{"_id":"687eb40da0a14738020297d4","slug":"farmers-stood-in-the-rain-for-six-hours-got-fertilizers-in-the-afternoon-ambala-news-c-36-1-ame1006-146470-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: बारिश में छह घंटे तक खड़े रहे किसान, दोपहर बाद मिली खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: बारिश में छह घंटे तक खड़े रहे किसान, दोपहर बाद मिली खाद
Tue, 22 Jul 2025 03:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 22 Jul 2025 03:11 AM IST
विज्ञापन
शहजादपुर । यूरिया खाद की बढ़ती मांग के चलते सरकारी केंद्रों पर अब यूरिया की किल्लत किसानों के लिए परेशानी बन गई है। सोमवार को शहजादपुर के अंबली गांव में बने इफको केंद्र में बारिश के दौरान ही किसान लाइनों में लगे दिखाई दिए सुबह आठ बजे से लेकर 11 बजे तक लाइनों में लगने के बाद किसानों को यूरिया मिलने के लिए नंबर मिला। दोपहर तीन बजे के बाद यूरिया वितरित किया गया। केंद्र में एक आधार कार्ड के आधार पर एक ही बैग दिया गया। किसानों ने कहा कि सरकार को यूरिया की आपूर्ति पर ध्यान देना चाहिए। जिससे किसानों को परेशानी न हो।
अंबाला जिला में यूरिया 4693 एमटी, डीएपी 2043 एमटी, जिंक सल्फेट 604 एमटी, पोटाश 805 एमटी, और जैविक खाद 210 एमटी उपलब्ध है। अभी तक जिला अंबाला में 35 हजार से अधिक थैले वितरित किए जा चुके हैं। जिले में मंगलवार को भी एक रैक आएगा।
अतिरिक्त मात्रा में हो रहा इस्तेमाल : कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यूरिया की उपलब्धता पूरी है। मांग के आधार पर लगातार आपूर्ति हो रही है। किसान एक एकड़ में पांच से 10 बैग यूरिया के डाल रहे हैं। जबकि एक एकड़ में तीन बैग तक यूरिया डालना ही उचित रहता है। अधिक खपत के कारण मांग तेजी से बढ़ रही है। इसलिए अब विभाग की ओर से एक एकड़ के लिए पांच बैग से अधिक नहीं दिया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला जिला में यूरिया 4693 एमटी, डीएपी 2043 एमटी, जिंक सल्फेट 604 एमटी, पोटाश 805 एमटी, और जैविक खाद 210 एमटी उपलब्ध है। अभी तक जिला अंबाला में 35 हजार से अधिक थैले वितरित किए जा चुके हैं। जिले में मंगलवार को भी एक रैक आएगा।
विज्ञापन
अतिरिक्त मात्रा में हो रहा इस्तेमाल : कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यूरिया की उपलब्धता पूरी है। मांग के आधार पर लगातार आपूर्ति हो रही है। किसान एक एकड़ में पांच से 10 बैग यूरिया के डाल रहे हैं। जबकि एक एकड़ में तीन बैग तक यूरिया डालना ही उचित रहता है। अधिक खपत के कारण मांग तेजी से बढ़ रही है। इसलिए अब विभाग की ओर से एक एकड़ के लिए पांच बैग से अधिक नहीं दिया जाएगा। संवाद
विज्ञापन