{"_id":"fd839a1ebdd4c7989a1ed890ad2d92b7","slug":"former-congress-councilor-and-six-life-sentences","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व कांग्रेस पार्षद समेत छह को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व कांग्रेस पार्षद समेत छह को उम्रकैद
अमर उजाला, अंबाला
Updated Fri, 07 Mar 2014 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला सिंह। अदालत ने गैंगस्टर बॉबी की बहन रितु व उसके मुंहबोले भाई रमेश हत्याकांड के छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपियों को कुछ दिन पहले ही दोषी करार दिया था। दोषियों में कांग्रेस के एक पूर्व पार्षद भी शामिल हैं। उम्रकैद की सजा पाने वालों में गैंगस्टर निशान सिंह, रणतेज, बंटी कौशल, पूर्व पार्षद गुलशन उर्फ सोनू, विकास केले वाला और अंकुश शामिल हैं। बाकी तीन आरोपी गोविंद, हरदीप उर्फ हैप्पी, संजय को बरी कर दिया था। अदालत ने सभी दोषियों पर अस्सी-अस्सी हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। इस फैसले के दौरान अदालत परिसर में काफी सुरक्षा रही।
यह है मामला
सितंबर, 2009 को छावनी की सुभाष कॉलोनी हाउसिंग बोर्ड में यह हत्याकांड हुआ था। इस दौरान रितु अपने मुंहबोले भाई रमेश के साथ अपनी मां प्रकाश कौर से मिलने गई थी। जैसे ही वह अपनी मां से मिलने के बाद रमेश के साथ बाइक पर निकली तो कुछ ही दूरी पर बदमाशों ने इन दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने रितु की मां प्रकाश कौर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। रितु जेल में बंद अपने भाई बॉबी के मामलों की पैरवी किया करती थी और जेल में ही दूसरे निशान सिंह से बॉबी की दुश्मनी थी। इसी वजह से रितु और उसके मुंहबोले भाई की हत्या की गई थी। वहीं रितु की हत्या के करीब छह महीने बाद ही अदालत परिसर में बॉबी को भी गोलियों से उड़ा दिया था। वीरवार को फैसला आने से पहले ही सुबह से भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। अदालत ने दोपहर को अपना फैसला सुनाया।
कोर्ट में रहा पुलिस का कड़ा पहरा
अदालत में वीरवार को सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मियों ने कोर्ट में आने वाले सभी व्यक्तियों की चेकिंग की। उसके बाद ही अंदर जाने की इजाजत दी गई। अदालत में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
बॉबी को भी कोर्ट में भूना था
गैंगस्टर बॉबी की बहन रितु और रमेश के हत्यारों ने अदालत ने सजा दे दी है। अब घर में उसकी मां प्रकाश कौर अकेली रह गई है। क्योंकि गैंगस्टर बॉबी की भी बदमाशों में जेल में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। बॉबी 2006 से जेल में बंद था और 03 मार्च 2010 को अदालत में पेशी पर आया था। वहीं वकील के भेष में आए तीन बदमाशों ने कोर्ट रूम के बाहर ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर बॉबी को भी वहीं ढेर कर दिया। उसके बाद हत्यारे कोर्ट परिसर से बंदूके लहराते हुए भाग गए थे।
विज्ञापन
यह है मामला
सितंबर, 2009 को छावनी की सुभाष कॉलोनी हाउसिंग बोर्ड में यह हत्याकांड हुआ था। इस दौरान रितु अपने मुंहबोले भाई रमेश के साथ अपनी मां प्रकाश कौर से मिलने गई थी। जैसे ही वह अपनी मां से मिलने के बाद रमेश के साथ बाइक पर निकली तो कुछ ही दूरी पर बदमाशों ने इन दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने रितु की मां प्रकाश कौर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। रितु जेल में बंद अपने भाई बॉबी के मामलों की पैरवी किया करती थी और जेल में ही दूसरे निशान सिंह से बॉबी की दुश्मनी थी। इसी वजह से रितु और उसके मुंहबोले भाई की हत्या की गई थी। वहीं रितु की हत्या के करीब छह महीने बाद ही अदालत परिसर में बॉबी को भी गोलियों से उड़ा दिया था। वीरवार को फैसला आने से पहले ही सुबह से भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। अदालत ने दोपहर को अपना फैसला सुनाया।
विज्ञापन
कोर्ट में रहा पुलिस का कड़ा पहरा
अदालत में वीरवार को सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मियों ने कोर्ट में आने वाले सभी व्यक्तियों की चेकिंग की। उसके बाद ही अंदर जाने की इजाजत दी गई। अदालत में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
बॉबी को भी कोर्ट में भूना था
गैंगस्टर बॉबी की बहन रितु और रमेश के हत्यारों ने अदालत ने सजा दे दी है। अब घर में उसकी मां प्रकाश कौर अकेली रह गई है। क्योंकि गैंगस्टर बॉबी की भी बदमाशों में जेल में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। बॉबी 2006 से जेल में बंद था और 03 मार्च 2010 को अदालत में पेशी पर आया था। वहीं वकील के भेष में आए तीन बदमाशों ने कोर्ट रूम के बाहर ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर बॉबी को भी वहीं ढेर कर दिया। उसके बाद हत्यारे कोर्ट परिसर से बंदूके लहराते हुए भाग गए थे।