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हेडमास्टर मौत प्रकरण: साले और पत्नी पर हत्या का केस दर्ज
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राजकीय मिडल स्कूल बटरोहन में कार्यरत एलीमेंट्री हेडमास्टर सुखबीर सिंह की मौत प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। अब इस मामले में सुखबीर सिंह के 80 वर्षीय पिता गुरदयाल सिंह की शिकायत पर मृतक की पत्नी अमरिंद्र कौर और साले अमरिंद्र सिंह पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। बता दें कि इलाज के दौरान सुखबीर सिंह ने पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ा था। अब मौत के करीब दो माह बाद इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया है। डीजीपी की दखल के बाद बलदेव नगर थाना पुलिस ने यह केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी पत्नी साहा के राजकीय स्कूल में तैनात है।
क्या है मामला: पुलिस को दी शिकायत में मृतक हेडमास्टर के नहोनी में रहने वाले पिता गुरदयाल सिंह ने बताया कि सुखबीर सिंह की पत्नी और साले ने साजिश के तहत उसके बेटे को हत्या की नीयत से चोट पहुंचाई। इतना ही नहीं उसके बेटे की मौत के बारे में भी दोनों ने उसे नहीं बताया बल्कि पुलिस ने 12 अप्रैल को उन्हें सूचित किया था। गुरदयाल सिंह के अनुसार करीब 18 साल पहले उनके बेटे सुखबीर की शादी अमरिंदर कौर से हुई थी। उनके पास दो बच्चे हैं। अमरिंद्र कौर अध्यापक है जबकि उसका भाई अमरिंद्र सिंह नशे का धंधा करता है। दोनों भाई-बहन मिलकर सुखबीर को पीटते थे। कई बार धमकाया कि यदि मौका मिला तो वे उसे ठिकाने लगा देंगे।
आरोप हैं कि दोनों मिलकर सुखबीर से सैलरी तक छीन लेते थे। इससे पहले भी दोनों ने उसके सिर पर चोटें मारी थी। इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गया था और आरोपियों ने माफी मांग ली थी। बावजूद इसके वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। मार्च माह में नोहनी गए सुखबीर ने अपने पिता गुरदयाल को उत्पीड़न बारे बताया था। कई बार समझाने का भी उनपर कोई असर नहीं हुआ। 12 अप्रैल को बलदेव नगर पुलिस से गुरदयाल को पता चला कि चोट लगने से सुखबीर की पीजीआइ में मौत हो चुकी है। जब वह वहां पहुंचे तो पता चला कि मौत को 11 को हो गई थी। इसके बाद एक दिन जब वे पत्नी के साथ सुखबीर न्यू प्रताप कालोनी अंबाला शहर आए तो उन्होंने परिवार को यह कहते हुए सुना कि चलो उसका काम तमाम कर दिया और किसी को पता भी नहीं चला। अब तो संस्कार भी हो चुका है, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
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क्या है मामला: पुलिस को दी शिकायत में मृतक हेडमास्टर के नहोनी में रहने वाले पिता गुरदयाल सिंह ने बताया कि सुखबीर सिंह की पत्नी और साले ने साजिश के तहत उसके बेटे को हत्या की नीयत से चोट पहुंचाई। इतना ही नहीं उसके बेटे की मौत के बारे में भी दोनों ने उसे नहीं बताया बल्कि पुलिस ने 12 अप्रैल को उन्हें सूचित किया था। गुरदयाल सिंह के अनुसार करीब 18 साल पहले उनके बेटे सुखबीर की शादी अमरिंदर कौर से हुई थी। उनके पास दो बच्चे हैं। अमरिंद्र कौर अध्यापक है जबकि उसका भाई अमरिंद्र सिंह नशे का धंधा करता है। दोनों भाई-बहन मिलकर सुखबीर को पीटते थे। कई बार धमकाया कि यदि मौका मिला तो वे उसे ठिकाने लगा देंगे।
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आरोप हैं कि दोनों मिलकर सुखबीर से सैलरी तक छीन लेते थे। इससे पहले भी दोनों ने उसके सिर पर चोटें मारी थी। इलाज के बाद वह स्वस्थ हो गया था और आरोपियों ने माफी मांग ली थी। बावजूद इसके वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। मार्च माह में नोहनी गए सुखबीर ने अपने पिता गुरदयाल को उत्पीड़न बारे बताया था। कई बार समझाने का भी उनपर कोई असर नहीं हुआ। 12 अप्रैल को बलदेव नगर पुलिस से गुरदयाल को पता चला कि चोट लगने से सुखबीर की पीजीआइ में मौत हो चुकी है। जब वह वहां पहुंचे तो पता चला कि मौत को 11 को हो गई थी। इसके बाद एक दिन जब वे पत्नी के साथ सुखबीर न्यू प्रताप कालोनी अंबाला शहर आए तो उन्होंने परिवार को यह कहते हुए सुना कि चलो उसका काम तमाम कर दिया और किसी को पता भी नहीं चला। अब तो संस्कार भी हो चुका है, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
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