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Ambala News: बाढ़ के दंश में छह दिन से ऑटो में रात गुजारने को मजबूर परिवार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jul 2023 12:34 AM IST
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Family forced to spend night in auto for six days due to flood
अंबाला। टांगरी नदी के साथ लगती कॉलोनी न्यू लक्की नगर में बाढ़ का दंश झेल रहे पृथ्वी सिंह पिछले छह दिन से परिवार के साथ किराए के ऑटो में गुजर बसर कर रहे हैं। रात के समय परिवार के चार सदस्य ऑटो में व दो सदस्य सड़़क के किनारे सोते हैं। बाढ़ के कारण घर में घुसे करीब पांच फीट पानी के कारण सारा साचान खराब हो गया है।
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25 साल से वह टांगरी नदी के पास परिवार के साथ रह रहे थे। पीड़ित ने बताया कि अब दोबारा से सामान बनाने में कई साल लग जाएंगे। पृथ्वी सिंह ने बताया कि वह पत्नी, दो बेटों, बहू, बेटी और पोते के साथ रहता है। बुजुर्ग होने के कारण वह घर पर ही रहता है और उसका बेटा किराए पर ऑटो चलाता है।
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रेहड़ी बह गई, अब चाय के लिए पीने मांगने पड़ रहे कप

गोल्डन पार्क निवासी कमलेश ने बताया कि उसके परिवार में पांच सदस्य हैं। जिसमें पति सन्नू बीमार रहता है। बेटा अमित जिसकी एक साल पहले संगीता के साथ शादी हुई थी व दूसरा बेटा सुमित है। उसके दोनों बेटे कूड़े की रेहड़ी चलाते हैं। अचानक आई बाढ़ ने उनकी जिंदगी ही बदल कर रख दी है। बाढ़ के कारण उनके घर में घुसे पानी के से बेटे के दहेज का सामान व उनका अपना सामान खराब हो गया।
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घर में 8 फीट पानी जमा था और वह सामान नहीं निकाल पाए। इस बाढ़ में उनकी एक कूड़े की रेहड़ी, पांच मुर्गियां, पांच कबूतर, चार सूअर टांगरी नदी में बह गए। अब उनके पास खाने को कुछ भी नहीं है। वीरवार को वह कॉलोनी से पांच स्टील के कप मांगकर लाई थी, तब जाकर वह इन कपों में चाय पी रहे हैं। सेवा करने वाले आते हैं तो खाने को मिल जाता है, नही तो भूखे मरने की नौबत आ गई है।



गर्भवती पत्नी को बचाकर छत पर ले गए तो घर की दीवार गिर गई

न्यू लकी नगर निवासी विजय ने बताया कि उसकी पत्नी राखी 9 महीने से गर्भवती है। 19 जुलाई को डिलीवरी की चिकित्सक ने तारीख दी है। शनिवार को जब बारिश के साथ टांगरी नदी का पानी बढ़ा तो कपड़े व अन्य कुछ सामान छत पर रख दिया। जब पानी छत तक पहुंचने लगा और घर की दीवार गिर गई तो बचते बचाते एक पतली दीवार पर चलते हुए सड़क पर आ गया। इसके बाद टांगरी बांध के पास तीन रातें सड़क पर गुजारी। मजबूरन मंगलवार को किराऐ पर कमरा लिया। बेटी के जन्म प्रमाणपत्र, 7 हजार रुपये और अन्य दस्तावेज भी बह गए।
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