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Ambala News: बेसहारा पशुओं से रोजाना हादसे, पहुंच रहीं शिकायतें
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अंबाला। लगभग पांच साल बाद नगर परिषद ने बेशक कुत्तों की नसंबदी का ठेका जारी कर दिया है, लेकिन बेसहारा गोवंश को सहारा देने का काम आज तक सिरे नहीं चढ़ पाया। बीच में नप ने ठेका जारी भी किया था, लेकिन गोशाला संचालकों ने बेसहारा गोवंश को रखने से इंकार कर दिया था।
उनका कहना था कि वे बामुश्किल पहले ही यहां रहने वाले गोवंश के लिए चारे का प्रबंध कर रहे हैं। ऐसे में अगर ओर अधिक पशु आ गए तो उनके लिए खाने का संकट पैदा हो जाएगा। यही कारण है कि ठेकेदार ने काम नहीं किया।
पार्षद भी कर रहे शिकायत
नगर परिषद के अधीन 32 वार्डों के पार्षद भी अब जनसमस्या के लिए सजग हो गए हैं। उन्होंने भी बेसहारा गोवंश का मुद्दा नगर परिषद अध्यक्ष के समक्ष रखा है, जिससे कि इस पर कोई फैसला हो सके। हालांकि नगर परिषद अध्यक्ष संबंधित विभागीय अधिकारियाें से मंत्रणा कर रही हैं, जिससे कि अन्य विकल्प की तलाश की जा सके और गली-मोहल्ले व सड़कों पर घूम रहे गोवंश को एक छत के नीचे रखा जा सके।
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फोटो-40
क्षतिग्रस्त हुआ वाहन
गोबिंद नगर के रहने वाले सुरजीत सैनी ने बताया कि गुरुद्वारा चौक पर अक्सर गोवंश आ जाते हैं। उनके उत्पात के कारण कई वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। नप में शिकायत करने के बाद भी किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
फोटो-38
लापरवाह प्रशासन
डिफेंस कॉलोनी निवासी जयबीर सिंह ने बताया कि छावनी में कुत्तों की बढ़ती संख्या और बेसहारा गोवंश का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले उनकी गली में ही एक बुजुर्ग को गोवंश ने टक्कर मारकर घायल कर दिया था।
फोटो-39
कागजों तक सीमित योजनाएं
टांगरी बांध किनारे रहने वाले मलकीयत सिंह ने बताया कि छावनी के लोग आज भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसमें बेसहारा गोवंश की समस्या सबसे बड़ी है लेकिन नगर परिषद कागजी कार्रवाई तक सीमित है। धरातल पर योजना को सिरे चढ़ाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
वर्जन
बेसहारा गोवंश की समस्या गंभीर होती जा रही है। इस समस्या से निपटने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में अपनी गोशाला के निर्माण पर भी मंथन किया जा रहा है। इसके लिए नप के अधीन खाली पड़ी जगह का आकलन किया जाएगा ताकि गोवंश के लिए खुद के खर्च पर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। वहीं पशुपालन विभाग की भी इस कार्य में मदद ली जाएगी।
स्वर्ण कौर, अध्यक्ष, नप सदर।
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उनका कहना था कि वे बामुश्किल पहले ही यहां रहने वाले गोवंश के लिए चारे का प्रबंध कर रहे हैं। ऐसे में अगर ओर अधिक पशु आ गए तो उनके लिए खाने का संकट पैदा हो जाएगा। यही कारण है कि ठेकेदार ने काम नहीं किया।
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पार्षद भी कर रहे शिकायत
नगर परिषद के अधीन 32 वार्डों के पार्षद भी अब जनसमस्या के लिए सजग हो गए हैं। उन्होंने भी बेसहारा गोवंश का मुद्दा नगर परिषद अध्यक्ष के समक्ष रखा है, जिससे कि इस पर कोई फैसला हो सके। हालांकि नगर परिषद अध्यक्ष संबंधित विभागीय अधिकारियाें से मंत्रणा कर रही हैं, जिससे कि अन्य विकल्प की तलाश की जा सके और गली-मोहल्ले व सड़कों पर घूम रहे गोवंश को एक छत के नीचे रखा जा सके।
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क्षतिग्रस्त हुआ वाहन
गोबिंद नगर के रहने वाले सुरजीत सैनी ने बताया कि गुरुद्वारा चौक पर अक्सर गोवंश आ जाते हैं। उनके उत्पात के कारण कई वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। नप में शिकायत करने के बाद भी किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
फोटो-38
लापरवाह प्रशासन
डिफेंस कॉलोनी निवासी जयबीर सिंह ने बताया कि छावनी में कुत्तों की बढ़ती संख्या और बेसहारा गोवंश का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले उनकी गली में ही एक बुजुर्ग को गोवंश ने टक्कर मारकर घायल कर दिया था।
फोटो-39
कागजों तक सीमित योजनाएं
टांगरी बांध किनारे रहने वाले मलकीयत सिंह ने बताया कि छावनी के लोग आज भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसमें बेसहारा गोवंश की समस्या सबसे बड़ी है लेकिन नगर परिषद कागजी कार्रवाई तक सीमित है। धरातल पर योजना को सिरे चढ़ाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।
वर्जन
बेसहारा गोवंश की समस्या गंभीर होती जा रही है। इस समस्या से निपटने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में अपनी गोशाला के निर्माण पर भी मंथन किया जा रहा है। इसके लिए नप के अधीन खाली पड़ी जगह का आकलन किया जाएगा ताकि गोवंश के लिए खुद के खर्च पर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। वहीं पशुपालन विभाग की भी इस कार्य में मदद ली जाएगी।
स्वर्ण कौर, अध्यक्ष, नप सदर।