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बीडीपीओ से ब्लैकमेल, गैंग के कई सदस्य नामजद
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:45 AM IST
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बीडीपीओ से ब्लैकमेलिंग, गैंग के कई सदस्य नामजद
एफआईआर में बिना नाम से पुलिस, विजिलेंस कर्मियों के अलावा अन्य पर केस दर्ज
बीडीपीओ पर बना रहे थे रुपये देने के लिए दबाव, जांच में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। अंबाला में एक गैंग का पर्दाफाश हुआ है जो सुनियोजित ढंग से सरकारी अधिकारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और ठेकेदारों को शिकायतों व आरटीआई लगाने का डर दिखाकर लाखों रुपये की डिमांड करते थे। यह लोग खुद को विजिलेंस और पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों का करीबी भी बताते थे। पिपली के बीडीपीओ प्रताप सिंह ने इस गैंग के सात लोगों के अलावा पुलिस और विजिलेंस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इन लोगों के खिलाफ आईजी अंबाला रेंज को शिकायत दी थी। अब बलदेव नगर थाना पुलिस ने बीडीपीओ की शिकायत पर राजेंद्र उर्फ काका निवासी गांव बरनाला, अश्वनी भारद्वाज निवासी अंबाला शहर, लबाना ट्रांसपोर्ट के कर्मचारी सोनू निवासी बलदेवनगर, अनीत कुमार, सोनू उर्फ नरेश निवासी बलदेव नगर, मोहन सिंह निवासी गांव बरनाला, बलकार निवासी गांव माजरा, नारायणगढ़ के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया हैै। पुलिस ने मामले में पुलिस और विजिलेंस विभाग में इनके साथियों को भी आरोपी बनाया है।
यह लगाए आरोप
बीडीपीओ ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले इन लोगों ने ठेकेदार संजीव शर्मा निवासी गांव खेलन को विकास कार्यों में गड़बड़ी करने की शिकायत विजिलेंस विभाग को देने का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐेंठे थे। आरोपी सोनू उर्फ नरेश की मीट की रेहड़ी और अनीत कुमार की दुकान में बैठकर ब्लैकमेल करने की साजिश रचते हैं। आरोप हैं कि इनमें से एक आरोपी द्वारा रुपये ऐंठने के कारण एक व्यक्ति सुसाइड भी कर चुका है। डस्टबिन खरीद के एक मामले में गैंग के सदस्यों ने पूर्व में अंबाला में रहे बीडीपीओ प्रताप सिंह को ब्लैकमेल करने की भी कोशिश की थी। पुलिस को दी शिकायत में प्रताप सिंह ने कहा कि वह बतौर बीडीपीओ शहजादपुर व अंबाला-1 रहे हैं। एक दिन उन्हें सोनू उर्फ नरेश ने फोन कर कहा कि गांव बरनाला का काका उर्फ राजेंद्र उनकी शिकायत करने वाला है। उन्हें बताया कि यह लोग डस्टबिन खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पांच लाख रुपये मांग रहे हैं और ढाई लाख रुपये में मान जाएंगे। इसके बाद बीडीपीओ को आरोपियों ने बलदेव नगर स्थित एक चाय की दुकान पर बुलाया। इन लोगों ने कहा कि एक व्यक्ति उनकी शिकायत विजिलेंस में करना चाहता हैै तथा उसकी ऊपर तक पहुंच है। आरोपियों ने बीडीपीओ को कहा कि उनकी सब जगह सेटिंग है और वह इस मामले को निपटवा देंगे। मामले में सभी आरोपी शिकायतकर्ता से मिले और सभी ने रुपयों की डिमांड की।
बीडीपीओ ने गुप्त कैमरे से की वीडियो रिकार्डिंग
बीडीपीओ ने कहा कि उन्हें अहसास हो गया कि यह लोग मिलकर मुझे ब्लैकमेल करेंगे इसलिए उन्होंने उनसे की गई कुछ बातचीत की गुप्त कैमरे से वीडियो एवं ऑडियो रिकार्डिंग कर ली। बीडीपीओ को आरोपियों ने यह बोला कि काका उर्फ राजिंद्र से उनकी कभी किसी बात को लेकर गाली गलोच हुई थी और अब वही डस्टबिन खरीद का मामला उठा रहा है। उन्हें विजिलेंस और अन्य विभागों में सेटिंग का भी झांसा दिया गया। बातचीत के दौरान बीडीपीओ को आरोपियों ने यह भी कहा कि उन्होंने कई डीएसपी व अन्य पुलिस कर्मियों को अन्य मामलों में रुपये केसों से बचने के लिए दिए हैं।
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कोट्स
मामले में बीडीपीओ की शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता ने कई आरोप लगाए हैं और उन पर क्रमवार जांच की जाएगी। जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-बलवान सिंह, एसएचओ, थाना बलदेव नगर।
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एफआईआर में बिना नाम से पुलिस, विजिलेंस कर्मियों के अलावा अन्य पर केस दर्ज
बीडीपीओ पर बना रहे थे रुपये देने के लिए दबाव, जांच में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। अंबाला में एक गैंग का पर्दाफाश हुआ है जो सुनियोजित ढंग से सरकारी अधिकारियों, प्रॉपर्टी डीलरों और ठेकेदारों को शिकायतों व आरटीआई लगाने का डर दिखाकर लाखों रुपये की डिमांड करते थे। यह लोग खुद को विजिलेंस और पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों का करीबी भी बताते थे। पिपली के बीडीपीओ प्रताप सिंह ने इस गैंग के सात लोगों के अलावा पुलिस और विजिलेंस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इन लोगों के खिलाफ आईजी अंबाला रेंज को शिकायत दी थी। अब बलदेव नगर थाना पुलिस ने बीडीपीओ की शिकायत पर राजेंद्र उर्फ काका निवासी गांव बरनाला, अश्वनी भारद्वाज निवासी अंबाला शहर, लबाना ट्रांसपोर्ट के कर्मचारी सोनू निवासी बलदेवनगर, अनीत कुमार, सोनू उर्फ नरेश निवासी बलदेव नगर, मोहन सिंह निवासी गांव बरनाला, बलकार निवासी गांव माजरा, नारायणगढ़ के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया हैै। पुलिस ने मामले में पुलिस और विजिलेंस विभाग में इनके साथियों को भी आरोपी बनाया है।
यह लगाए आरोप
बीडीपीओ ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले इन लोगों ने ठेकेदार संजीव शर्मा निवासी गांव खेलन को विकास कार्यों में गड़बड़ी करने की शिकायत विजिलेंस विभाग को देने का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐेंठे थे। आरोपी सोनू उर्फ नरेश की मीट की रेहड़ी और अनीत कुमार की दुकान में बैठकर ब्लैकमेल करने की साजिश रचते हैं। आरोप हैं कि इनमें से एक आरोपी द्वारा रुपये ऐंठने के कारण एक व्यक्ति सुसाइड भी कर चुका है। डस्टबिन खरीद के एक मामले में गैंग के सदस्यों ने पूर्व में अंबाला में रहे बीडीपीओ प्रताप सिंह को ब्लैकमेल करने की भी कोशिश की थी। पुलिस को दी शिकायत में प्रताप सिंह ने कहा कि वह बतौर बीडीपीओ शहजादपुर व अंबाला-1 रहे हैं। एक दिन उन्हें सोनू उर्फ नरेश ने फोन कर कहा कि गांव बरनाला का काका उर्फ राजेंद्र उनकी शिकायत करने वाला है। उन्हें बताया कि यह लोग डस्टबिन खरीद में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पांच लाख रुपये मांग रहे हैं और ढाई लाख रुपये में मान जाएंगे। इसके बाद बीडीपीओ को आरोपियों ने बलदेव नगर स्थित एक चाय की दुकान पर बुलाया। इन लोगों ने कहा कि एक व्यक्ति उनकी शिकायत विजिलेंस में करना चाहता हैै तथा उसकी ऊपर तक पहुंच है। आरोपियों ने बीडीपीओ को कहा कि उनकी सब जगह सेटिंग है और वह इस मामले को निपटवा देंगे। मामले में सभी आरोपी शिकायतकर्ता से मिले और सभी ने रुपयों की डिमांड की।
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बीडीपीओ ने गुप्त कैमरे से की वीडियो रिकार्डिंग
बीडीपीओ ने कहा कि उन्हें अहसास हो गया कि यह लोग मिलकर मुझे ब्लैकमेल करेंगे इसलिए उन्होंने उनसे की गई कुछ बातचीत की गुप्त कैमरे से वीडियो एवं ऑडियो रिकार्डिंग कर ली। बीडीपीओ को आरोपियों ने यह बोला कि काका उर्फ राजिंद्र से उनकी कभी किसी बात को लेकर गाली गलोच हुई थी और अब वही डस्टबिन खरीद का मामला उठा रहा है। उन्हें विजिलेंस और अन्य विभागों में सेटिंग का भी झांसा दिया गया। बातचीत के दौरान बीडीपीओ को आरोपियों ने यह भी कहा कि उन्होंने कई डीएसपी व अन्य पुलिस कर्मियों को अन्य मामलों में रुपये केसों से बचने के लिए दिए हैं।
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मामले में बीडीपीओ की शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता ने कई आरोप लगाए हैं और उन पर क्रमवार जांच की जाएगी। जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-बलवान सिंह, एसएचओ, थाना बलदेव नगर।