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Ambala News: हवा से आंखों में सूखापन, बुखार के मरीज भी बढ़े
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सिटी नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीज। संवाद
अंबाला सिटी। एक दिन की छुट्टी के बाद खुली ओपीडी में सोमवार को 1200 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए पहुंची। ठंड के कारण भीड़ तो कम दिखी लेकिन बुखार और आंखों के मरीज अभी भी देखने को मिल रहे हैं। ठंड के कारण इन दिनों अस्पताल में आंखों में ड्राइनेस और बच्चों में बुखार और खांसी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
सोमवार को ओपीडी खुलते ही सिटी नागरिक अस्पताल में 120 से अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें 80 प्रतिशत बच्चे बुखार और खांसी के ही रहे। वहीं आंखों की ओपीडी में भी 150 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं। इनमें से 40 मरीज आंखों की ड्राइनेस के ही देखने को मिले।
हवा बिगाड़ रही बच्चों का स्वास्थ्य
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभ ज्योति प्रकाश ने बताया कि इन दिनों सुबह और शाम को होने वाली ठंड बच्चे के खतरनाक है। ठंडी हवा के कारण बच्चों को जुकाम और बुखार हो रहा है। इसके साथ ही बच्चों की छाती में भी बलगम बन जाता है। लंबे समय तक खांसी और जुकाम रहने से यह निमोनिया में तबदील हो सकता है। इसलिए शाम के समय बच्चे को घर से बाहर न निकाले।बुखार और जुकाम होने पर बच्चों को तुंरत उपचार के लिए लेकर पहुंचे।
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ठंड से आंखों में हो रहा सूखापन
नेत्र विभाग में इन दिनों आंखों में सूखापन और खुजली की समस्या के मरीज अधिक देखने को मिल रहे हैं। ओपीडी में इन दिनों ड्राइ आई के 30 से 40 मरीज देखने को मिल रहे हैं। डॉ. राजेश ने बताया कि आंखों में जब भी ठंडी हवा लगती है तो इससे आंखों में आंसू बनना बंद हो जाते हैं। सूखी आंखों में चुबन होने लग जाती है। देखने में भी परेशानी होती है। चिकित्सकों की सलाह है कि शाम के समय अपनी आंखों को ढक कर रखें। घर जाकर आंखों को ठंडे पानी से भी साफ कर सकते हैं।
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सोमवार को ओपीडी खुलते ही सिटी नागरिक अस्पताल में 120 से अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंचे। इनमें 80 प्रतिशत बच्चे बुखार और खांसी के ही रहे। वहीं आंखों की ओपीडी में भी 150 मरीज अपना उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं। इनमें से 40 मरीज आंखों की ड्राइनेस के ही देखने को मिले।
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हवा बिगाड़ रही बच्चों का स्वास्थ्य
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभ ज्योति प्रकाश ने बताया कि इन दिनों सुबह और शाम को होने वाली ठंड बच्चे के खतरनाक है। ठंडी हवा के कारण बच्चों को जुकाम और बुखार हो रहा है। इसके साथ ही बच्चों की छाती में भी बलगम बन जाता है। लंबे समय तक खांसी और जुकाम रहने से यह निमोनिया में तबदील हो सकता है। इसलिए शाम के समय बच्चे को घर से बाहर न निकाले।बुखार और जुकाम होने पर बच्चों को तुंरत उपचार के लिए लेकर पहुंचे।
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ठंड से आंखों में हो रहा सूखापन
नेत्र विभाग में इन दिनों आंखों में सूखापन और खुजली की समस्या के मरीज अधिक देखने को मिल रहे हैं। ओपीडी में इन दिनों ड्राइ आई के 30 से 40 मरीज देखने को मिल रहे हैं। डॉ. राजेश ने बताया कि आंखों में जब भी ठंडी हवा लगती है तो इससे आंखों में आंसू बनना बंद हो जाते हैं। सूखी आंखों में चुबन होने लग जाती है। देखने में भी परेशानी होती है। चिकित्सकों की सलाह है कि शाम के समय अपनी आंखों को ढक कर रखें। घर जाकर आंखों को ठंडे पानी से भी साफ कर सकते हैं।