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Ambala News: ताड़का वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों का वर्णन
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दयाल बाग स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर धर्मशाला में आयोजित श्री राम कथा का श्रवण करते श्रद्धा
- फोटो : Archive
श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर धर्मशाला में श्रीराम कथा आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। दयाल बाग स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर धर्मशाला में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा वाचक पंडित अजय प्रसाद ने ताड़का वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब महर्षि विश्वामित्र अयोध्या आए और दशरथ जी से राम-लक्ष्मण को मांगा तो यह केवल एक राजा से उसके पुत्रों की मांग नहीं थी बल्कि धर्म की रक्षा के लिए शक्ति का आह्वान था।
उन्होंने समझाया कि कैसे प्रभु ने मार्ग में ताड़का जैसी आसुरी शक्तियों का संहार कर ऋषियों के यज्ञ को सफल बनाया। इस दौरान भजनों की अमृत वर्षा ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बताया कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि प्रभु के चरणों में वह शक्ति है जो जड़ में भी चेतना भर सकती है। श्री राम ने अहिल्या का उद्धार कर समाज को यह संदेश दिया कि जो समाज द्वारा उपेक्षित या श्रापित है, मर्यादा पुरुषोत्तम उसे भी गले लगाकर सम्मान प्रदान करते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। दयाल बाग स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर धर्मशाला में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा वाचक पंडित अजय प्रसाद ने ताड़का वध और अहिल्या उद्धार के प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब महर्षि विश्वामित्र अयोध्या आए और दशरथ जी से राम-लक्ष्मण को मांगा तो यह केवल एक राजा से उसके पुत्रों की मांग नहीं थी बल्कि धर्म की रक्षा के लिए शक्ति का आह्वान था।
उन्होंने समझाया कि कैसे प्रभु ने मार्ग में ताड़का जैसी आसुरी शक्तियों का संहार कर ऋषियों के यज्ञ को सफल बनाया। इस दौरान भजनों की अमृत वर्षा ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बताया कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि प्रभु के चरणों में वह शक्ति है जो जड़ में भी चेतना भर सकती है। श्री राम ने अहिल्या का उद्धार कर समाज को यह संदेश दिया कि जो समाज द्वारा उपेक्षित या श्रापित है, मर्यादा पुरुषोत्तम उसे भी गले लगाकर सम्मान प्रदान करते हैं।
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