फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   For the state...there is a shortage of permanent principals in the colleges of the state

Ambala News: c

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jun 2025 01:56 AM IST
विज्ञापन
For the state...there is a shortage of permanent principals in the colleges of the state
सतनाम सिंह
विज्ञापन

अंबाला सिटी। प्रदेश के राजकीय, एडेड कॉलेजों में प्राचार्यों के पद खाली हैं। इसकी बड़ी वजह 2011 के बाद राजकीय कॉलेजों में प्राचार्यों की सीधी भर्ती नहीं होना है। ऐसी ही स्थिति एडेड कॉलेजों में भी बनी है।
कई एडेड कॉलेजों में वरिष्ठ प्राचार्यों के हाथ में कमान दी है, मगर स्थाई प्राचार्यों की नियुक्ति नहीं की जा रही। दूसरी तरफ राजकीय कॉलेजों में पदोन्नति के बाद प्रोफेसर को प्राचार्य बनाया गया है। इसके बावजूद प्रदेश में पद खाली हैं। प्रदेश में 97 एडेड कॉलेज में से करीब 61 पद और राजकीय कॉलेजों में 188 कॉलेजों में से करीब 77 से ज्यादा पद खाली हैं। राजकीय कॉलेजों में प्राचार्य के 45 स्थाई पद हैं, जिनको सीधी भर्ती से ही भरा जा सकता है।
विज्ञापन

दूसरे कॉलेजों के प्राचार्य पर कार्यभार
कॉलेजों में प्राचार्य का पद खाली होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब होने के साथ ही दूसरे कॉलेजों के प्राचार्य और वरिष्ठ प्राध्यापकों पर भी कार्यभार बढ़ रहा है। अंबाला की बात करें तो अभी राजकीय महिला महाविद्यालय अंबाला शहर में प्राचार्य का पद खाली पड़ा है। इस कॉलेज में पहले डॉ. खुशीला प्राचार्या थे। उनका तबादला अब पंचकूला में हो गया है। अब भी उनके पास नारायणगढ़ राजकीय कॉलेज के प्राचार्या पद का पदभार है। इसी तरह शहर डीएवी कॉलेज में लंबे समय से प्राचार्य का पद खाली है। यहां वरिष्ठ प्राध्यापकों के हाथ में ही कमान दी जा रही है। अंबाला शहर के एमडीएसडी कॉलेज में भी प्राचार्य पद खाली पड़ा है। इस पद को भरने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पदोन्नति की सूची मुख्यमंत्री को भेजी : रांझा
हरियाणा गवर्नमेंट कॉलेज टीचर एसोसिएशन के प्रधान राजेश रांझा ने बताया कि प्राचार्य पद पर 32 प्रोफेसर की पदोन्नति की सूची मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास गई हुई है। एसोसिएशन प्राचार्यों के पद भरने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह के एडीसी और ओएसडी से मिल चुकी है। इसके साथ ही उच्चतर शिक्षा निदेशालय के संयुक्त निदेशक से भी मुलाकात की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि 25 प्रतिशत की सीधी भर्ती भी प्राचार्य पद के लिए की जाएगी। 2011 के बाद से प्राचार्य की सीधी भर्ती नहीं हुई है। इससे पूर्व मार्च में कॉलेजों में पदोन्नति के बाद प्राचार्य लगाए गए थे।

सीधी भर्ती से लगे सात प्राचार्य में से एक ही सेवा में : मलिक
हरियाणा कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दयानंद मलिक ने बताया कि प्रदेश में 97 एडेड कॉलेजों में से 61 कॉलेजों में प्राचार्य के पद खाली हैं। 2011 में सीधी भर्ती से प्राचार्य के पद भरे गए थे। उसमें सात पदों पर प्राचार्य नियुक्त किए गए थे। इनमें से एक प्राचार्य ही सेवा में रह गए हैं, बाकी सभी प्राचार्य सेवानिवृत्त हो गए हैं। सरकार को सीधी भर्ती और पदोन्नति के साथ ही सभी पद भरने चाहिए। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई खराब न हो और वरिष्ठ प्राध्यापकों पर भी बोझ न पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed