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Ambala News: पहाड़ों में बारिश से टांगरी नदी का जलस्तर सात हजार क्यूसेक पहुंचा, बढ़ीं धड़कनें
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पहाड़ों में बारिश से टांगरी नदी का जलस्तर सात हजार क्यूसेक पहुंचा, बढ़ीं धड़कनें
पहाड़ों में बारिश से टांगरी नदी का जलस्तर सात हजार क्यूसेक पहुंचा, बढ़ीं धड़कनें
सिंचाई विभाग बोला - 10 हजार क्यूसेक तक नहीं है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पहाड़ों में हुई बारिश के बाद वीरवार की सुबह एक बार फिर टांगरी नदी उफान पर आ गई। सुबह करीब 10 बजे के करीब सात हजार क्यूसेक तक पानी पहुंच गया। इससे क्षेत्रवासियों की धड़कनें बढ़ गईं। इस संबंध में सिंचाई विभाग का कहना है कि 10 हजार क्यूसेक तक खतरे की कोई बात नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधवार की रात को हुई बरसात के बाद उनकी गलियों व आसपास के खाली प्लाटों में पानी जमा हो गया था। पहले तो वे बारिश के पानी से परेशाान थे। सुबह होने के बाद नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर चिंता बढ़ गई। उन्होंने सामान तक समेटना शुरू कर दिया था, लेकिन दोपहर बाद पानी कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इससे पहले नदी की जद में बसे लोगों ने रातभर अपने घरों से पानी निकालते हुए जागकर रात काटी। वीरवार को राहत की बात यह रही कि पहाड़ों में बरसात रुक गई और पानी का जलस्तर घटना शुरू हो गया।
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सिंचाई विभाग बोला - 10 हजार क्यूसेक तक नहीं है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पहाड़ों में हुई बारिश के बाद वीरवार की सुबह एक बार फिर टांगरी नदी उफान पर आ गई। सुबह करीब 10 बजे के करीब सात हजार क्यूसेक तक पानी पहुंच गया। इससे क्षेत्रवासियों की धड़कनें बढ़ गईं। इस संबंध में सिंचाई विभाग का कहना है कि 10 हजार क्यूसेक तक खतरे की कोई बात नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बुधवार की रात को हुई बरसात के बाद उनकी गलियों व आसपास के खाली प्लाटों में पानी जमा हो गया था। पहले तो वे बारिश के पानी से परेशाान थे। सुबह होने के बाद नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर चिंता बढ़ गई। उन्होंने सामान तक समेटना शुरू कर दिया था, लेकिन दोपहर बाद पानी कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। इससे पहले नदी की जद में बसे लोगों ने रातभर अपने घरों से पानी निकालते हुए जागकर रात काटी। वीरवार को राहत की बात यह रही कि पहाड़ों में बरसात रुक गई और पानी का जलस्तर घटना शुरू हो गया।
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