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यहां नहीं रुकूंगा, ओलंपिक तक लडूंगा : सरबजोत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2024 06:21 AM IST
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I will not stop here, I will fight till the Olympics: Sarbjot
वैभव शर्मा
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अंबाला। पेरिस ओलंपिक में शूटिंग के मिक्स मुकाबले के दौरान देश की झोली में कांस्य पदक डालने वाले सरबजोत सिंह वीरवार रात्रि 12 बजे अपने मुलाना के धीन गांव स्थित आवास पर पहुंच गए थे। इसके बाद सुबह जब दिन हुआ तो सरबजोत के अंबाला आने की सूचना काफी दूर तक फैल गई थी।
जगह-जगह से लोग आने लगे और सरबजोत का सम्मान करते दिखाई दिए। यहां सरबजोत सिंह ने अमर उजाला को साक्षात्कार देते हुए बताया कि पेरिस ओलंपिक के बाद भी उनके लक्ष्य में अभी भी आगामी ओलंपिक ही सर्वोपरि रहेगा। वह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करें और देश के लिए और अच्छा खेलकर दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं यहां नहीं रुकूंगा, फिर ओलंपिक के लिए लडूंगा।
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विश्व कप हो या कोई और प्रतियोगिता हर बार मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना है, चाहें वह कोई छोटी ही प्रतियोगिता क्यों न हो। सरबजोत अपने सफर का श्रेय परिजन, खेलो इंडिया जैसे खेलों जिन्होंने बढ़ावा दिया, शूटिंग फेडरेशन, साई व कोच को देते हैं। उन्होंने सभी एथलीटों को संदेश दिया कि माइंडसेट बहुत जरूरी है, किसी भी खेल को माइंडसेट के साथ खेलें जीत मिलेगी।
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टूटी सड़क से जाकर पकड़ते थे बस

सरबजोत सिंह ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि उनके घर को एक सड़क आती है। यह सड़क पहले काफी टूटी हुई थी। यहां से रोजाना सुबह पांच बजे उठकर जल्दी बाइक से वह दोसड़का बस स्टॉप तक जाते है। इसके बाद दोसड़का से बस से होते हुए अंबाला छावनी जाते थे। इसके बाद रात्रि के समय आते थे। अब तक के सफर को लेकर सरबजोत ने कहा कि अपने सफर को याद करता हूं तो सोचकर अच्छा लगता है। कई यादें हैं, दोस्तों के साथ या अन्य के साथ काफी अच्छा महसूस कराती हैं। मेरे पास अभी भी पुरानी वीडियो हैं कि जब कोच नहीं होते थे तो सभी दोस्तों के साथ रेंज पर मस्ती भी करते थे। सरबजोत बताते हैं कि सबसे पहले तो खिलाड़ी की विजन साफ होना चाहिए चाहें वह छोटी प्रतियोगिता ही क्यों न हो।

हरियाणा में शूटिंग को मिलना चाहिए बढ़ावा

सरबजोत सिंह ने बताया कि हरियाणा में शूटिंग के खेल को बढ़ावा मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। आगे जाकर अच्छा देखने को मिलेगा। उनकी शूटिंग अकादमी में उन्हें अच्छी सुविधाएं मिली। विश्व कम स्तर की शूटिंग रेंज थी जिसने उनके खेल में काफी मदद की।


खानपान के लिए नहीं हुई दिक्कत

पेरिस से शाकाहारी भोजन करने वाले खिलाड़ियों को आ रहीं दिक्कतों पर सरबजोत ने बताया कि वे नॉनवेज का सेवन करते हैं। इस कारण से उन्हें दिक्कत नहीं आई थी। अक्सर अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शाकाहार को लेकर यह दिक्कत जरूर होती है। हालांकि पेरिस ओलंपिक में शाकाहारी खाने को लेकर समस्या उनके सामने नहीं आई।
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