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Ambala News: प्लानिंग के अभाव में हर साल सीवरेज सिस्टम हो रहा फेल
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जसबीर मलौर, कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक।
अंबाला सिटी। शहर के सबसे पॉश एरिया सेक्टरों में सीवरेज सिस्टम की हालत खराब है। सेक्टरों में थोड़ी सी बारिश के बाद ही पानी जमा हो जाता है। बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से सेक्टरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
बारिश के दिनों में कई-कई दिनों तक सेक्टरों का पानी नहीं उतरता। इसका कारण सीवरेज बंद होना भी है और सेक्टरों में बने टीपीएस सिस्टम भी अपग्रेड नहीं है। चुनाव में यह मुद्दा काफी गूंज रहा है। सेक्टर के लोग भी मूलभूत सुविधाओं के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, हालांकि नगर निगम, एचएसवीपी और जनस्वास्थ्य विभाग आगामी दिनों में सेक्टरों में सुविधाएं देने के लिए कार्य कर रहा है।
कई प्रोजेक्ट के चुनाव से पहले टेंडर हो चुके हैं और उनका कार्य भी पहले से ही चल रहा है। टीपीएस को अपग्रेड करने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। सेक्टर 7 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप सचदेवा बताते हैं कि सीवरेज की समस्या के पीछे पुरानी वजह है। सबसे पहले तो जब सीवरेज बने तक सेक्टरों में आबादी काफी कम थी। उस समय के हिसाब से सीवरेज उपयुक्त थे। मगर आज के समय में अगर सिर्फ सेक्टर सात ही ले लें तो यहां 15 हजार की आबादी रहती है। ऐसे में अब सीवरेज इतनी आबादी की क्षमता नहीं उठा पा रहे हैं।
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हाल ही में 40 वर्ष बाद सेक्टर 7 और सेक्टर 1 में ट्रायल के रूप में सीवरेज साफ कराए गए तो इस बार पानी बैक नहीं मारा। मगर ठेकेदार ने बताया कि हर चार साल बाद सीवरेज की सफाई करानी पड़ेगी, क्योंकि सीवरेज की क्षमता कमी है। इसके साथ ही कई स्थानीय निवासियों ने सीवरेज के पाइप को रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के पाइप में जोड़ दिया है, जिससे दिक्कत आ रही है। अत: सेक्टरों में सीवरेज समस्या का समाधान पाना है तो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को सही प्लॉनिंग बनानी होगी, जमीनी हकीकत जाननी होगी और इसका समाधान करना होगा।
पुराने सेक्टरों में गिने जाते हैं सेक्टर-9 और 10
दरअसल, सेक्टर-9 और 10 दोनों 25 वर्ष से ज्यादा पुराने हैं। इन सेक्टरों में ज्यादा प्लाट पर मकान बने हैं और कुछ प्लाट खाली भी पड़े हैं। सेक्टरों में सफाई, सीवरेज बंद होने और बरसाती पानी की निकासी न होने के मुद्दे छाए हैं। मेयर चुनाव में भी यह मुद्दे खूब उछले थे और अब विधानसभा चुनाव में भी इन मुद्दों को भुनाया जा रहा है। सेक्टरवासी कहते हैं कि उन्होंने सेक्टरों में करोड़ों के मकान बनाए थे, जिससे कि उनको सेक्टरों में सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन अब सेक्टरों में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।
जनस्वास्थ्य विभाग, एचएसवीपी और निगम करा रहे समाधान
सेक्टरों से बरसाती पानी की निकासी के लिए तीन कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों में जनस्वास्थ्य विभाग, एचएसवीपी और नगर निगम की जिम्मेदारी लगाई गई है। सेक्टरों में टीपीएस को अपग्रेड किया जा रहा है। यहां मोटर की क्षमता को दोगुना किया जा रहा है। यह कार्य करीब 2.50 करोड़ से किया जाएगा। इसका कार्य चल रहा है। इसी तरह सेक्टरों में नई पाइप डालने के लिए भी 2.50 करोड़ का टेंडर किया गया है। सीवरेज की सफाई का कार्य भी चल रहा है। सेक्टर-10 में एक डिस्पोजल भी पास करवाया गया है। यह प्रोजेक्ट करीब 7.2 करोड़ का है। इसका टेंडर हो गया है। यह सभी कार्य सेक्टरों में किए जाएंगे। आने वाले दिनों में इन कार्य के होने पर सेक्टरों में बरसाती पानी की निकासी की समस्या नहीं आएगी। स्टेडियम में स्विमिंग पुल व डे केयर सेंटर का कार्य भी चल रहा है। आने वाले दिनों में सेक्टरों की तस्वीर बदलेगी।
वर्जन
सेक्टरों के सीवरेज बंद पड़े हैं। इस वजह से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो रही। पिछले वर्ष बाढ़ आने से सेक्टरों में हालत बुरी हुई। इस बार भी अगस्त महीने में बारिश के कारण जलभराव हो गया। सीवरेज की सफाई नहीं होने से निकासी नहीं हुई और गंदा पानी घरों में ही जमा हो गया। सेक्टर-9 से वाटिका की तरफ जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया। इस वजह से भी निकासी प्रभावित हो रही है।
जसबीर मलौर, कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक।
सेक्टरों में सीवरेज की काफी पुरानी समस्या है। इसके समाधान के लिए सरकार ने काफी प्रयास किए हैं। सेक्टरों में सीवरेज की सफाई का ट्रायल भी सफल रहा है। इसमें अब प्लानिंग के साथ कार्य किया जा रहा है। विशेषज्ञों की मदद लेकर जो बुनियादी कमियां हैं उन्हें दूर किया जा रहा है।
-जगमोहन लाल, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा।
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बारिश के दिनों में कई-कई दिनों तक सेक्टरों का पानी नहीं उतरता। इसका कारण सीवरेज बंद होना भी है और सेक्टरों में बने टीपीएस सिस्टम भी अपग्रेड नहीं है। चुनाव में यह मुद्दा काफी गूंज रहा है। सेक्टर के लोग भी मूलभूत सुविधाओं के लिए कई बार मांग कर चुके हैं, हालांकि नगर निगम, एचएसवीपी और जनस्वास्थ्य विभाग आगामी दिनों में सेक्टरों में सुविधाएं देने के लिए कार्य कर रहा है।
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कई प्रोजेक्ट के चुनाव से पहले टेंडर हो चुके हैं और उनका कार्य भी पहले से ही चल रहा है। टीपीएस को अपग्रेड करने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। सेक्टर 7 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप सचदेवा बताते हैं कि सीवरेज की समस्या के पीछे पुरानी वजह है। सबसे पहले तो जब सीवरेज बने तक सेक्टरों में आबादी काफी कम थी। उस समय के हिसाब से सीवरेज उपयुक्त थे। मगर आज के समय में अगर सिर्फ सेक्टर सात ही ले लें तो यहां 15 हजार की आबादी रहती है। ऐसे में अब सीवरेज इतनी आबादी की क्षमता नहीं उठा पा रहे हैं।
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हाल ही में 40 वर्ष बाद सेक्टर 7 और सेक्टर 1 में ट्रायल के रूप में सीवरेज साफ कराए गए तो इस बार पानी बैक नहीं मारा। मगर ठेकेदार ने बताया कि हर चार साल बाद सीवरेज की सफाई करानी पड़ेगी, क्योंकि सीवरेज की क्षमता कमी है। इसके साथ ही कई स्थानीय निवासियों ने सीवरेज के पाइप को रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के पाइप में जोड़ दिया है, जिससे दिक्कत आ रही है। अत: सेक्टरों में सीवरेज समस्या का समाधान पाना है तो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को सही प्लॉनिंग बनानी होगी, जमीनी हकीकत जाननी होगी और इसका समाधान करना होगा।
पुराने सेक्टरों में गिने जाते हैं सेक्टर-9 और 10
दरअसल, सेक्टर-9 और 10 दोनों 25 वर्ष से ज्यादा पुराने हैं। इन सेक्टरों में ज्यादा प्लाट पर मकान बने हैं और कुछ प्लाट खाली भी पड़े हैं। सेक्टरों में सफाई, सीवरेज बंद होने और बरसाती पानी की निकासी न होने के मुद्दे छाए हैं। मेयर चुनाव में भी यह मुद्दे खूब उछले थे और अब विधानसभा चुनाव में भी इन मुद्दों को भुनाया जा रहा है। सेक्टरवासी कहते हैं कि उन्होंने सेक्टरों में करोड़ों के मकान बनाए थे, जिससे कि उनको सेक्टरों में सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन अब सेक्टरों में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही। सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।
जनस्वास्थ्य विभाग, एचएसवीपी और निगम करा रहे समाधान
सेक्टरों से बरसाती पानी की निकासी के लिए तीन कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों में जनस्वास्थ्य विभाग, एचएसवीपी और नगर निगम की जिम्मेदारी लगाई गई है। सेक्टरों में टीपीएस को अपग्रेड किया जा रहा है। यहां मोटर की क्षमता को दोगुना किया जा रहा है। यह कार्य करीब 2.50 करोड़ से किया जाएगा। इसका कार्य चल रहा है। इसी तरह सेक्टरों में नई पाइप डालने के लिए भी 2.50 करोड़ का टेंडर किया गया है। सीवरेज की सफाई का कार्य भी चल रहा है। सेक्टर-10 में एक डिस्पोजल भी पास करवाया गया है। यह प्रोजेक्ट करीब 7.2 करोड़ का है। इसका टेंडर हो गया है। यह सभी कार्य सेक्टरों में किए जाएंगे। आने वाले दिनों में इन कार्य के होने पर सेक्टरों में बरसाती पानी की निकासी की समस्या नहीं आएगी। स्टेडियम में स्विमिंग पुल व डे केयर सेंटर का कार्य भी चल रहा है। आने वाले दिनों में सेक्टरों की तस्वीर बदलेगी।
वर्जन
सेक्टरों के सीवरेज बंद पड़े हैं। इस वजह से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो रही। पिछले वर्ष बाढ़ आने से सेक्टरों में हालत बुरी हुई। इस बार भी अगस्त महीने में बारिश के कारण जलभराव हो गया। सीवरेज की सफाई नहीं होने से निकासी नहीं हुई और गंदा पानी घरों में ही जमा हो गया। सेक्टर-9 से वाटिका की तरफ जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया। इस वजह से भी निकासी प्रभावित हो रही है।
जसबीर मलौर, कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक।
सेक्टरों में सीवरेज की काफी पुरानी समस्या है। इसके समाधान के लिए सरकार ने काफी प्रयास किए हैं। सेक्टरों में सीवरेज की सफाई का ट्रायल भी सफल रहा है। इसमें अब प्लानिंग के साथ कार्य किया जा रहा है। विशेषज्ञों की मदद लेकर जो बुनियादी कमियां हैं उन्हें दूर किया जा रहा है।
-जगमोहन लाल, पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा।

जसबीर मलौर, कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक।