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कैदियों की सोच बदलकर समाज सेवा में लगाएं: मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला सिटी।
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:32 AM IST
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अंबाला सिटी। अंबाला-पंचकूला के पुलिस आयुक्त एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आरसी मिश्रा ने कहा कि वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण ही मानवता को बाढ़, भूकंप और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाएं झेलनी पड़ रही हैं। पिछले कुछ दशकों में वनों की अंधाधुंध कटाई हुई है, जिससे वन क्षेत्र में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण में सहयोग करना चाहिए। मिश्रा बुधवार को केन्द्रीय कारागार अंबाला शहर में वन महोत्सव के तहत पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बरगद का पौधा लगाकर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस मौके पर पुलिस उपायुक्त अंबाला शहरी डॉ. अरुण सिंह, पुलिस उपायुक्त अंबाला ग्रामीण श्रीमती मनीषा चौधरी, जेल अधीक्षक एसपीएस चौहान, वन मंडल अधिकारी दीपक नंदा, उपाधीक्षक जेल विशाल छिब्बड़, उपाधीक्षक डॉ. राजीव व भूपेंद्र सिंह, रेंज अधिकारी राजेश कुमार सहित अन्य जेल अधिकारियों तथा कैदियों और बंदियों ने 200 से अधिक पौधे लगाए।
कैदियों की आपसी प्रतियोगिताएं करवाने के निर्देश
पुलिस आयुक्त ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पौधारोपण, पर्यावरण प्रदूषण, स्वच्छता सहित अन्य विषयों पर कैदियों और बंदियों की चित्रकला व लेखन प्रतियोगिताएं भी करवाएं। इससे न केवल उनका समय बेहतर तरीके से व्यतीत होगा बल्कि उनका ज्ञान भी बढ़ेगा। उन्होंने केन्द्रीय कारागार में कैदियों और बंदियों के लिए शिक्षा व विभिन्न व्यवसायों के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। कैदियों और बंदियों को योग, धार्मिक प्रवचन व अन्य ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर दें ताकि वे तनावमुक्त वातावरण में अपना जीवन बीता सके ।
कैदियों को किया जा रहा शिक्षित
जेल अधीक्षक चौहान ने बताया कि इस समय 180 से अधिक कैदियों और बंदियों को शिक्षित किया जा रहा है। विभिन्न परीक्षाओं की शिक्षा ग्रहण कर रहे इन कैदियों और बंदियों को इंदिरा गांधी ओपन बोर्ड व यूनिवर्सिटी के माध्यम से परीक्षा देने का अवसर दिया जाता है। इसके अलावा कैदियों व बंदियों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण, लाइब्रेरी, बहुतकनीकी तकनीकी संस्थान अंबाला शहर के सहयोग अल्प अवधि के तकनीकी कोर्सों की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
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कैदियों की आपसी प्रतियोगिताएं करवाने के निर्देश
पुलिस आयुक्त ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पौधारोपण, पर्यावरण प्रदूषण, स्वच्छता सहित अन्य विषयों पर कैदियों और बंदियों की चित्रकला व लेखन प्रतियोगिताएं भी करवाएं। इससे न केवल उनका समय बेहतर तरीके से व्यतीत होगा बल्कि उनका ज्ञान भी बढ़ेगा। उन्होंने केन्द्रीय कारागार में कैदियों और बंदियों के लिए शिक्षा व विभिन्न व्यवसायों के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। कैदियों और बंदियों को योग, धार्मिक प्रवचन व अन्य ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर दें ताकि वे तनावमुक्त वातावरण में अपना जीवन बीता सके ।
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कैदियों को किया जा रहा शिक्षित
जेल अधीक्षक चौहान ने बताया कि इस समय 180 से अधिक कैदियों और बंदियों को शिक्षित किया जा रहा है। विभिन्न परीक्षाओं की शिक्षा ग्रहण कर रहे इन कैदियों और बंदियों को इंदिरा गांधी ओपन बोर्ड व यूनिवर्सिटी के माध्यम से परीक्षा देने का अवसर दिया जाता है। इसके अलावा कैदियों व बंदियों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण, लाइब्रेरी, बहुतकनीकी तकनीकी संस्थान अंबाला शहर के सहयोग अल्प अवधि के तकनीकी कोर्सों की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।
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