{"_id":"69cd819e1b81999e9c06c880","slug":"cylinder-not-received-even-after-showing-otp-ambala-news-c-36-1-amb1001-160797-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: ओटीपी दिखाने पर भी नहीं मिला सिलिंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: ओटीपी दिखाने पर भी नहीं मिला सिलिंडर
विज्ञापन
शमेशर सिंह, बिहटा गांव निवासी।
अंबाला। बीसी बाजार स्थित कपिल गैस एजेंसी पर बुधवार को लोगों ने हंगामा किया। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि ओटीपी दिखाने और तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटाया जा रहा है।
इसी प्रकार दूसरे उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि ओटीपी दिखाने के बाद उनके हिस्से का सिलिंडर किसी दूसरे को थमा दिया गया है। उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी पर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
एजेंसी परिसर में जमा हुए लोगों ने कर्मचारियों पर बदसलूकी और प्रताड़ना के आरोप लगाए। हंगामे के दौरान उपभोक्ताओं ने बताया कि वे कई दिनों से गैस के लिए धक्के खा रहे हैं। एक उपभोक्ता ने बताया कि वह 18 मार्च से लगातार एजेंसी के चक्कर काट रहा है लेकिन हर बार बहाना बनाकर टाल दिया जाता है।
विज्ञापन
अव्यवस्था का आलम : कपिल गैस एजेंसी के बाहर अव्यवस्था का आलम नजर आया। लंबी लाइन में खड़े बुजुर्ग, महिलाओं व युवाओं ने बताया कि सुबह आठ बजे ही यहां आकर खड़े हो जाते हैं और नंबर आने में तीन से चार घंटे का समय लग जाता है। धूप में खड़े रहने से कई बार तबीयत भी खराब हो जाती है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। संवाद
विज्ञापन
इसी प्रकार दूसरे उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि ओटीपी दिखाने के बाद उनके हिस्से का सिलिंडर किसी दूसरे को थमा दिया गया है। उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी पर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
विज्ञापन
एजेंसी परिसर में जमा हुए लोगों ने कर्मचारियों पर बदसलूकी और प्रताड़ना के आरोप लगाए। हंगामे के दौरान उपभोक्ताओं ने बताया कि वे कई दिनों से गैस के लिए धक्के खा रहे हैं। एक उपभोक्ता ने बताया कि वह 18 मार्च से लगातार एजेंसी के चक्कर काट रहा है लेकिन हर बार बहाना बनाकर टाल दिया जाता है।
विज्ञापन
अव्यवस्था का आलम : कपिल गैस एजेंसी के बाहर अव्यवस्था का आलम नजर आया। लंबी लाइन में खड़े बुजुर्ग, महिलाओं व युवाओं ने बताया कि सुबह आठ बजे ही यहां आकर खड़े हो जाते हैं और नंबर आने में तीन से चार घंटे का समय लग जाता है। धूप में खड़े रहने से कई बार तबीयत भी खराब हो जाती है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। संवाद

शमेशर सिंह, बिहटा गांव निवासी।

शमेशर सिंह, बिहटा गांव निवासी।