फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Environmental rules become a hindrance for 46 roadways buses

Ambala News: रोडवेज की 46 बसों के सामने पर्यावरण नियम बने रोड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Mar 2025 01:26 AM IST
विज्ञापन
Environmental rules become a hindrance for 46 roadways buses
अंबाला शहर ​स्थित रोडवेज वर्कशाप परिसर में खड़ी मिनी पिंक बसें। संवाद
अंबाला रोडवेज के बेड़े में कुल 177 बसें हैं। जो विभिन्न राज्यों में सफर करा रही हैं। हैरानी की बात है कि रोडवेज की 46 बसें पर्यावरण मानकों के कारण सिर्फ स्थानीय रूटों पर ही चलने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

इन बसों को एनसीआर में नहीं ले जाया जा सकता, क्योंकि यह वायु प्रदूषण करती हैं। इन बसों को स्थानीय रूटों पर चलाकर रोडवेज पर्यावरण तो नहीं मगर स्थानीय लोगों की जरूरत को पूरा कर रही है। यह बीएस 3 और बीएस 4 मानक की बसें हैं। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार एनसीआर में बीएस छह मानक की ही बसें चल सकती हैं।
विज्ञापन

जबकि अन्य क्षेत्रों में अभी ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। जबकि पर्यावरण की दृष्टि से देखा जाए तो बीएस 3 व बीएस 4 मानक की बसें काफी वायु प्रदूषण करती हैं। इसी लिए बीएस छह की बसों को बेड़े में बढ़ाया जा रहा है। अंबाला डिपो के पास बीएस 3 मानक की 37 बसें तो बीएस 4 मानक की 9 बसें हैं। रोडवेज के अधिकारियों की मानें तो इन बसों को धीमे धीमे बीएस छह से बदला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले वर्ष मिलीं थीं बीएस छह मानक की बसें
डिपो के पास बीएस-3 मानक की 37 बस हैं। इन बसों को हिसार, जींद, नरवाना और लोकल मार्ग पर चलाया जा रहा है। वहीं बीएस 6 मानक की 104 बसे हैं। इनमें से कई बसें पिछले साल ही बेड़े में शामिल हुई हैं। वहीं 10 वातानुकूलित बीएस-6 मानक की बसों को चंडीगढ़- दिल्ली, दिल्ली- जालंधर के रूट पर संचालित किया जा रहा है। फिर भी रोडवेज के पास बीएस 6 मानक की बसों की संख्या कम है।

26 कंडम बस 85 लाख रुपये में की बेचीं
रोडवेज अधिकारियों ने कंडम हुई अंबाला डिपो की 26 बसों को हाल ही में 85 लाख रुपये में कबाड़ में बेच दिया। इसके अलावा कोर्ट केस के तहत 10 बसें कार्यशाला में परिसर में ही खड़ी रहती हैं। ऐसे में रोडवेज को अभी भी करीब 100 बसों की जरूरत है। इन बसों के संचालन के लिए 150 से अधिक चालक व परिचालकों की भी आवश्यकता होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed