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Ambala News: बाढ़ निगल गई 14 व्यक्तियों, 46 पशु और 157 घरों को
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क्षतिपूर्ति पोर्टल को लेकर अधिकारियों को निर्देशित करते उपायुक्त डॉ शालीन।
अंबाला सिटी। गत दिनों 25 दिन पहले आई बाढ़ 50 हजार से अधिक लोगों को प्रभावित कर गई। इसमें 14 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, 46 पशु डूबकर मर गए। वहीं 157 घरों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि नुकसान का यह आंकलन आपदा और प्रबंधन विभाग ने निकाला है।
अब जब क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लोगों ने नुकसान के मुआवजे के लिए आवेदन शुरू किया है तो यह आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं। इसके लिए डीसी डाॅ. शालीन ने भी विभागीय अधिकारियों की शुक्रवार सुबह बैठक ली। इसमें उन्हें क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अधिक से अधिक आवेदन कराने के आदेश दिए गए। इसके बाद अधिकारियों द्वारा आवेदन के अनुरूप मौके पर नुकसान का सत्यापन किया जाएगा।
पोर्टल पर 18 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
डीसी डाॅ. शालीन ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार पिछले दिनों बाढ़ के दौरान जो क्षति हुई है उसके दृष्टिगत 18 अगस्त तक संबंधित प्रार्थी https://ekshatipurti.haryana.gov.in/ पर आवेदन कर सकता है। इस कार्य के लिए व्यक्ति अपने मोबाइल से या नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर इस कार्य को करवा सकता है। सीएससी सेंटर पर संबंधित व्यक्ति अपने नुकसान की जो भी स्थिति है उसे निर्धारित प्रोफार्मा में ऑनलाईन भरवा सकता है।
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इस तरह से मिलेगा मुआवजा
जिला राजस्व अधिकारी कैप्टन विनोद शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मकानों से सम्बन्धित जो नुकसान है, उसका सत्यापन पटवारी, ग्राम सचिव व जेई द्वारा किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ही कृषि भूमि से संंबंधित नुकसान और दुकानों का जो नुकसान का सत्यापन पटवारी व ग्राम सचिव संयुक्त रूप से करेंगे। शहरी क्षेत्र में घरों से संबंधित जो नुकसान है उसकी रिपोर्ट हलका पटवारी, हाउस टैक्स इंस्पेक्टर व जेई, एमसी करेंगे। कामर्शियल प्रोपर्टी से संबंधित नुकसान का सत्यापन नगर निगम, नगर परिषद करेगा तथा इस कार्य में ईटीओ एक्साईज सहयोग करेगा।
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अब जब क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लोगों ने नुकसान के मुआवजे के लिए आवेदन शुरू किया है तो यह आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं। इसके लिए डीसी डाॅ. शालीन ने भी विभागीय अधिकारियों की शुक्रवार सुबह बैठक ली। इसमें उन्हें क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अधिक से अधिक आवेदन कराने के आदेश दिए गए। इसके बाद अधिकारियों द्वारा आवेदन के अनुरूप मौके पर नुकसान का सत्यापन किया जाएगा।
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पोर्टल पर 18 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
डीसी डाॅ. शालीन ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार पिछले दिनों बाढ़ के दौरान जो क्षति हुई है उसके दृष्टिगत 18 अगस्त तक संबंधित प्रार्थी https://ekshatipurti.haryana.gov.in/ पर आवेदन कर सकता है। इस कार्य के लिए व्यक्ति अपने मोबाइल से या नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर इस कार्य को करवा सकता है। सीएससी सेंटर पर संबंधित व्यक्ति अपने नुकसान की जो भी स्थिति है उसे निर्धारित प्रोफार्मा में ऑनलाईन भरवा सकता है।
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इस तरह से मिलेगा मुआवजा
जिला राजस्व अधिकारी कैप्टन विनोद शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मकानों से सम्बन्धित जो नुकसान है, उसका सत्यापन पटवारी, ग्राम सचिव व जेई द्वारा किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ही कृषि भूमि से संंबंधित नुकसान और दुकानों का जो नुकसान का सत्यापन पटवारी व ग्राम सचिव संयुक्त रूप से करेंगे। शहरी क्षेत्र में घरों से संबंधित जो नुकसान है उसकी रिपोर्ट हलका पटवारी, हाउस टैक्स इंस्पेक्टर व जेई, एमसी करेंगे। कामर्शियल प्रोपर्टी से संबंधित नुकसान का सत्यापन नगर निगम, नगर परिषद करेगा तथा इस कार्य में ईटीओ एक्साईज सहयोग करेगा।