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त्योहार पर नि:शुल्क मिलेगी रेलवे स्टेशन पर वाहन खड़ा करने की सुविधा
Sat, 04 Oct 2025 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 04 Oct 2025 11:46 PM IST
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अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बूम बैरियर की सुविधा से परिसर में प्रवेश करते वाहन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। त्योहार के दिनों में रेलवे स्टेशन पर निशुल्क वाहन खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। लेकिन यह सुविधा वाहन चालक की अपनी जिम्मेदारी पर होगी। अगर इस दौरान उसका वाहन चोरी हो जाता है या फिर वाहन को कोई नुकसान होता है तो इसकी भरपाई रेलवे नहीं करेगा, जल्द ही इस संबंध में पोस्टर भी रेलवे परिसर में बनी पार्किंग में चस्पा दिए जाएंगे। ऐसे में वाहन चालकों का आर्थिक नुकसान से बचाव तो हो जाएगा, लेकिन उनकी वाहनों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा।
10 अक्तूबर को खत्म होगा ठेका
10 अक्तूबर को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बूम बैरियर की सुविधा का ठेका खत्म हो जाएगा, इसके बाद ठेकेदार पार्किंग को खाली कर देगा और अपने सामान सहित कर्मचारियों को हटा लेगा। इसके बाद स्टेशन पर वाहन पार्किंग भगवान भरोसे हो जाएगी। इस दौरान रेलवे नई निविदा को लेकर प्रक्रिया शुरू करेगा और इसमें भी 15 से 20 दिन का समय बीत जाएगा, ऐसे में स्टेशन पर आने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, वहीं त्योहार के दिनों में सुरक्षा को लेकर भी सवालिया निशान लग जाएगा।
पौने तीन करोड़ का ठेका
रेलवे ने छह माह पहले मार्च माह में स्टेशन पर बूम बैरियर सुविधा को शुरु किया था। यह ठेका दिल्ली की एक कंपनी को पौने तीन करोड़ की लागत से दिया गया था। लेकिन छह माह तक लगातार ठेकेदार को तीन लाख रुपये से अधिक का घाटा हो गया। इस दौरान ठेकेदार ने कारों पर तो पार्किंग शुल्क लगा दिया, लेकिन अन्य दोपहिया वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। ऐसे में ठेकेदार को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
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दबाव के आगे टेके घुटने
ठेकेदार ने बूम बैरियर की सुविधा को सरेंडर करने का मुख्य कारण रेलवे यूनियन सहित बाहरी लोगों का दबाव भी बताया है क्योंकि छह माह तक न तो वो रेलवे कर्मचारियों के दोपहिया वाहनों का पास बना पाया और न ही यहां कार्यरत अन्य कर्मचारियों का। ऐसे में उसे कई बार रेलवे यूनियन का डर दिखाया गया तो कई बार बाहरी तत्वों का। इस कारण ठेकेदार चाहकर भी काम नहीं कर पाया। इस दौरान उसका रेलवे कर्मचारियों के साथ शुल्क को लेकर भी विवाद हुआ, लेकिन इसमें भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
10 अक्तूबर को बूम बैरियर का ठेका समाप्त हो जाएगा। कुछ दिन यह सुविधा नहीं मिलेगी। इस दौरान स्टेशन पर आने वाले वाहन चालक अपनी जिम्मेदारी पर ही वाहन को पार्किंग में खड़ा कर पाएंगे। हालांकि नई निविदा को लेकर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
- एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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अंबाला। त्योहार के दिनों में रेलवे स्टेशन पर निशुल्क वाहन खड़ा करने की सुविधा मिलेगी। लेकिन यह सुविधा वाहन चालक की अपनी जिम्मेदारी पर होगी। अगर इस दौरान उसका वाहन चोरी हो जाता है या फिर वाहन को कोई नुकसान होता है तो इसकी भरपाई रेलवे नहीं करेगा, जल्द ही इस संबंध में पोस्टर भी रेलवे परिसर में बनी पार्किंग में चस्पा दिए जाएंगे। ऐसे में वाहन चालकों का आर्थिक नुकसान से बचाव तो हो जाएगा, लेकिन उनकी वाहनों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा।
10 अक्तूबर को खत्म होगा ठेका
10 अक्तूबर को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बूम बैरियर की सुविधा का ठेका खत्म हो जाएगा, इसके बाद ठेकेदार पार्किंग को खाली कर देगा और अपने सामान सहित कर्मचारियों को हटा लेगा। इसके बाद स्टेशन पर वाहन पार्किंग भगवान भरोसे हो जाएगी। इस दौरान रेलवे नई निविदा को लेकर प्रक्रिया शुरू करेगा और इसमें भी 15 से 20 दिन का समय बीत जाएगा, ऐसे में स्टेशन पर आने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, वहीं त्योहार के दिनों में सुरक्षा को लेकर भी सवालिया निशान लग जाएगा।
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पौने तीन करोड़ का ठेका
रेलवे ने छह माह पहले मार्च माह में स्टेशन पर बूम बैरियर सुविधा को शुरु किया था। यह ठेका दिल्ली की एक कंपनी को पौने तीन करोड़ की लागत से दिया गया था। लेकिन छह माह तक लगातार ठेकेदार को तीन लाख रुपये से अधिक का घाटा हो गया। इस दौरान ठेकेदार ने कारों पर तो पार्किंग शुल्क लगा दिया, लेकिन अन्य दोपहिया वाहनों पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई। ऐसे में ठेकेदार को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
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दबाव के आगे टेके घुटने
ठेकेदार ने बूम बैरियर की सुविधा को सरेंडर करने का मुख्य कारण रेलवे यूनियन सहित बाहरी लोगों का दबाव भी बताया है क्योंकि छह माह तक न तो वो रेलवे कर्मचारियों के दोपहिया वाहनों का पास बना पाया और न ही यहां कार्यरत अन्य कर्मचारियों का। ऐसे में उसे कई बार रेलवे यूनियन का डर दिखाया गया तो कई बार बाहरी तत्वों का। इस कारण ठेकेदार चाहकर भी काम नहीं कर पाया। इस दौरान उसका रेलवे कर्मचारियों के साथ शुल्क को लेकर भी विवाद हुआ, लेकिन इसमें भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
10 अक्तूबर को बूम बैरियर का ठेका समाप्त हो जाएगा। कुछ दिन यह सुविधा नहीं मिलेगी। इस दौरान स्टेशन पर आने वाले वाहन चालक अपनी जिम्मेदारी पर ही वाहन को पार्किंग में खड़ा कर पाएंगे। हालांकि नई निविदा को लेकर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
- एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर बूम बैरियर की सुविधा से परिसर में प्रवेश करते वाहन। संवाद