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Ambala News: 40 साल पुराने मामले को समेटने में जुटी जीआरपी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2025 06:48 AM IST
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GRP is busy in solving the 40 year old case
अंबाला। लगभग 40 साल पुराने लाखों रुपये के बर्तनों को समेटने की तैयारी जीआरपी ने की है। बाकायदा इसके लिए एसपी रेलवे से मार्गदर्शन मांगा गया है। जीआरपी थाने के गोदाम की सफाई करते हुए मिले बर्तनों को प्रशासन के सुपुर्द करने की तैयारी है ताकि कंडम हो चुकी इमारत के कारण सामान कहीं क्षतिग्रस्त न हो जाए।
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इनमें स्टील सहित तांबे के नए बर्तन हैं जोकि घरेलू कार्यों सहित शादी व अन्य समारोहों में इस्तेमाल हो सकते हैं। इन बर्तनों को लेकर कुछ समय ही कार्रवाई हुई थी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जब पिछले दिनों थाने के गोदाम की सफाई की गई तो बर्तनों का भंडार मिलने से सभी कर्मचारी हैरान-परेशान हो गए। जब इससे जुड़े मामले को खंगाला तो एफआईआर की जानकारी मिली। इसलिए मौजूद जीआरपी प्रभारी ने इन बर्तनों को लेकर एक बार फिर पत्राचार किया है।
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1994 का था मामला
यह मामला वर्ष 1994 का है। इसके तहत जगाधरी के एक व्यापारी ने जीएसटी बचाने के चक्कर में 100 से अधिक नग बराड़ा रेलवे स्टेशन पर भिजवाए थे। इन नगों को मालगाड़ी के द्वारा दूसरे राज्यों में भेजा जाना था। जीआरपी को जब इसकी भनक लगी तो जांच शुरु हुई। मामले की तहत तक पहुंचने के लिए सेल्स टैक्स सहित अन्य विभागीय अधिकारियों की मदद ली गई। जब खुलासा हुआ तो पूरा सामान बिना बिल और जीएसटी के पाया गया। इसके बाद व्यापारी की धरपकड़ के भी प्रयास किए गए जोकि सफल नहीं हो पाए। फिर कुछ समय बाद इन बर्तनों को अंबाला छावनी के जीआरपी थाने में भेज दिया जोकि गोदाम में रख दिए गए थे।
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बदले आठ थाना प्रबंधक
पिछले लगभग 40 वर्षों में अंबाला छावनी जीआरपी थाने के आठ प्रभारी बदल चुके हैं। लेकिन किसी भी प्रभारी ने बर्तनों के भंडार के निस्तारण को लेकर कोई भी कार्यवाही नहीं की। न ही किसी ने गोदाम मे जाकर बर्तनों सहित अन्य जब्त किए गए सामान को देखने की कोशिश की। यही कारण रहा कि इस मामले में कोई भी पुख्ता कार्यवाही आजतक नहीं हो पाई।

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बर्तनों का मामला लगभग 40 वर्ष पुराना है। साफ-सफाई के दौरान जब बर्तनों का भंडारा मिला तो काफी हैरानी हुई। जब दस्तावेजों को खंगाला गया तो वर्ष 1994 में दर्ज एफआईआर से इसका खुलासा हुआ। इन बर्तनों के निस्तारण के लिए अब विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है।
धर्मबीर सिंह, प्रभारी जीआरपी, अंबाला।

फाइल फोटो--कल्पना।

फाइल फोटो--कल्पना।

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