{"_id":"65381b7fe91b7f546f04274b","slug":"great-gurmat-samagam-held-in-historical-gurdwara-lakhnore-sahib-ambala-news-c-36-1-amb1002-12729-2023-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: ऐतिहासिक गुरुद्वारा लखनौर साहिब में हुआ महान गुरमत समागम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: ऐतिहासिक गुरुद्वारा लखनौर साहिब में हुआ महान गुरमत समागम
विज्ञापन
अंबाला सिटी। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री लखनौर साहिब में हर साल की तरह दशहरे पर महान गुरमत समागम का आयोजन किया गया।इसमे बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष नतमस्तक हुए। गुरुद्वारा साहिब में संगतों के लिए लंगर का विशेष प्रबंध किया गया। इस अवसर पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के महासचिव रमणीक सिंह मान ने विशेष तौर पर शिरकत की।
समागम में पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थे, कविशरी व कथावाचकों ने संगतों को गुरबाणी से सादा जीवन व्यतीत करने व भगवान का नाम जपने का आह्वान किया। एसजीपीसी के पूर्व सदस्य गुरदीप सिंह भनोखेड़ी ने बताया कि बुधवार को गुरुद्वारा साहिब में अमृत संचार होगा। अमृत पान के इच्छुक लोगों को पांच ककार कमेटी की ओर से दिए जाएंगे। गुरुद्वारा साहिब की लोकल प्रबंधक कमेटी द्वारा अखंड पाठ साहिब के भोग उपरांत खुले पंडाल में दीवान सजाए गए। इसमें प्रसिद्ध कथा वाचक गिआनी अमरजीत सिंह अमृतसर ने कथा द्वारा गुरु व गुरबाणी का विस्तृत वर्णन किया। इस दौरान परमवीर सिंह पंजोखरा साहिब, भाई केवल सिंह ने सिख इतिहास पर प्रकाश डाला। गुरप्रीत सिंह लांडरां वाले, करतार सिंह मेहरम ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। अमृत सिंह हजूरी रागी लखनौर साहिब नेअपनी मधुर वाणी से संगतों को शब्द कीर्तन के जरिए निहाल किया।
माता गुजर कौर का था मायका
महासचिव रमणीक सिंह मान ने कहा कि माता गुजर कौर का यहां पर मायका था और गुरु गोबिंद सिंह जी का बचपन इसी स्थान पर गुजरा था। उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी को लंबी लड़ाई के बाद गुरु घरों की सेवा करने का अवसर मिला है। आने वाले कमेटी के चुनावों में अपने सही नुमाइंदे चुन कर उन्हें गुरु घरों की सेवा करने का अवसर प्रदान करें। इस अवसर पर कमेटी सदस्य टी पी सिंह, एसजीपीसी के पूर्व सदस्य हरपाल सिंह पाली,गुरदीप सिंह भनोखेडी,जत्थेदार सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, गुरुद्वारा मर्दों साहिब लोकल कमेटी के प्रधान जरनैल सिंह बड़ौला, मास्टर महिंदर सिंह सहित कई नेताओं ने शिरकत की।
विज्ञापन
विज्ञापन
समागम में पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थे, कविशरी व कथावाचकों ने संगतों को गुरबाणी से सादा जीवन व्यतीत करने व भगवान का नाम जपने का आह्वान किया। एसजीपीसी के पूर्व सदस्य गुरदीप सिंह भनोखेड़ी ने बताया कि बुधवार को गुरुद्वारा साहिब में अमृत संचार होगा। अमृत पान के इच्छुक लोगों को पांच ककार कमेटी की ओर से दिए जाएंगे। गुरुद्वारा साहिब की लोकल प्रबंधक कमेटी द्वारा अखंड पाठ साहिब के भोग उपरांत खुले पंडाल में दीवान सजाए गए। इसमें प्रसिद्ध कथा वाचक गिआनी अमरजीत सिंह अमृतसर ने कथा द्वारा गुरु व गुरबाणी का विस्तृत वर्णन किया। इस दौरान परमवीर सिंह पंजोखरा साहिब, भाई केवल सिंह ने सिख इतिहास पर प्रकाश डाला। गुरप्रीत सिंह लांडरां वाले, करतार सिंह मेहरम ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। अमृत सिंह हजूरी रागी लखनौर साहिब नेअपनी मधुर वाणी से संगतों को शब्द कीर्तन के जरिए निहाल किया।
विज्ञापन
माता गुजर कौर का था मायका
महासचिव रमणीक सिंह मान ने कहा कि माता गुजर कौर का यहां पर मायका था और गुरु गोबिंद सिंह जी का बचपन इसी स्थान पर गुजरा था। उन्होंने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी को लंबी लड़ाई के बाद गुरु घरों की सेवा करने का अवसर मिला है। आने वाले कमेटी के चुनावों में अपने सही नुमाइंदे चुन कर उन्हें गुरु घरों की सेवा करने का अवसर प्रदान करें। इस अवसर पर कमेटी सदस्य टी पी सिंह, एसजीपीसी के पूर्व सदस्य हरपाल सिंह पाली,गुरदीप सिंह भनोखेडी,जत्थेदार सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, गुरुद्वारा मर्दों साहिब लोकल कमेटी के प्रधान जरनैल सिंह बड़ौला, मास्टर महिंदर सिंह सहित कई नेताओं ने शिरकत की।
विज्ञापन