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- पंचकूला पुलिस ने 25 अगस्त को पंचकूला में दंगा भड़काने के आरोप में किया है गिरफ्तार
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:36 AM IST
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एयरफोर्स स्कूल में टीचर रह चुका है दंगा भड़काने का आरोपी
- अंबाला की डिफेंस कालोनी में है सुरेंद्र का पैतृक निवास
- पंचकूला पुलिस ने सात दिन के रिमांड पर लिया है सुरेंद्र को
रमिंद्र सिंह
अंबाला कैंट। पंचकूला में 25 अगस्त को बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद दंगा भड़काने व राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया सुरेंद्र धीमान अंबाला कैंट के एयरफोर्स स्कूल में कंप्यूटर टीचर रह चुका है। सात दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहे सुरेंद्र का पैतृक घर कैंट की डिफेंस कालोनी में है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही घर में अजीब सा सन्नाटा है। अंबाला में सुरेंद्र के करीबी जानकारों को जब पता चला कि सुरेंद्र दंगे भड़काने की साजिश में शामिल था तो वह एकदम हैरान रह गए।
फिलहाल पंचकूला में अपने परिवार के साथ रह रहे सुरेंद्र धीमान को पंचकूला पुलिस ने मामले में पांच अन्य सहित मुख्य आरोपी बनाया है। पंचकूला पुलिस द्वारा सुरेंद्र के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के बाद सुरेंद्र ने अपने परिवार सदस्यों के साथ जाकर पुलिस के समक्ष बुधवार आत्मसमर्पण किया था। सुरेंद्र डेरा से बीते करीब एक दशक से जुड़ा हुआ था। इससे पहले वह एयरफोर्स स्टेशन द्वारा संचालित एयरफोर्स पब्लिक स्कूल में कंप्यूटर टीचर था। बताते हैं कि वह कंप्यूटर में क्वालीफाइड था जिसे कंप्यूटर का अच्छा खासा ज्ञान था। करीब चार वर्ष तक उसने यहां जॉब की, मगर 2003-04 के बाद से उसने कंप्यूटर टीचर की जॉब छोड़ दी थी। सुरेंद्र के पिता एयरफोर्स से बतौर अधिकारी रिटायर्ड है जोकि परिवार के साथ डिफेंस कालोनी में रहते हैं। परिवार सदस्य भी सुरेंद्र का नाम इस मामले में देखकर हैरान रह गए। शायद यही वजह थी कि सुरेंद्र के खिलाफ लुक ऑउट नोटिस जारी होने के बाद सुरेंद्र को परिवार सदस्यों ने ही आत्मसमर्पण करने को कहा। अंबाला से टीचर की जॉब छोड़ने के बाद सुरेंद्र दिल्ली में चला गया था और इसके बाद वह सिरसा डेरा सच्चा सौदा के संपर्क में आया। वह डेरे से प्रकाशित होने वाले एक अखबार से जुड़ा और धीरे-धीरे सुरेंद्र ने अपना अच्छा रसूख जमा लिया। शायद यही वजह थी कि सुरेंद्र को डेरे में प्रवक्ता भी नियुक्त किया गया।
तो फिर कोर्ट में क्या कर रहा था सुरेंद्र
सूत्र बताते हैं कि सुरेंद्र के परिवार वालों ने पुलिस को बताया है कि सुरेंद्र ने डेरे की अखबार से इसी वर्ष जनवरी-फरवरी माह में नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह किसी अन्य अखबार से जुड़ गया था। वह केवल अखबार में नौकरी कर रहा था, मगर परिवार सदस्यों द्वारा दी गई यह जानकारी जांच पुलिस के गले से नीचे नहीं उतर रही है क्योंकि यदि जनवरी-फरवरी में सुरेंद्र ने नौकरी छोड़ दी थी कि तो फिर वह 25 अगस्त संवेदनशील बने पंचकूला में आखिरकार क्या कर रहा था।
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पांच लोगों के खिलाफ दर्ज किया था केस
बता दें कि पंचकूला पुलिस ने दंगे भड़काने व राष्ट्रद्रोह के आरोप में आदित्य, सुरेंद्र धीमान, दिलावर, पवन व मोहिंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लुक आउट नोटिस जारी कर दिया था। मगर नोटिस जारी होने के अगले दिन सुरेंद्र ने आत्मसमर्पण कर दिया था जबकि शेष की तलाश में पुलिस अभी छापेमारी कर रही है।
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एयरफोर्स स्कूल में टीचर रह चुका है दंगा भड़काने का आरोपी
- अंबाला की डिफेंस कालोनी में है सुरेंद्र का पैतृक निवास
- पंचकूला पुलिस ने सात दिन के रिमांड पर लिया है सुरेंद्र को
रमिंद्र सिंह
अंबाला कैंट। पंचकूला में 25 अगस्त को बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद दंगा भड़काने व राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया सुरेंद्र धीमान अंबाला कैंट के एयरफोर्स स्कूल में कंप्यूटर टीचर रह चुका है। सात दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहे सुरेंद्र का पैतृक घर कैंट की डिफेंस कालोनी में है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही घर में अजीब सा सन्नाटा है। अंबाला में सुरेंद्र के करीबी जानकारों को जब पता चला कि सुरेंद्र दंगे भड़काने की साजिश में शामिल था तो वह एकदम हैरान रह गए।
फिलहाल पंचकूला में अपने परिवार के साथ रह रहे सुरेंद्र धीमान को पंचकूला पुलिस ने मामले में पांच अन्य सहित मुख्य आरोपी बनाया है। पंचकूला पुलिस द्वारा सुरेंद्र के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के बाद सुरेंद्र ने अपने परिवार सदस्यों के साथ जाकर पुलिस के समक्ष बुधवार आत्मसमर्पण किया था। सुरेंद्र डेरा से बीते करीब एक दशक से जुड़ा हुआ था। इससे पहले वह एयरफोर्स स्टेशन द्वारा संचालित एयरफोर्स पब्लिक स्कूल में कंप्यूटर टीचर था। बताते हैं कि वह कंप्यूटर में क्वालीफाइड था जिसे कंप्यूटर का अच्छा खासा ज्ञान था। करीब चार वर्ष तक उसने यहां जॉब की, मगर 2003-04 के बाद से उसने कंप्यूटर टीचर की जॉब छोड़ दी थी। सुरेंद्र के पिता एयरफोर्स से बतौर अधिकारी रिटायर्ड है जोकि परिवार के साथ डिफेंस कालोनी में रहते हैं। परिवार सदस्य भी सुरेंद्र का नाम इस मामले में देखकर हैरान रह गए। शायद यही वजह थी कि सुरेंद्र के खिलाफ लुक ऑउट नोटिस जारी होने के बाद सुरेंद्र को परिवार सदस्यों ने ही आत्मसमर्पण करने को कहा। अंबाला से टीचर की जॉब छोड़ने के बाद सुरेंद्र दिल्ली में चला गया था और इसके बाद वह सिरसा डेरा सच्चा सौदा के संपर्क में आया। वह डेरे से प्रकाशित होने वाले एक अखबार से जुड़ा और धीरे-धीरे सुरेंद्र ने अपना अच्छा रसूख जमा लिया। शायद यही वजह थी कि सुरेंद्र को डेरे में प्रवक्ता भी नियुक्त किया गया।
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तो फिर कोर्ट में क्या कर रहा था सुरेंद्र
सूत्र बताते हैं कि सुरेंद्र के परिवार वालों ने पुलिस को बताया है कि सुरेंद्र ने डेरे की अखबार से इसी वर्ष जनवरी-फरवरी माह में नौकरी छोड़ दी थी। इसके बाद वह किसी अन्य अखबार से जुड़ गया था। वह केवल अखबार में नौकरी कर रहा था, मगर परिवार सदस्यों द्वारा दी गई यह जानकारी जांच पुलिस के गले से नीचे नहीं उतर रही है क्योंकि यदि जनवरी-फरवरी में सुरेंद्र ने नौकरी छोड़ दी थी कि तो फिर वह 25 अगस्त संवेदनशील बने पंचकूला में आखिरकार क्या कर रहा था।
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पांच लोगों के खिलाफ दर्ज किया था केस
बता दें कि पंचकूला पुलिस ने दंगे भड़काने व राष्ट्रद्रोह के आरोप में आदित्य, सुरेंद्र धीमान, दिलावर, पवन व मोहिंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लुक आउट नोटिस जारी कर दिया था। मगर नोटिस जारी होने के अगले दिन सुरेंद्र ने आत्मसमर्पण कर दिया था जबकि शेष की तलाश में पुलिस अभी छापेमारी कर रही है।