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नहोनी में डायरिया ने पसारे पांव, 20 लोग बीमार
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Thu, 07 Jul 2016 12:39 AM IST
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डायरिया से पीड़ित लोग
- फोटो : amar ujala
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गांव नहोनी में डायरिया ने अपने पांव पसार लिए हैं। एक के बाद एक मरीज सामने आ रहे हैं, जबकि प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए हैं। स्थिति यह है कि कुछ मरीज जहां सरकारी अस्पताल से इलाज करवा रहे हैं, वहीं कईं निजी चिकित्सकों से इलाज करवा रहे हैं। यदि यही हालात रहे तो मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि बीते दो-तीन दिनों से डायरिया के मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन बुधवार को प्रशासन की टीम पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल मरीजों का उपचार किया जा रहा है। एक बार फिर से वाटर सैंपल फेल हुए हैं, जिसके चलते माना जा रहा है कि डायरिया से लोग बीमार हुए हैं।
जानकारी के अनुसार नहोनी गांव में कई दिनों से लोग डायरिया की चपेट में हैं। एक ही मोहल्ले में एक ही घर में चार-पांच मरीज डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि पहले दो दिन तो कईं मरीज प्राइवेट डॉक्टर से अपना इलाज करवाते रहे हैं। मरीजों का कहना है कि पीएचसी से भी राहत नहीं मिली, तो निजी चिकित्सकों से महंगे दामों पर अपना इलाज करवाना पड़ा। सूत्रों की मानें, तो पिछले दो दिनों से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पीएचसी के डॉक्टर खुद मान रहे हैं कि काफी संख्या में मरीज अपना इलाज करवाने पहुंचे, जबकि कुछ को तो ड्रिप तक लगाने की नौबत आ गई।
कई दिनों से आ रहे हैं मरीज
नहोनी में कईं दिनों से डायरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मरीजों का चेकअप पीएचसी में किया गया, जिनमें से डायरिया के मरीज भी मिले हैं। इसके अलावा कईं मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज निजी चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। जिन भी मरीजों को आवश्यकता रही, पीएचसी सी दवा दी गई, जबकि कुछ को उपचार के लिए दाखिल भी किया गया।
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वाटर सैंपल फेल
पीएचसी के इंचार्ज डॉ. लक्ष्य ने बताया कि गांव में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी के सैंपल भी लिए गए हैं, जिनको स्वास्थ्य विभाग ने चेक किया है। इन में से कईं सैंपल फेल पाए गए हैं। इतना ही नहीं ट्यूबवेल के डोजियर को चेक किया, जिसे बदला गया है। उधर माना जा रहा है कि क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज के कारण भी ऐसे हालात बन सकते हैं।
ये लोग हैं डायरिया से पीड़ित
गांव नहोनी में डायरिया पीड़ित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग जहां उपचार में जुटा है, वहीं प्रशासन की टीम ने मौके का मुआयना भी किया। इस दौरान गांव के अमरजीत सिंह, परमजीत, रमणदीप, मनोज, सीला, रक्षा, सुषमा, तारा देवी, सुरेंद्र कुमार, मलकीत सिंह, प्रदीप कुमार, तमन्ना, मयंक, मुकेश, सुदेश रानी, सुषमा, सरीता, वीना कुमारी, प्रदीप कुमार, जितेंद्र डायरिया से पीड़ित हैं। बताया जाता है कि कईंयों का इलाज निजी क्लीनिकों से भी चल रहा है।
अधिकारी ने किया दौरा
बराड़ा उपमंडल अधिकारी गिरीश कुमार के आदेशानुसार नायब तहसीलदार अमित वर्मा ने गांव नौहनी व पीएचसी में जाकर उपचाराधीन मरीजों का कुशलक्षेम पूछा। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद चिकित्सक से मरीजों को दिए जा रहे उपचार के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों को बेहतर चिकित्सा संबंधी सुविधा दिए जाने बारे में भी कहा। उन्होंने बताया कि नहोनी गांव में उल्टी व दस्त रोग से पीड़ित मरीजों के बारे में जानकारी मिली जिसके बाद उन्होंने उन्हें गांव व पीएचसी का दौरा करने बारे व उक्त बीमारी की चपेट में ग्रामीण किस कारण आए हैं, इसकी वास्तविकता जानने बारे निर्देश दिए।
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में आने के बाद डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। जो भी डायरिया से पीड़ित होगा उसका इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों को भी मौके पर भेजा और स्थिति की रिपोर्ट ली जाएगी।
- गिरीश कुमार, एसडीएम बराड़ा
वर्जन
नहोनी में डायरिया के मरीज सामने आए हैं, जिसे लेकर विभाग अलर्ट है। कुछ वाटर सैंपल भी फेल पाए गए हैं। फिलहाल पीएचसी से इस मामले की रिपोर्ट मांगी गई है, जबकि निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों का उपचार प्राथमिकता पर किया जाए।
- डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ अंबाला
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जानकारी के अनुसार नहोनी गांव में कई दिनों से लोग डायरिया की चपेट में हैं। एक ही मोहल्ले में एक ही घर में चार-पांच मरीज डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि पहले दो दिन तो कईं मरीज प्राइवेट डॉक्टर से अपना इलाज करवाते रहे हैं। मरीजों का कहना है कि पीएचसी से भी राहत नहीं मिली, तो निजी चिकित्सकों से महंगे दामों पर अपना इलाज करवाना पड़ा। सूत्रों की मानें, तो पिछले दो दिनों से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पीएचसी के डॉक्टर खुद मान रहे हैं कि काफी संख्या में मरीज अपना इलाज करवाने पहुंचे, जबकि कुछ को तो ड्रिप तक लगाने की नौबत आ गई।
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कई दिनों से आ रहे हैं मरीज
नहोनी में कईं दिनों से डायरिया के मरीज सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ मरीजों का चेकअप पीएचसी में किया गया, जिनमें से डायरिया के मरीज भी मिले हैं। इसके अलावा कईं मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज निजी चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। जिन भी मरीजों को आवश्यकता रही, पीएचसी सी दवा दी गई, जबकि कुछ को उपचार के लिए दाखिल भी किया गया।
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वाटर सैंपल फेल
पीएचसी के इंचार्ज डॉ. लक्ष्य ने बताया कि गांव में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सप्लाई किए जा रहे पानी के सैंपल भी लिए गए हैं, जिनको स्वास्थ्य विभाग ने चेक किया है। इन में से कईं सैंपल फेल पाए गए हैं। इतना ही नहीं ट्यूबवेल के डोजियर को चेक किया, जिसे बदला गया है। उधर माना जा रहा है कि क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज के कारण भी ऐसे हालात बन सकते हैं।
ये लोग हैं डायरिया से पीड़ित
गांव नहोनी में डायरिया पीड़ित मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग जहां उपचार में जुटा है, वहीं प्रशासन की टीम ने मौके का मुआयना भी किया। इस दौरान गांव के अमरजीत सिंह, परमजीत, रमणदीप, मनोज, सीला, रक्षा, सुषमा, तारा देवी, सुरेंद्र कुमार, मलकीत सिंह, प्रदीप कुमार, तमन्ना, मयंक, मुकेश, सुदेश रानी, सुषमा, सरीता, वीना कुमारी, प्रदीप कुमार, जितेंद्र डायरिया से पीड़ित हैं। बताया जाता है कि कईंयों का इलाज निजी क्लीनिकों से भी चल रहा है।
अधिकारी ने किया दौरा
बराड़ा उपमंडल अधिकारी गिरीश कुमार के आदेशानुसार नायब तहसीलदार अमित वर्मा ने गांव नौहनी व पीएचसी में जाकर उपचाराधीन मरीजों का कुशलक्षेम पूछा। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद चिकित्सक से मरीजों को दिए जा रहे उपचार के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों को बेहतर चिकित्सा संबंधी सुविधा दिए जाने बारे में भी कहा। उन्होंने बताया कि नहोनी गांव में उल्टी व दस्त रोग से पीड़ित मरीजों के बारे में जानकारी मिली जिसके बाद उन्होंने उन्हें गांव व पीएचसी का दौरा करने बारे व उक्त बीमारी की चपेट में ग्रामीण किस कारण आए हैं, इसकी वास्तविकता जानने बारे निर्देश दिए।
वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में आने के बाद डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। जो भी डायरिया से पीड़ित होगा उसका इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों को भी मौके पर भेजा और स्थिति की रिपोर्ट ली जाएगी।
- गिरीश कुमार, एसडीएम बराड़ा
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नहोनी में डायरिया के मरीज सामने आए हैं, जिसे लेकर विभाग अलर्ट है। कुछ वाटर सैंपल भी फेल पाए गए हैं। फिलहाल पीएचसी से इस मामले की रिपोर्ट मांगी गई है, जबकि निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों का उपचार प्राथमिकता पर किया जाए।
- डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ अंबाला