधिकारियों को जल्द ही भुगतान का आश्वासन दिया गया है। सरकार से भी बातचीत जारी है। जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान डिजिटल भारत योजना, अंबाला
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स्वास्थ्य विभाग ने आईएमए के अधिकारियों को भुगतान जल्द करने का आश्वासन दिया है, लेकिन आईएमए एक जुलाई तक भुगतान नहीं होने पर हड़ताल करने के फैसला पर अड़ गया है। शनिवार को आईएमए की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आईएमए सदस्यों के साथ बैठक भी की थी, लेकिन वह बेनतीजा रही।
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आईएमए अधिकारियों का कहना है कि वे आईएमए के आला अधिकारियों से बात करने के बाद ही फैसला लेंगे। रविवार को आईएमए की राज्यस्तरीय ऑनलाइन बैठक भी होगी। इसमें आयुष्मान योजना पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल के लिए आईएमए के सदस्यों ने हड़ताल की घोषणा जारी रखी है।
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पांच लाख से अधिक लाभार्थी होंगे प्रभावित
अंबाला में आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख 10 हजार से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हैं। अंबाला में आयुष्मान योजना के तहत 45 निजी अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा 25 सरकारी स्वास्थ्य इकाइयां भी जुड़ी हैं। ऐसे में उपचार न मिलने से लाखों लोगों को भटकने पर मजबूर होना पड़ेगा। इसके साथ ही सरकारी ईकाइयों पर भी बोझ अधिक बढ़ेगा।
जिले में 20 करोड़ का भुगतान बाकी
जिला अंबाला में निजी अस्पतालों का 20 करोड़ रुपए के करीब भुगतान बकाया है। इतना ही नहीं आईएमए अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से 15 दिनों में बिल का भुगतान किए जाने का नियम है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार उनका बकाया नहीं दे रही है। इसके साथ ही जो भुगतान आता है उसके बहुत अधिक कटौती की जाती है। मार्च माह में सरकार ने भुगतान का आश्वासन लिखित में भी दिया था। इसके बाद अभी तक भुगतान नहीं किया है।
सिर्फ आश्वासन देती है सरकार
अंबाला सिटी आईएमए प्रधान डॉ अशोक सारवाल ने कहा कि सरकार कार्ड तो बना देती है, लेकिन उपचार के लिए समय पर फंड जारी नहीं करती है। ऐसे में निजी अस्पतालों को भी आर्थिक परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर सरकार को 300 करोड़ से अधिक का भुगतान करना है। फिलहाल के लिए एक जुलाई के फैसले पर ही डटे हैं। रविवार को जो भी फैसला होगा उसके आधार पर आगे की रणनीति बनेगी।
आईएमए के फैसले पर रहेंगे कायम
छावनी के आईएमए प्रधान डॉ. विवेक मल्होत्रा ने बताया कि वे शनिवार को बैठक में गए थे। उन्होंने भी आईएमए के फैसले के साथ जाने का निर्णय लिया है। उनकी मांग है कि सरकार को जल्द से जल्द उनका बकाया भुगतान कर देना चाहिए।
वर्जन
शनिवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आईएमए अधिकारियों को जल्द ही भुगतान का आश्वासन दिया गया है। सरकार से भी बातचीत जारी है। जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान डिजिटल भारत योजना, अंबाला

अंबाला सिटी आईएमए प्रधान डॉ अशोक सारवाल।

अंबाला सिटी आईएमए प्रधान डॉ अशोक सारवाल।