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बसों के लिए मारामारी, अभ्यर्थियों ने झेली परेशानी
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अंबाला। कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) की परीक्षा के दूसरे दिन 7 हजार 251 अनुपस्थिति रहे। 29 सेंटरों पर 22800 अभ्यर्थियों को पहुंचाना था, केवल 15 हजार 549 ही पहुंचे। सुबह के समय हुई परीक्षा में 11400 में से 7881 और दूसरे चरण की परीक्षा में 11400 में से 7668 उपस्थित रहे। उधर, सुबह की पहली शिफ्ट की परीक्षा में अंबाला के ऐतिहासिक गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब से संबंधित प्रश्न को शामिल किया गया।
परीक्षा खत्म होने के बाद बसों को लेकर खूब मारामारी दिखी। समय पर अपने घर पहुंचने के लिए बसों के आते ही अभ्यर्थी उसमें बैठने के लिए बेताब दिखाई दिए। दो चरणों में हुई परीक्षा के दौरान केंद्रों पर गहनता से जांच की गई और जेब से सिक्के तक बाहर निकलवा लिए गए।
वहीं अभ्यर्थियों से पूछा गया कि पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा अंबाला... की स्मृति को समर्पित है। इसमें गुरु श्री हरकिशन साहिब समेत चार सिख गुरुओं के नाम के विकल्प दिए गए। जिसमें पहला नाम गुरु श्री हरकिशन साहिब जी, दूसरा गुरु हरगोबिंद सिंह, तीसरा गुरु तेग बहादुर व चौथा गुरु गोबिंद सिंह शामिल रहे। इसमें से सही उत्तर गुरु श्री हरकिशन साहिब था। परीक्षा के दौरान बस स्टैंड के आसपास जाम की स्थिति रही।
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पांच नवंबर को हुई परीक्षा के दौरान ऑनलाइन रोल नंबरों में आखिरी समय में सेंटर बदलने से अधिकतर अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए थे। ऐसे में रविवार को अभ्यर्थी पहले से सतर्क रहे। अधिकतर ने एक दिन पहले रोल नंबर निकाले जबकि परीक्षा से कुछ घंटे पहले भी रोल नंबर की जांच करते रहे, ताकि आखिरी समय में परीक्षा केंद्र में बदलाव हो तो वह समय पर पहुंच जाएं। वहीं ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया जिनका रोल नंबर आखिरी समय में बदला हो।
पेपर काफी अच्छा रहा
दो माह से पेपर की तैयारियों में जुटी हुई थी और काफी अच्छा हुआ है। पहले तो डर था कि रोल नंबर निकाला है उसके मुताबिक सेंटर होगा भी कि नहीं। दो बार रोल नंबर की स्लिप निकाली थी। -वैशाली, पंचकूला
लंबे समय से था इंतजार
लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रही थी। अधिकतर प्रश्न पढ़े हुए थे, बाकी परिणाम बताएगा। पेपर से तीन घंटा पहले ही घर से चल पड़ी थी, ताकि समय वह परीक्षा केंद्र तक पहुंच गए। -रचना, बिलासपुर, यमुनानगर
बसों में अधिक भीड़ थी
परीक्षा को लेकर बसों में बहुत अधिक भीड़ थी। हम अलसुबह ही निकल गए थे, ताकि सही समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सके। अधिकतर समय तो खड़े होकर सफर करना पड़ा। - विक्की हांसी।
काफी परेशानी हुई
परीक्षा को लेकर प्रशासन ने जो तैयारियां की थी, उसका ज्यादा लाभ नहीं मिला। इस कारण हमें काफी परेशानी भी हुई। वहीं परीक्षा खत्म होने के बाद तो स्थिति और अधिक खराब हो गई। - गुलाब सिंह।
सही समय पर पहुंचे
परीक्षा के लिए हमने अच्छे से तैयारी कर ली थी। परीक्षा केंद्र तक जल्दी पहुंच सके, इसके लिए हम सही समय पर निकल गए थे तभी सही समय पर पहुंचे हैं। परीक्षा परिणाम का इंतजार रहेगा। -सावन कुमार।
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परीक्षा खत्म होने के बाद बसों को लेकर खूब मारामारी दिखी। समय पर अपने घर पहुंचने के लिए बसों के आते ही अभ्यर्थी उसमें बैठने के लिए बेताब दिखाई दिए। दो चरणों में हुई परीक्षा के दौरान केंद्रों पर गहनता से जांच की गई और जेब से सिक्के तक बाहर निकलवा लिए गए।
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वहीं अभ्यर्थियों से पूछा गया कि पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा अंबाला... की स्मृति को समर्पित है। इसमें गुरु श्री हरकिशन साहिब समेत चार सिख गुरुओं के नाम के विकल्प दिए गए। जिसमें पहला नाम गुरु श्री हरकिशन साहिब जी, दूसरा गुरु हरगोबिंद सिंह, तीसरा गुरु तेग बहादुर व चौथा गुरु गोबिंद सिंह शामिल रहे। इसमें से सही उत्तर गुरु श्री हरकिशन साहिब था। परीक्षा के दौरान बस स्टैंड के आसपास जाम की स्थिति रही।
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पांच नवंबर को हुई परीक्षा के दौरान ऑनलाइन रोल नंबरों में आखिरी समय में सेंटर बदलने से अधिकतर अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए थे। ऐसे में रविवार को अभ्यर्थी पहले से सतर्क रहे। अधिकतर ने एक दिन पहले रोल नंबर निकाले जबकि परीक्षा से कुछ घंटे पहले भी रोल नंबर की जांच करते रहे, ताकि आखिरी समय में परीक्षा केंद्र में बदलाव हो तो वह समय पर पहुंच जाएं। वहीं ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया जिनका रोल नंबर आखिरी समय में बदला हो।
पेपर काफी अच्छा रहा
दो माह से पेपर की तैयारियों में जुटी हुई थी और काफी अच्छा हुआ है। पहले तो डर था कि रोल नंबर निकाला है उसके मुताबिक सेंटर होगा भी कि नहीं। दो बार रोल नंबर की स्लिप निकाली थी। -वैशाली, पंचकूला
लंबे समय से था इंतजार
लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रही थी। अधिकतर प्रश्न पढ़े हुए थे, बाकी परिणाम बताएगा। पेपर से तीन घंटा पहले ही घर से चल पड़ी थी, ताकि समय वह परीक्षा केंद्र तक पहुंच गए। -रचना, बिलासपुर, यमुनानगर
बसों में अधिक भीड़ थी
परीक्षा को लेकर बसों में बहुत अधिक भीड़ थी। हम अलसुबह ही निकल गए थे, ताकि सही समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सके। अधिकतर समय तो खड़े होकर सफर करना पड़ा। - विक्की हांसी।
काफी परेशानी हुई
परीक्षा को लेकर प्रशासन ने जो तैयारियां की थी, उसका ज्यादा लाभ नहीं मिला। इस कारण हमें काफी परेशानी भी हुई। वहीं परीक्षा खत्म होने के बाद तो स्थिति और अधिक खराब हो गई। - गुलाब सिंह।
सही समय पर पहुंचे
परीक्षा के लिए हमने अच्छे से तैयारी कर ली थी। परीक्षा केंद्र तक जल्दी पहुंच सके, इसके लिए हम सही समय पर निकल गए थे तभी सही समय पर पहुंचे हैं। परीक्षा परिणाम का इंतजार रहेगा। -सावन कुमार।