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बाढ़ नियंत्रण के प्रबंध देखने पहुंचीं एसडीएम, नदी तल में हो रहा था अवैध खनन
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नारायणगढ़ (अंबाला) बाढ़ नियंत्रण के प्रबंधों को जानने के लिए बुधवार को नारायणगढ़ एसडीएम अदिति मारकंडा नदी में निरीक्षण करने गई तो अवैध खनन देखकर दंग रह गईं। इस दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और मौके से छह ट्रैक्टर-ट्राली सहित एक जेसीबी भी एसडीएम ने जब्त की। बता दें कि नारायणगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन जोरों पर है और अवैध खनन के पूर्व में कई मामले यहां पर पकड़े भी जा चुके हैं, लेकिन खनन यहां पर रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
एसडीएम अदिति नहर विभाग को लेकर काला अम्ब मारकंडा नदी का निरीक्षण करने गई तो वहां का नजारा देखकर हक्की-बक्की रह गईं। मारकंडा पुल के करीब 400 मीटर की दूर पर एक जेसीबी मशीन द्वारा अवैध खनन करके छह ट्रैक्टर ट्रालियों में लोड किया जा रहा था। सरकारी गाड़ियों को आता देखकर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर चालक वाहनों को मौके पर छोड़कर भाग गए। इसपर एसडीएम ने माइनिंग विभाग और पुलिस प्रशासन को तुरंत वहां पहुंचने को कहा। स्थानीय पुलिस व खनन विभाग अधिकारी मौका पर पहुंचने पर एसडीएम ने उनको फटकार लगाई कि इस तरह सारेआम नदी में माइनिंग की जा रही है। इसपर एसडीएम ने उनको जब्त कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
पुलिस और माइनिंग विभाग ने पहचान करके उपरोक्त वाहनों के चालकों को बुलाया तो उन्होंने बताया कि उपरोक्त ट्रैक्टर व जेसीबी मशीन गांव डेरा के एक व्यक्ति की हैं। इस संबंध में नारायणगढ़ खनन अधिकारी सुनील कुमार ने पुलिस चौकी कालाअंब में शिकायत देकर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि नारायणगढ़ क्षेत्र में नियमों को ताक में रखकर क्षेत्र की सभी नदियों पर अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। जिसपर न तो माइनिंग विभाग व पुलिस प्रशासन कार्रवाई नहीं करता। अवैध माइनिंग से 50-50 फुट के गड्ढे तक नदी तल में हो गए हैं। बारिश के दिनों में नदी किनारे बसे गांवों में अवैध खनन की वजह से कटाव का खतरा रहता है। कई गांवों की पंचायतें शिकायत भी कर चुकी है, मगर ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
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बाढ़ नियंत्रण के लिए नदी क्षेत्रों का निरीक्षण किया
शहजादपुर/नारायणगढ़। एसडीएम अदिति ने बुधवार को उपमंडल नारायणगढ़ में विभिन्न स्थानों का दौरा कर बाढ़ नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के एसडीओ सुधीर मोहन भी मौजूद रहे। एसडीएम ने सिंचाई विभाग द्वारा मारकंडा, रूण, बेगना नदी के अलावा बरसाती नालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शेष रहे तीन कार्यों को भी 30 जून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
एसडीएम अदिति ने गांव पुलेवाला में बेगना नदी के बहाव से कृषि योग्य भूमि को बचाने के लिए बनाई गई स्टेनिग वॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ रोकथाम के लिए कार्य इस प्रकार से किया जाए कि नदी में पानी के तेज बहाव में भी खेती की जमीन को कटाव आदि से नुकसान न हो। एसडीएम ने गांव नसडौली में श्मशान घाट को बचाने के लिए बरसाती नाले में बनाई गई पत्थरों की दिवार, स्टेनिग वॉल का, कालाअंब के दो कार्य, जिसमें मारकंडा नदी और बरसाती नाले से बाढ़ रोकथाम के लिए बनाई गई स्टेनिग वॉल का निरीक्षण किया। इसके उपरांत उन्होंने गांव झीड़ीवाला में रूण नदी से आबादी को बाढ़ से बचाने के लिए बनाई गई स्टेनिग वॉल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ रोकथाम के लिए कालाअंब में चल रहे स्टेनिग वॉल के शेष दो कार्य और अंबली में मारकंडा नदी में स्टड के एक कार्य को भी 30 जून से पहले पूरा कर लिया जाए ताकि बारिश व नदियों में तेज बहाव आने पर लोगों को बाढ़ जैसी समस्या का सामना न करना पड़े। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। बता दें कि नारायणगढ़ क्षेत्र से तीन नदियां होकर गुजरती हैं और बारिश में यहां आसपास बसे गांवों में काफी नुकसान तक होता है।
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एसडीएम अदिति नहर विभाग को लेकर काला अम्ब मारकंडा नदी का निरीक्षण करने गई तो वहां का नजारा देखकर हक्की-बक्की रह गईं। मारकंडा पुल के करीब 400 मीटर की दूर पर एक जेसीबी मशीन द्वारा अवैध खनन करके छह ट्रैक्टर ट्रालियों में लोड किया जा रहा था। सरकारी गाड़ियों को आता देखकर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर चालक वाहनों को मौके पर छोड़कर भाग गए। इसपर एसडीएम ने माइनिंग विभाग और पुलिस प्रशासन को तुरंत वहां पहुंचने को कहा। स्थानीय पुलिस व खनन विभाग अधिकारी मौका पर पहुंचने पर एसडीएम ने उनको फटकार लगाई कि इस तरह सारेआम नदी में माइनिंग की जा रही है। इसपर एसडीएम ने उनको जब्त कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए।
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पुलिस और माइनिंग विभाग ने पहचान करके उपरोक्त वाहनों के चालकों को बुलाया तो उन्होंने बताया कि उपरोक्त ट्रैक्टर व जेसीबी मशीन गांव डेरा के एक व्यक्ति की हैं। इस संबंध में नारायणगढ़ खनन अधिकारी सुनील कुमार ने पुलिस चौकी कालाअंब में शिकायत देकर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि नारायणगढ़ क्षेत्र में नियमों को ताक में रखकर क्षेत्र की सभी नदियों पर अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। जिसपर न तो माइनिंग विभाग व पुलिस प्रशासन कार्रवाई नहीं करता। अवैध माइनिंग से 50-50 फुट के गड्ढे तक नदी तल में हो गए हैं। बारिश के दिनों में नदी किनारे बसे गांवों में अवैध खनन की वजह से कटाव का खतरा रहता है। कई गांवों की पंचायतें शिकायत भी कर चुकी है, मगर ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
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बाढ़ नियंत्रण के लिए नदी क्षेत्रों का निरीक्षण किया
शहजादपुर/नारायणगढ़। एसडीएम अदिति ने बुधवार को उपमंडल नारायणगढ़ में विभिन्न स्थानों का दौरा कर बाढ़ नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों का निरीक्षण किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के एसडीओ सुधीर मोहन भी मौजूद रहे। एसडीएम ने सिंचाई विभाग द्वारा मारकंडा, रूण, बेगना नदी के अलावा बरसाती नालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शेष रहे तीन कार्यों को भी 30 जून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
एसडीएम अदिति ने गांव पुलेवाला में बेगना नदी के बहाव से कृषि योग्य भूमि को बचाने के लिए बनाई गई स्टेनिग वॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ रोकथाम के लिए कार्य इस प्रकार से किया जाए कि नदी में पानी के तेज बहाव में भी खेती की जमीन को कटाव आदि से नुकसान न हो। एसडीएम ने गांव नसडौली में श्मशान घाट को बचाने के लिए बरसाती नाले में बनाई गई पत्थरों की दिवार, स्टेनिग वॉल का, कालाअंब के दो कार्य, जिसमें मारकंडा नदी और बरसाती नाले से बाढ़ रोकथाम के लिए बनाई गई स्टेनिग वॉल का निरीक्षण किया। इसके उपरांत उन्होंने गांव झीड़ीवाला में रूण नदी से आबादी को बाढ़ से बचाने के लिए बनाई गई स्टेनिग वॉल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ रोकथाम के लिए कालाअंब में चल रहे स्टेनिग वॉल के शेष दो कार्य और अंबली में मारकंडा नदी में स्टड के एक कार्य को भी 30 जून से पहले पूरा कर लिया जाए ताकि बारिश व नदियों में तेज बहाव आने पर लोगों को बाढ़ जैसी समस्या का सामना न करना पड़े। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। बता दें कि नारायणगढ़ क्षेत्र से तीन नदियां होकर गुजरती हैं और बारिश में यहां आसपास बसे गांवों में काफी नुकसान तक होता है।