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Ambala News: बारिश भी नहीं डिगा पाई शिव भक्तों का उत्साह
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अंबाला। सावन के आखिरी सोमवार की सुबह हुई तेज बरसात के बाद भी भोले बाबा के भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। बाबा के भक्त बरसात में भी भीगते हुए मंदिर पहुंचे। इसके बाद भक्तों ने बाबा का जल, दूध, गन्ने का रस, गंगाजल और शक्कर से रूद्राभिषेक किया। इस दौरान छावनी के हाथीखाना कैलाश शिव मंदिर, हिल रोड श्री सनातन धर्म मंदिर, लाल कुर्ती बाजार श्री सनातन धर्म शिव मंदिर, स्टाफ रोड श्री सनातन धर्म मंदिर, बीसी बाजार शिव मंदिर, बीसी बाजार गौरी शंकर मंदिर में सोमवार सुबह से ही भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंच गए। इस दौरान बाबा के भक्त लंबी लाइन में खडे़ रहे। इसके बाद भक्तों ने बाबा की पूजा कर आशीर्वाद लिया।
हाथीखाना कैलाश शिव मंदिर के महंत श्री श्री 108 मनमोहन दास महाराज ने बताया कि सोमवार सुबह से ही तेज बरसात होने लगी। लेकिन भक्तों ने बरसात की परवाह किए बिना ही मंदिर पहुंचे और भक्तों ने शहद, बेल पत्र, दूध, दही, घी और शक्कर से बाबा का अभिषेक किया। इसके बाद भक्तों ने बाबा का जल और गंगाजल से रूद्राभिषेक भी किया। सुबह से ही मंदिर परिसर में कड़ी चावल का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद मीठा और ठंडा दूधा भक्तों को बांटा गया। दूध के बाद खीर और मालपुआ का प्रसाद वितरित किया गया। दोपहर तक मंदिर में भक्तों का मंदिर में आना लगा रहा। इसके बाद शाम को मंदिर में चाट, टिक्की, गोल गप्पे के स्टाल लगाए गए और आलू, पुरी और कद्दू का भंडारा लगाया गया। वहीं मंदिर परिसर में बाबा के भजनाें का गुणगान किया गया।
हाथीखाना मंदिर में अष्टधातु से बने भोले बाबा के स्वरूप का भव्य श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद भोले बाबा और नंदी महाराज का विभिन्न तरह के ड्राई फ्रूट, फल, फूल, मिठाई से सजाया गया। इसके बाद बाबा की आरती की गई।
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हाथीखाना कैलाश शिव मंदिर के महंत श्री श्री 108 मनमोहन दास महाराज ने बताया कि सोमवार सुबह से ही तेज बरसात होने लगी। लेकिन भक्तों ने बरसात की परवाह किए बिना ही मंदिर पहुंचे और भक्तों ने शहद, बेल पत्र, दूध, दही, घी और शक्कर से बाबा का अभिषेक किया। इसके बाद भक्तों ने बाबा का जल और गंगाजल से रूद्राभिषेक भी किया। सुबह से ही मंदिर परिसर में कड़ी चावल का प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद मीठा और ठंडा दूधा भक्तों को बांटा गया। दूध के बाद खीर और मालपुआ का प्रसाद वितरित किया गया। दोपहर तक मंदिर में भक्तों का मंदिर में आना लगा रहा। इसके बाद शाम को मंदिर में चाट, टिक्की, गोल गप्पे के स्टाल लगाए गए और आलू, पुरी और कद्दू का भंडारा लगाया गया। वहीं मंदिर परिसर में बाबा के भजनाें का गुणगान किया गया।
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हाथीखाना मंदिर में अष्टधातु से बने भोले बाबा के स्वरूप का भव्य श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद भोले बाबा और नंदी महाराज का विभिन्न तरह के ड्राई फ्रूट, फल, फूल, मिठाई से सजाया गया। इसके बाद बाबा की आरती की गई।
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