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दादा द्वारा बेची गई संपत्ति पोते ने अपने नाम कराई
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सन 1956 में दादा द्वारा बेची गई संपत्ति को दुबई निवासी पोते ने बहन, रिश्तेदारों व नगर परिषद की मिलीभगत से अपने नाम करवा ली। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैंट थाना पुलिस को दी शिकायत में दमनप्रीत सिंह ने बताया कि अंबाला छावनी के कच्चा बाजार में दो मकान नंबर 3140 व 3141 मौजूद हैं। इसे उसने और उसके ताया के लड़के परमिंद्र सिंह ने शांति देवी से 2021 में खरीदा था। जोकि शांति देवी को वह मकान उसके पिता की मृत्यु के पश्चात पंजीकृत वसीयत के तहत सन 2013 को मिला था। शांति देवी के पिता ने यह मकान कुनन सिंह से सन 1964 में खरीदा था। कुनन सिंह ने उक्त मकान लाला वधावा राम व ठाकुर दास से सन 1959 में लिया था। लाला वधावा राम व ठाकुर दास ने इसे सन 1956 में गुरादिता मल व रामदिता मल, अमी चंद्र व कतार चंद से खरीद किया था।
तब से लेकर आज तक यह मकान संबंधित पक्षों के कब्जे में था और वे इस मकान में रह रहे थे। दमनप्रीत ने बताया कि इसके बावजूद संजीव मेहता निवासी दुबई ने अपनी बहन पूनम भाटिया व अन्य रिश्तेदारों से शपथपत्र लेकर नगर परिषद के कर्मचारियों से मिलीभगत कर उसे अपने नाम करवा लिया है। पुलिस ने शिकायत के बाद जांच करते हुए आरोपी संजीव मेहता, पूनम भाटिया, रमेश मेहता, राज मिगलानी, शालिनी, गरिमा, नीरज, विपिन, ईशा, सौरभ व शमा मेहता के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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कैंट थाना पुलिस को दी शिकायत में दमनप्रीत सिंह ने बताया कि अंबाला छावनी के कच्चा बाजार में दो मकान नंबर 3140 व 3141 मौजूद हैं। इसे उसने और उसके ताया के लड़के परमिंद्र सिंह ने शांति देवी से 2021 में खरीदा था। जोकि शांति देवी को वह मकान उसके पिता की मृत्यु के पश्चात पंजीकृत वसीयत के तहत सन 2013 को मिला था। शांति देवी के पिता ने यह मकान कुनन सिंह से सन 1964 में खरीदा था। कुनन सिंह ने उक्त मकान लाला वधावा राम व ठाकुर दास से सन 1959 में लिया था। लाला वधावा राम व ठाकुर दास ने इसे सन 1956 में गुरादिता मल व रामदिता मल, अमी चंद्र व कतार चंद से खरीद किया था।
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तब से लेकर आज तक यह मकान संबंधित पक्षों के कब्जे में था और वे इस मकान में रह रहे थे। दमनप्रीत ने बताया कि इसके बावजूद संजीव मेहता निवासी दुबई ने अपनी बहन पूनम भाटिया व अन्य रिश्तेदारों से शपथपत्र लेकर नगर परिषद के कर्मचारियों से मिलीभगत कर उसे अपने नाम करवा लिया है। पुलिस ने शिकायत के बाद जांच करते हुए आरोपी संजीव मेहता, पूनम भाटिया, रमेश मेहता, राज मिगलानी, शालिनी, गरिमा, नीरज, विपिन, ईशा, सौरभ व शमा मेहता के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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