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महेंद्रगढ़ के विधायक एवं पूर्व सीपीएस राव दान सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में चार्जशीट दाखिल
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विधायक राव दान सिंह।
- फोटो : Ambala
अशोक अंटवाल
अंबाला। धोखाधड़ी के मामले में महेंद्रगढ़ से कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह के खिलाफ पुलिस ने तीन साल बाद चार्जशीट दायर कर दी थी । पर ऑब्जेक्शन लगाकर कोर्ट ने उसे वापस लौटा दिया है। पुलिस के गले की फांस बने इस केस की पूरी फाइल अब पड़ाव थाने में पड़ी है। पुलिस ने राव दान सिंह के साथ इस मामले में हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन के पूर्व सचिव सुनील भारद्वाज व कोषाध्यक्ष धर्मपाल दहिया को भी आरोपी बनाया था। हालांकि केस दर्ज होने के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी बनाए गए राव दान सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। पूरे केस को खारिज करवाने के लिए विधायक राव दान सिंह की ओर से मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई। अभी इस याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो पाई है।
लेटरपैड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप
हरियाणा फुटबाल संघ के मौजूदा सचिव ललित चौधरी की ओर से 2017 में संघ के पूर्व अध्यक्ष राव दान सिंह, सचिव सुनील भारद्वाज व कोषाध्यक्ष धर्मपाल दहिया के खिलाफ पड़ाव पुलिस को एक शिकायत दी थी। शिकायत में तीनों पर चौधरी ने हरियाणा फुटबाल संघ के लेटरपैड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। चौधरी ने बताया था कि चंडीगढ़ स्थित स्टेट रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटी ने हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ सोसायटी एक्ट-2012 की धारा 33(5) का हवाला देकर हरियाणा फुटबाल संघ के चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। तब इसके लिए गुरूग्राम के तत्कालीन एडीसी विनय प्रताप सिंह को हरियाणा फुट संघ का
प्रशासक नियुक्त किया गया था। उन्हें ही संघ के सभी कार्य करने के साथ चुनाव करवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। परिवादी की मानें तो तत्कालीन प्रधान राव दान सिंह व दूसरे पदाधिकारियों को भी संघ का चार्ज तुरंत प्रभाव से प्रशासक को सौंपने के आदेश दिए थे। इसके लिए प्रशासक की ओर से सभी को पत्र भी भेजा गया था। एडीसी की ओर से राज्य के सभी जिला प्रधान सचिव को जिला खेल एवं युवा अधिकारी के माध्यम से वार्षिक बैठक एवं पदाधिकारियों का चुनाव 18 दिसंबर 2016 को हुडा के जिमखाना क्लब में होने के लिए भी पत्र भेजे गए थे । तब फुटबाल संघ के चुनाव करवाने के लिए गुरुग्राम के तत्कालीन एसडीएम सुशील सारवान रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया था। 6 दिसंबर 2016 को चुनाव प्रक्रिया के तहत सूरजपाल को फुटबाल संघ का निर्विरोध अध्यक्ष व ललित चौधरी को सचिव चुने जाने की घोषणा की गई थी। चौधरी का आरोप है कि नई नियुक्तियां होने के बावजूद संघ के पूर्व पदाधिकारी हरियाणा फुटबाल संघ के लेटरपैड का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी प्रति भी संलग्न की गई थी। उनका यह भी आरोप था कि ये पूर्व पदाधिकारी लोगों को भी गुमराह कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर ही पड़ाव पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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तीन साल लंबी जांच के लिए दाखिल हुई थी चार्जशीट
पुलिस ने तीन साल की लंबी जांच के बाद इस मामले में चार्जशीट दायर की थी। जांच में सह आरोपियों के खिलाफ पुलिस को कोई सबूत नहीं मिला । इसी आधार पर पुलिस ने इस मामले में केवल विधायक राव दान सिंह को ही मुख्य आरोपी बताते हुए चार्जशीट दायर की थी। पर जांच में कई खामियां मिलने के बाद इसे वापस लौटा दिया गया। पुलिस को फिर से सभी खामियां दूर करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद ही मंजूरी मिलने की बात कही जा रही है। अब फिर जांच के लिए चार्जशीट दायर पड़ाव थाने पहुंच गई है।
मैं अभी इस पर कमेंट नहीं कर सकता
एसएचओ पड़ाव देवेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ रोज पहले ही उनकी यहां नियुक्ति हुई है। केस देखकर ही वे आधिकारिक बयान दे पाएंगे। अभी वे केस को लेकर कोई भी टिप्प्पणी करने में सक्षम नहीं है ।
चार्जशीट पर ऑब्जेक्शन की मुझे जानकारी नहीं: कोहली
विधायक राव दान सिंह की ओर से मामले की पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट जेएस कोहली ने कहा कि इस मामले में चार्जशीट दायर होने व उस पर ऑब्जेक्शन लगने की जानकारी मुझे नहीं मिली है। मगर केस रद्द करवाने को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई जरूर विचाराधीन है।
जांच में हो रही लापरवाही, हाईकोर्ट में करेंगे विरोध
हरियाणा फुटबाल संघ के सचिव एवं शिकायतकर्ता एडवोकेट ललित चौधरी ने कहा कि तीन साल पहले यह केस दर्ज हुआ था। अभी तक पुलिस इसकी जांच ही पूरी नहीं कर पाई। अब तक तो चार्जशीट दायर हो जानी चाहिए थी। मुख्य आरोपी की ओर से केस खारिज करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। अभी हमें नोटिस नहीं मिला है। हम कड़ा विरोध करेंगे।
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अंबाला। धोखाधड़ी के मामले में महेंद्रगढ़ से कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह के खिलाफ पुलिस ने तीन साल बाद चार्जशीट दायर कर दी थी । पर ऑब्जेक्शन लगाकर कोर्ट ने उसे वापस लौटा दिया है। पुलिस के गले की फांस बने इस केस की पूरी फाइल अब पड़ाव थाने में पड़ी है। पुलिस ने राव दान सिंह के साथ इस मामले में हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन के पूर्व सचिव सुनील भारद्वाज व कोषाध्यक्ष धर्मपाल दहिया को भी आरोपी बनाया था। हालांकि केस दर्ज होने के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी बनाए गए राव दान सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। पूरे केस को खारिज करवाने के लिए विधायक राव दान सिंह की ओर से मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई। अभी इस याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो पाई है।
लेटरपैड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप
हरियाणा फुटबाल संघ के मौजूदा सचिव ललित चौधरी की ओर से 2017 में संघ के पूर्व अध्यक्ष राव दान सिंह, सचिव सुनील भारद्वाज व कोषाध्यक्ष धर्मपाल दहिया के खिलाफ पड़ाव पुलिस को एक शिकायत दी थी। शिकायत में तीनों पर चौधरी ने हरियाणा फुटबाल संघ के लेटरपैड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। चौधरी ने बताया था कि चंडीगढ़ स्थित स्टेट रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटी ने हरियाणा रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन ऑफ सोसायटी एक्ट-2012 की धारा 33(5) का हवाला देकर हरियाणा फुटबाल संघ के चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। तब इसके लिए गुरूग्राम के तत्कालीन एडीसी विनय प्रताप सिंह को हरियाणा फुट संघ का
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प्रशासक नियुक्त किया गया था। उन्हें ही संघ के सभी कार्य करने के साथ चुनाव करवाने की जिम्मेदारी दी गई थी। परिवादी की मानें तो तत्कालीन प्रधान राव दान सिंह व दूसरे पदाधिकारियों को भी संघ का चार्ज तुरंत प्रभाव से प्रशासक को सौंपने के आदेश दिए थे। इसके लिए प्रशासक की ओर से सभी को पत्र भी भेजा गया था। एडीसी की ओर से राज्य के सभी जिला प्रधान सचिव को जिला खेल एवं युवा अधिकारी के माध्यम से वार्षिक बैठक एवं पदाधिकारियों का चुनाव 18 दिसंबर 2016 को हुडा के जिमखाना क्लब में होने के लिए भी पत्र भेजे गए थे । तब फुटबाल संघ के चुनाव करवाने के लिए गुरुग्राम के तत्कालीन एसडीएम सुशील सारवान रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया था। 6 दिसंबर 2016 को चुनाव प्रक्रिया के तहत सूरजपाल को फुटबाल संघ का निर्विरोध अध्यक्ष व ललित चौधरी को सचिव चुने जाने की घोषणा की गई थी। चौधरी का आरोप है कि नई नियुक्तियां होने के बावजूद संघ के पूर्व पदाधिकारी हरियाणा फुटबाल संघ के लेटरपैड का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी प्रति भी संलग्न की गई थी। उनका यह भी आरोप था कि ये पूर्व पदाधिकारी लोगों को भी गुमराह कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर ही पड़ाव पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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तीन साल लंबी जांच के लिए दाखिल हुई थी चार्जशीट
पुलिस ने तीन साल की लंबी जांच के बाद इस मामले में चार्जशीट दायर की थी। जांच में सह आरोपियों के खिलाफ पुलिस को कोई सबूत नहीं मिला । इसी आधार पर पुलिस ने इस मामले में केवल विधायक राव दान सिंह को ही मुख्य आरोपी बताते हुए चार्जशीट दायर की थी। पर जांच में कई खामियां मिलने के बाद इसे वापस लौटा दिया गया। पुलिस को फिर से सभी खामियां दूर करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद ही मंजूरी मिलने की बात कही जा रही है। अब फिर जांच के लिए चार्जशीट दायर पड़ाव थाने पहुंच गई है।
मैं अभी इस पर कमेंट नहीं कर सकता
एसएचओ पड़ाव देवेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ रोज पहले ही उनकी यहां नियुक्ति हुई है। केस देखकर ही वे आधिकारिक बयान दे पाएंगे। अभी वे केस को लेकर कोई भी टिप्प्पणी करने में सक्षम नहीं है ।
चार्जशीट पर ऑब्जेक्शन की मुझे जानकारी नहीं: कोहली
विधायक राव दान सिंह की ओर से मामले की पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट जेएस कोहली ने कहा कि इस मामले में चार्जशीट दायर होने व उस पर ऑब्जेक्शन लगने की जानकारी मुझे नहीं मिली है। मगर केस रद्द करवाने को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई जरूर विचाराधीन है।
जांच में हो रही लापरवाही, हाईकोर्ट में करेंगे विरोध
हरियाणा फुटबाल संघ के सचिव एवं शिकायतकर्ता एडवोकेट ललित चौधरी ने कहा कि तीन साल पहले यह केस दर्ज हुआ था। अभी तक पुलिस इसकी जांच ही पूरी नहीं कर पाई। अब तक तो चार्जशीट दायर हो जानी चाहिए थी। मुख्य आरोपी की ओर से केस खारिज करवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। अभी हमें नोटिस नहीं मिला है। हम कड़ा विरोध करेंगे।