{"_id":"64cd547a93b4e8f9820b5a39","slug":"education-department-teaching-children-away-from-education-ambala-news-c-36-1-amb1003-7982-2023-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: शिक्षा से दूर बच्चों को पढ़ा रहा शिक्षा विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: शिक्षा से दूर बच्चों को पढ़ा रहा शिक्षा विभाग
विज्ञापन
अंबाला सिटी। स्कूल में शिक्षा हासिल न करने वाले विद्यार्थी (आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रन) को शिक्षा विभाग कदम सेंटर में आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा दे रहा है। विभाग के जिले में 39 कदम सेंटर चल रहे हैं। इन सेंटर में 976 विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं। यह विद्यार्थी झुग्गी-झोपड़ी या ईंट भट्ठे पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के बच्चे हैं।
इन बच्चों को शिक्षा विभाग 10 महीने का ब्रिज कोर्स कराने के बाद राजकीय स्कूलों में उनकी उम्र के हिसाब से कक्षा में दाखिला कराता है। 10 महीने तक चलने वाला ब्रिज कोर्स राजकीय स्कूलों में ही चलता है। यह प्रोजेक्ट समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिला परियोजना समन्यवक रेनु अग्रवाल के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
दरअसल, विभाग ने जिले में 39 कदम सेंटर बनाए हैं। इन सेंटरों पर एजुकेशन वाॅलेंटियर रखे गए हैं। पहले तो विभाग जनवरी माह में ऐसे बच्चों का सर्वे करवाता है। सर्वे के बाद ऐसे बच्चों का दाखिला इन सेंटर पर किया जाता है। अभी बीती 15 जून से इन बच्चों का 10 महीने का ब्रिज कोर्स शुरू हुआ है। उस ब्रिज कोर्स में बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार सिलेब्स करवाया जाता है और अगले साल अप्रैल में स्कूलों में दाखिल करवाया जाता है।
विज्ञापन
खाना और किताबें भी निशुल्क मिल रही
एक कदम सेंटर पर कम से कम 12 और ज्यादा से ज्यादा 35 विद्यार्थी रखे जाते हैं। इन कक्षा संबंधित एरिया में प्राइमरी स्कूल में सुबह आठ से दोपहर 2.30 बजे तक चलती हैं। बच्चों को स्कूल में मिडे डे मील मिलता है। किताबें भी निशुल्क मिलती हैं और वर्दी के 400 रुपये मिलते हैं। स्टेशनरी का पैसा स्कूल इंचार्ज के पास आता है।
कोट्स
जिले में 39 कदम सेंटर चलाए जा रहे हैं। इन सेंटरों पर 976 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और विद्यार्थियों को स्कूल जैसे सुविधाएं भी दी जा रही है। इन विद्यार्थियों को 10 महीने का ब्रिज कोर्स करवाया जाता है और उसके बाद राजकीय स्कूलों में उनकी उम्र के हिसाब से कक्षा में दाखिल करवाया जाता है। यह प्रोजेक्ट समग्र शिक्षा के अंतर्गत चल रहा है।
रेनु अग्रवाल, जिला परियोजना समन्यवक, अंबाला।
विज्ञापन
इन बच्चों को शिक्षा विभाग 10 महीने का ब्रिज कोर्स कराने के बाद राजकीय स्कूलों में उनकी उम्र के हिसाब से कक्षा में दाखिला कराता है। 10 महीने तक चलने वाला ब्रिज कोर्स राजकीय स्कूलों में ही चलता है। यह प्रोजेक्ट समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिला परियोजना समन्यवक रेनु अग्रवाल के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
दरअसल, विभाग ने जिले में 39 कदम सेंटर बनाए हैं। इन सेंटरों पर एजुकेशन वाॅलेंटियर रखे गए हैं। पहले तो विभाग जनवरी माह में ऐसे बच्चों का सर्वे करवाता है। सर्वे के बाद ऐसे बच्चों का दाखिला इन सेंटर पर किया जाता है। अभी बीती 15 जून से इन बच्चों का 10 महीने का ब्रिज कोर्स शुरू हुआ है। उस ब्रिज कोर्स में बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार सिलेब्स करवाया जाता है और अगले साल अप्रैल में स्कूलों में दाखिल करवाया जाता है।
विज्ञापन
खाना और किताबें भी निशुल्क मिल रही
एक कदम सेंटर पर कम से कम 12 और ज्यादा से ज्यादा 35 विद्यार्थी रखे जाते हैं। इन कक्षा संबंधित एरिया में प्राइमरी स्कूल में सुबह आठ से दोपहर 2.30 बजे तक चलती हैं। बच्चों को स्कूल में मिडे डे मील मिलता है। किताबें भी निशुल्क मिलती हैं और वर्दी के 400 रुपये मिलते हैं। स्टेशनरी का पैसा स्कूल इंचार्ज के पास आता है।
कोट्स
जिले में 39 कदम सेंटर चलाए जा रहे हैं। इन सेंटरों पर 976 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और विद्यार्थियों को स्कूल जैसे सुविधाएं भी दी जा रही है। इन विद्यार्थियों को 10 महीने का ब्रिज कोर्स करवाया जाता है और उसके बाद राजकीय स्कूलों में उनकी उम्र के हिसाब से कक्षा में दाखिल करवाया जाता है। यह प्रोजेक्ट समग्र शिक्षा के अंतर्गत चल रहा है।
रेनु अग्रवाल, जिला परियोजना समन्यवक, अंबाला।