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Ambala News: फैटी लिवर के बढ़ रहे मरीज, उपचार को संसाधन अधूरे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:20 AM IST
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Fatty liver patients on the rise, resources for treatment inadequate
सिटी नागरिक अस्पताल में बनी फैटी लीवर की ओपीडी। संवाद - फोटो : अंबाला छावनी ​स्थित ईसाई क​ब्रिस्तान। संवाद
सुखबीर सिंह
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अंबाला सिटी। खराब खानपान के कारण दिन प्रतिदिन फैटी लिवर के मरीजों में इजाफा हो रहा है। इतने मरीजों को संभालने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी अधूरी नजर आती है। इन मरीजों का उपचार किसी चुनौती से कम नहीं है।
खराब जीवनशैली के कारण नागरिक अस्पताल में आए दिन 60 से 70 मरीज लिवर संबंधी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में 10 से 15 मरीज फैटी लिवर के भी देखने को मिल रहे हैं। मगर विभाग के पास इन मरीजों की जांच के लिए कोई विशेषज्ञ नहीं है।इसके साथ ही फैटी लिवर को अच्छी तरह से जांचने के लिए अत्याधुनिक मशीनें नहीं हैं। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने फाइब्रो स्कैन मशीन मिलने की बात कही थी मगर अभी तक स्पष्ट नहीं है कि कब तक अंबाला को यह मशीन मिल जाएगी।
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गौरतलब है कि बीते वर्ष भी विभाग की ओर से हजारों लोगों का सर्वे करवाया गया था।जिसमें करीब 300 लोगों को फैटी लिवर की समस्या देखने को मिली थी।
एक डाॅक्टर के भरोसे लिवर की सेहत
स्वास्थ्य विभाग ने एक ही चिकित्सक को फैटी लिवर की जांच के लिए लगाया है। मेडिसन चिकित्सक लिवर से जुड़ी सामान्य बीमारियों का उपचार तो कर देते हैं, लेकिन फैटी लिवर जैसी बीमारी के मरीजों का उपचार किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बार मरीज की जांच रिपोर्ट समझने के लिए भी चिकित्सक को समय लग जाता है। ऐसे में गलती होने का डर बना रहता है। लिवर के मरीजों की जांच के लिए आरएफटी, एलएफटी, यूरीन टेस्ट सहित अल्ट्रासाउंड भी करवाया जाता है। इसके बाद चिकित्सक विभिन्न टेस्ट के आधार पर परामर्श देते हैं।
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नई मशीन से मिलेगी मदद
फाइब्रो स्कैन मशीन से लिवर में जमे फैट की मात्रा का पता लगाया जा सकता है। इससे सही दवा देकर मरीज को ठीक किया जाएगा। इस मशीन से लिवर की कठोरता का पता लगाया जाएगा। इसके साथ ही यह मशीन लिवर बॉयोप्सी का एक अच्छा विकल्प है। जिससे मरीजों को अधिक परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। इस मशीन के आने से अस्पताल को विशेषज्ञ की भी आवश्यकता नहीं रहेगी।
शराब पीने वाले और शुगर मरीजों को खतरा
डॉ. हर्ष ने बताया कि इन दिनों सभी आयु वर्ग में फैटी लिवर की समस्या देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि 30 वर्ष तक के युवा नशे के कारण, 40 से अधिक वाले शराब के सेवन के कारण और 55 से अधिक आयु वाले शुगर और बीपी जैसी बीमारियों के कारण लिवर संबंधी या फैटी लिवर जैसी बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं।
डाइट का ख्याल भी जरूरी

शहर नागरिक अस्पताल में नियुक्त डाइटिशियन रवि कुमार ने बताया कि फैटी लिवर से पीड़ित मरीज को अपने खान पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे मरीजों को कम वसा वाला भोजन लेना चाहिए। धीरे धीरे वजन कम करना चाहिए। अधिक मीठे तरल से परहेज करना चाहिए। इसकी जगह खट्टे फलों का सेवन करना चाहिए।

वर्जन
जिले में फैटी लिवर संबंधी मरीजों की संख्या को देखते हुए अंबाला को भी फाइब्रो स्कैन मशीन मिलने की उम्मीद है। जांच के लिए भी एक चिकित्सक को नियुक्त किया गया है। मशीन से फैटी लिवर जैसी बीमारी का पता लगाने में मदद मिलेगी। राज्य की तरफ से तीन जिलों को यह मशीनें दी जानी हैं। अंबाला में मशीन आने से लोगों को निजी लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
-डॉ. नीलम कुश्ववाह, डिप्टी सीएमओ एनसीडी विभाग अंबाला।
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