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Ambala News: सामक के आटे की रोटियां खाने से बिगड़ी परिवार के छह सदस्यों की तबीयत
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अंबाला। नवरात्र के व्रत के चलते सामक का आटा खाने से छावनी के रामबाग रोड पर रहने वाले एक परिवार के छह सदस्यों की शनिवार देर रात तबीयत बिगड़ गई। आठ बजे जैसे ही व्रत खोलने के लिए बनी सामक के आटे की रोटी खाई तो एक-एक कर सभी छह सदस्यों को बैचेनी, उल्टी, सिर व पेट में दर्द, चक्कर आने लगे। पहले परिवार कुछ देर तक हालत में सुधार होने का इंतजार करता रहा। हालत बिगड़ती देख उन्हें दूसरे रिश्तेदार की मदद से छावनी के नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां करीब एक घंटे तक उनका उपचार चला। डॉक्टर ने टीके लगाए। साथ ही दवाइयां देने के साथ-साथ ओआरएस का घोल भी दिया, ताकि उन्हें उल्टी न आए और शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके। बीमार होने वालों में छावनी रामबाग रोड निवासी 52 वर्षीय भीम सेन, 52 वर्षीय सुषमा, 24 वर्षीय अमित, 27 वर्षीय पुनम, 21 वर्षीय रंजू, 18 वर्षीय चारू शामिल हैं।
बीमार 52 वर्षीय सुषमा ने बताया कि उनके घर में हर साल नवरात्र की पूजा होती है और व्रत भी रखते हैं। हर बार की तरह घर में पूनम, रंजू व चारू तीनों बेटियों ने व्रत रखा हुआ था। हर रोज की तरह तीनों के लिए सामक के आटे की रोटियों के साथ-साथ रायता आदि बनाया था। उनके साथ-साथ सभी ने भी आटे की रोटी खा ली। उस समय तो कुछ नहीं हुआ लेकिन कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी के पेट में दर्द होने लगा। देखते ही देखते चक्कर आने लगी और तबीयत बिगड़ती चली गई।
खरीददारी करते समय करें जांच
छावनी नागरिक अस्पताल के डॉ. अंकुश ने बताया कि नवरात्र के समय में कुट्टू, सामक व सिंघाड़े के आटे और चावल की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इसकी खरीदारी करते समय जांच कर लेनी चाहिए कि वह एक्सपायरी तो नहीं। अक्सर दुकानदार पुराना माल निकालने के चक्कर में खराब सामान थमा देते हैं। ज्यादा पुराना आटा ही पेट में इंफेक्शन कर देता है।
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नवरात्र को लेकर समय-समय पर दुकानों की जांच कर नमूने लिए जा रहे हैं। उनके पास इस तरह का कोई मामला नहीं आया है। ऐसा है तो तुरंत संबंधित दुकानदार की दुकान में रखे आटे आदि सामान के नमूने लिए जाएंगे।
-राजीव कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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बीमार 52 वर्षीय सुषमा ने बताया कि उनके घर में हर साल नवरात्र की पूजा होती है और व्रत भी रखते हैं। हर बार की तरह घर में पूनम, रंजू व चारू तीनों बेटियों ने व्रत रखा हुआ था। हर रोज की तरह तीनों के लिए सामक के आटे की रोटियों के साथ-साथ रायता आदि बनाया था। उनके साथ-साथ सभी ने भी आटे की रोटी खा ली। उस समय तो कुछ नहीं हुआ लेकिन कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी के पेट में दर्द होने लगा। देखते ही देखते चक्कर आने लगी और तबीयत बिगड़ती चली गई।
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खरीददारी करते समय करें जांच
छावनी नागरिक अस्पताल के डॉ. अंकुश ने बताया कि नवरात्र के समय में कुट्टू, सामक व सिंघाड़े के आटे और चावल की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इसकी खरीदारी करते समय जांच कर लेनी चाहिए कि वह एक्सपायरी तो नहीं। अक्सर दुकानदार पुराना माल निकालने के चक्कर में खराब सामान थमा देते हैं। ज्यादा पुराना आटा ही पेट में इंफेक्शन कर देता है।
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नवरात्र को लेकर समय-समय पर दुकानों की जांच कर नमूने लिए जा रहे हैं। उनके पास इस तरह का कोई मामला नहीं आया है। ऐसा है तो तुरंत संबंधित दुकानदार की दुकान में रखे आटे आदि सामान के नमूने लिए जाएंगे।
-राजीव कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी