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स्टेरॉयड वाले आई ड्रॉप आंखों के लिए खतरा : राजेश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Apr 2024 04:58 AM IST
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Eye drops containing steroids are dangerous for eyes: Rajesh
अंबाला सिटी। अक्सर ही देखने में आता है कि आंखों में मामूली परेशानी होने पर लोग डॉक्टर के पास उपचार के लिए जाने की बजाय अपने स्तर पर ही आईड्राप खरीदकर डाल लेते हैं। इससे आंखों की रोशनी पर भी गहरा असर पड़ रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि कई आई ड्रॉप दवाओं में स्टेरॉयड्र और प्रेडनिसोलोन होता है। कई लोग इनके लगातार इस्तेमाल से आंखों की रोशनी भी गवां रहे हैं। अंबाला शहर सीएमओ कार्यालय में स्थित आई वॉर्ड में आने वाले कई मरीजों में यही देखने को मिला है। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर अलर्ट हो गया है।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. नीलम कुशवाह ने बताया कि इस समस्या को लेकर स्वास्थ्य केंद्रों को पत्र लिखा है। इसमें आंखों से संबंधित मरीजों को सामान्य दवाई देने का परामर्श देने के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही मरीजों को ऐसी दवाएं जिनके कारण मरीजों की आंखों पर असर पड़ रहा है उनके बारे में बताने को कहा गया है।
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बिना परामर्श के न लें आंखों की दवाई
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश गुप्ता का कहना है कि लाेगों को अगर आंखों में मामूली जलन या फिर एलर्जी होती है तो वे बिना डाॅक्टर की परामर्श के खुद ही दवा लेते और अपनी आंखों में डालना शुरू कर देते हैं। लंबे समय तक स्टेरॉयड वाली स्टेरॉयड वाले आई ड्रॉप के नियमित इस्तेमाल से आंखों की रोशनी हो रही कम के इस्तेमाल करने से आंखों की रोशनी चली जाती है। इसे वापस भी नहीं लाया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि इन दवाओं के इस्तेमाल से मरीज की आंखों में ग्लुकोमा हो जाता है। इसके असर आंखों की रोशनी पर अधिक होता है। इसके साथ ही आंखों से संबंधित अनेक समस्याएं भी सामने आती है। हर महीने ग्लुकोमा के 25 से 30 मरीज आ रहे। इनमें से हर महीने 2 से 3 मरीज पीजीआई रेफर करने पड़ रहे हैं। गलुकोमा या काला मोतिया के ऑपरेशन पर प्राइवेट अस्पताल में हजारों रुपए खर्च आता है।

समस्या को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों को पत्र जारी कर दिया गया है। इसमें आंखों के मरीजों को सामान्य दवाइयां देने के बारे में अवगत किया गया है, जिससे लोगों को परेशानी न हो।
डॉ. नीलम कुशवाह, डिप्टी सीएमओ स्वास्थ्य विभाग अंबाला।
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