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पुलिस रवैये से खफा दलित समुदाय, एसडीएम कार्यालय का घेराव
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट।
Updated Tue, 08 Nov 2016 12:49 AM IST
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बराड़ा। उगाला गांव के पीड़ित दलित समुदाय के लोगों ने पुलिस रवैये के खिलाफ एसडीएम कार्यालय बराड़ा के सामने प्रदर्शन किया। समुदाय के लोग एसडीएम कार्यालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया। भीतर बैठे तमाम कर्मचारी भीतर ही रह गए और बाहर का कोई भी व्यक्ति भीतर नहीं जाने दिया गया।
लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। एसडीएम बराड़ा मौके पर पहुंचे लेकिन लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी। लोगों ने करीब पांच घंटे एसडीएम कार्यालय का घेराव रखा, जिसमें गेट बंद कर कार्यालय कर्मचारियों को बाहर नही आने दिया। लोगों ने डीएसपी बराड़ा के मौके पर आने की मांग की। बाद में शाम को डीएसपी अनिल कुमार व थाना प्रभारी कमलजीत सिंह मौके पर पहुंचे। जिनके आश्वासन के बाद लोगों ने गेट खोल दिया। डीएसपी अनिल कुमार ने कहा कि लोगों को आश्वासन दिया कि 10 नवंबर तक वह आरोपियों को पकड़ लेंगे, जिसके बाद इन लोगों ने धरना समाप्त किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता दलित समाज महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी लंकेशवरी अंबाला व दलित नेता परमवीर परचा ने की।
बीते दिनों गांव उगाला में दलितों के घर पर कुछ लोगों ने जहां हमला किया, वहीं जातिसूचक शब्द भी कहे। इसी को लेकर इस समुदाय के लोगों ने पुलिस में शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि इस मामले में केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य अभी भी खुले घूम रहे हैं। इस दौरान धरने पर बैठे लोगों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर गेट पर ताला जड़ दिया। करीब पांच घंटे तक विभाग के कर्मचारी भी अपने कार्यालय परिसर तक ही सीमित रहे।
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शाम करीब पांच बजे डीएसपी बराड़ा अनिल कुमार व बराड़ा थाना प्रभारी कमलजीत सिहं मौके पर पहुंचे। जिन्होंने आश्वासन दिया कि वह 10 नवंबर तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। इस मौके पर प्रशासन की ओर से एसडीएम गिरीश कुमार, तहसीलदार पुण्यदीप, नायब तहसीलदार दर्पण सिंह कंबोज, बराड़ा थाना प्रभारी कमलजीत सिंह मौजूद रहे।
लोगों को आश्वासन दिया है कि दस नवंबर तक सभी आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त किया। पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
- अनिल कुमार, डीएसपी बराड़ा
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लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। एसडीएम बराड़ा मौके पर पहुंचे लेकिन लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी। लोगों ने करीब पांच घंटे एसडीएम कार्यालय का घेराव रखा, जिसमें गेट बंद कर कार्यालय कर्मचारियों को बाहर नही आने दिया। लोगों ने डीएसपी बराड़ा के मौके पर आने की मांग की। बाद में शाम को डीएसपी अनिल कुमार व थाना प्रभारी कमलजीत सिंह मौके पर पहुंचे। जिनके आश्वासन के बाद लोगों ने गेट खोल दिया। डीएसपी अनिल कुमार ने कहा कि लोगों को आश्वासन दिया कि 10 नवंबर तक वह आरोपियों को पकड़ लेंगे, जिसके बाद इन लोगों ने धरना समाप्त किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता दलित समाज महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी लंकेशवरी अंबाला व दलित नेता परमवीर परचा ने की।
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बीते दिनों गांव उगाला में दलितों के घर पर कुछ लोगों ने जहां हमला किया, वहीं जातिसूचक शब्द भी कहे। इसी को लेकर इस समुदाय के लोगों ने पुलिस में शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि इस मामले में केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य अभी भी खुले घूम रहे हैं। इस दौरान धरने पर बैठे लोगों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर गेट पर ताला जड़ दिया। करीब पांच घंटे तक विभाग के कर्मचारी भी अपने कार्यालय परिसर तक ही सीमित रहे।
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शाम करीब पांच बजे डीएसपी बराड़ा अनिल कुमार व बराड़ा थाना प्रभारी कमलजीत सिहं मौके पर पहुंचे। जिन्होंने आश्वासन दिया कि वह 10 नवंबर तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। इस मौके पर प्रशासन की ओर से एसडीएम गिरीश कुमार, तहसीलदार पुण्यदीप, नायब तहसीलदार दर्पण सिंह कंबोज, बराड़ा थाना प्रभारी कमलजीत सिंह मौजूद रहे।
लोगों को आश्वासन दिया है कि दस नवंबर तक सभी आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त किया। पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
- अनिल कुमार, डीएसपी बराड़ा