अंबाला छावनी की डिफेंस कॉलोनी में श्रीराधा-माधव संकीर्तन पथ की ओर से चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित रोहित शास्त्री ने श्रद्धालुओं के अपार जनसमूह को प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलयुग में चार राक्षस रहे हैं। सतयुग-हिरण्यकश्यपु, त्रेतायुग-रावण, द्वापरयुग-कंस और कलयुग में अहंकार मनुष्य का शत्रु है।
इसलिए जो मनुष्य कलयुगी राक्षसों से बचकर भगवान का जप-तप, पाठ-पूजा व स्मरण करेगा, वहीं भगवान के प्रति समर्पित हो सकता है। कथा के बीच भगवान श्रीकृष्ण जी के जन्मोत्सव की सुंदर झांकी निकाली गई। कथा वाचक की ओर से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सुंदर-सुंदर भजन प्रस्तुत किए गए, जिस पर सभी श्रद्धालु झूम उठे। कथा के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण जी को मक्खन मिश्री का भोग लगवाया गया। सभी श्रद्धालुओं ने विशेष आरती में भाग लिया।

अंबाला छावनी के डिफैंस कालोनी में श्रीमद भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।- फोटो : Ambala