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Ambala News: जीएमएन कॉलेज ने स्थापित की लैंग्वेज लैब
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अंबाला। विदेश जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को आईलेट्स करने के दौरान काफी मशक्कत करनी पड़ती है। उन्हें उस देश की भाषा का अच्छा ज्ञान होना जरूरी है। इसके लिए आईलेट्स केंद्रों पर मोटी-मोटी फीस देकर विद्यार्थी लंबा समय लगाते हैं। मगर इसके बावजूद भी कई बार उनके आईलेट्स में नंबर कम रह जाते हैं।
ऐसे में उन्हें फिर से मेहनत करनी होती है। ऐसे विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को अब कॉलेज स्तर से ही स्थानीय और विदेशी भाषाओं का ज्ञान हो सकेगा। दरअसल, अंबाला छावनी स्थित जीएमएन कॉलेज ने विद्यार्थियों की इसी परशानी को दूर करने के लिए अपने यहां लैंग्वेज लैब की स्थापना की है। इस लैंग्वेज लैब में किसी भी पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले विद्यार्थी अगर पढ़ाई के साथ-साथ विदेशी भाषा का ज्ञान लेना चाहते हैं तो इसके लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से विद्यार्थियाें को भाषा का ज्ञान दिया जाएगा।
साॅफ्टवेयर की मदद से सिखाई जाएगी भाषाएं
कॉलेज प्रबंधन ने इसके लिए ओरल टॉक नाम से सॉफ्टवेयर खरीदा है। यह सॉफ्टवेयर अत्याधुनिक है। इसके लिए एक सर्वर स्थापित किया गया है। जिसके माध्यम से 25 अत्याधुनिक कंप्यूटरों को आपस में जोड़ा गया है। कंप्यूटर पर बैठकर कोई भी कॉलेज में पढ़ने वाला विद्यार्थी विदेशी भाषा का ज्ञान ले सकेगा। खास बात यह है कि अगर कोई विद्यार्थी स्थानीय भाषाओं को सीखना चाहता है तो वह भी इस सॉफ्टवेयर से सीख पाएगा। इसमें जर्मन, अमेरिकल, हिंदी, पंजाबी, संस्कृत, फ्रैंच सहित कई अन्य भाषाएं हैं।
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भाषा नहीं बनेगी बाधा
कॉलेज के प्रचार्य डॉ़ राेहित दत्त बताते हैं कि विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षा की पद्धति को भी बदलने की जरूरत है। बहुत से विद्यार्थियों का मन होता है कि वह विदेश जाकर नौकरी करें, पढ़ाई करें। मगर भाषा उनके रास्ते में अवरोध पैदा करती है इसलिए हमने सोचा कि कॉलेज में एक लैंग्वेज लैब स्थापित की जाए।
इसके लिए काफी महंगा सॉफ्टवेयर खरीदा गया है। जैसे- जैसे विद्यार्थी चाहेंगे कि उन्हें भाषाओं को ज्ञान दो हम लैब को विस्तार करेंगे। इस लैब में खास बात है कि सिर्फ विदेशी भाषा ही नहीं बल्कि स्थानीय पंजाबी, संस्कृत, हिंदी जैसी भाषाएं भी इसमें सीखी जा सकती हैं। इसके साथ ही इसमें टेस्ट भी होते रहते हैं जिससे विद्यार्थी को कोई भी भाषा सीखने में मदद मिलती है। कई विशेषज्ञों की सलाह पर इस लैंग्वेज लैब को कॉलेज प्रबंधन लेकर आया है।
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ऐसे में उन्हें फिर से मेहनत करनी होती है। ऐसे विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को अब कॉलेज स्तर से ही स्थानीय और विदेशी भाषाओं का ज्ञान हो सकेगा। दरअसल, अंबाला छावनी स्थित जीएमएन कॉलेज ने विद्यार्थियों की इसी परशानी को दूर करने के लिए अपने यहां लैंग्वेज लैब की स्थापना की है। इस लैंग्वेज लैब में किसी भी पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले विद्यार्थी अगर पढ़ाई के साथ-साथ विदेशी भाषा का ज्ञान लेना चाहते हैं तो इसके लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से विद्यार्थियाें को भाषा का ज्ञान दिया जाएगा।
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साॅफ्टवेयर की मदद से सिखाई जाएगी भाषाएं
कॉलेज प्रबंधन ने इसके लिए ओरल टॉक नाम से सॉफ्टवेयर खरीदा है। यह सॉफ्टवेयर अत्याधुनिक है। इसके लिए एक सर्वर स्थापित किया गया है। जिसके माध्यम से 25 अत्याधुनिक कंप्यूटरों को आपस में जोड़ा गया है। कंप्यूटर पर बैठकर कोई भी कॉलेज में पढ़ने वाला विद्यार्थी विदेशी भाषा का ज्ञान ले सकेगा। खास बात यह है कि अगर कोई विद्यार्थी स्थानीय भाषाओं को सीखना चाहता है तो वह भी इस सॉफ्टवेयर से सीख पाएगा। इसमें जर्मन, अमेरिकल, हिंदी, पंजाबी, संस्कृत, फ्रैंच सहित कई अन्य भाषाएं हैं।
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भाषा नहीं बनेगी बाधा
कॉलेज के प्रचार्य डॉ़ राेहित दत्त बताते हैं कि विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षा की पद्धति को भी बदलने की जरूरत है। बहुत से विद्यार्थियों का मन होता है कि वह विदेश जाकर नौकरी करें, पढ़ाई करें। मगर भाषा उनके रास्ते में अवरोध पैदा करती है इसलिए हमने सोचा कि कॉलेज में एक लैंग्वेज लैब स्थापित की जाए।
इसके लिए काफी महंगा सॉफ्टवेयर खरीदा गया है। जैसे- जैसे विद्यार्थी चाहेंगे कि उन्हें भाषाओं को ज्ञान दो हम लैब को विस्तार करेंगे। इस लैब में खास बात है कि सिर्फ विदेशी भाषा ही नहीं बल्कि स्थानीय पंजाबी, संस्कृत, हिंदी जैसी भाषाएं भी इसमें सीखी जा सकती हैं। इसके साथ ही इसमें टेस्ट भी होते रहते हैं जिससे विद्यार्थी को कोई भी भाषा सीखने में मदद मिलती है। कई विशेषज्ञों की सलाह पर इस लैंग्वेज लैब को कॉलेज प्रबंधन लेकर आया है।