{"_id":"5de56b268ebc3e547c0d3b36","slug":"crime-ambala-news-knl13801150","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैं एसबीआई बैंक से बोल रहा हूं, ओटीपी नंबर लेते ही खाते से 1.22 लाख साफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैं एसबीआई बैंक से बोल रहा हूं, ओटीपी नंबर लेते ही खाते से 1.22 लाख साफ
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एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की बात कहकर एक ठग ने खाते से 1.22 लाख रुपये साफ कर दिए। हैरत की बात है कि ठग खाते से निरंतर पैसे निकालता रहा पर खाताधारक हरकत में नहीं आया। छह बार में खाता खाली होने के बाद ही खाताधारक को अपने साथ ठगी होने की भनक लगी। अब पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक ठग की पहचान नहीं हो पाई है।
कैंट की हरबंस कॉलोनी के रहने वाले जयपाल ने महेशनगर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक मोबाइल फोन 29 नवंबर को एक कॉल आई थी। तब कॉल करने वाले ने उसे बताया कि उसके मोबाइल फोन पर एक ओटीपी नंबर आया है। एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की वजह से ही यह ओटीपी फोन पर भेजा गया है। जयपाल ने बताया कि उसका खाता एसबीआई में है। कार्ड ब्लॉक होने की उसने बैंक में शिकायत दर्ज करवा रखी है। पीड़ित ने बताया कि जानकारी न होने के कारण उसने कॉल करने वाले को फोन पर आया ओटीपी नंबर बता दिया। इसके बाद उसके खाते से पैसे निकलने का सिलसिला शुरू हो गया।
दो बार में निकाले करीब एक लाख
जानकारी अनुसार आरोपी ने 29 नवंबर को पहले उसके खाते से 49999 रुपये निकाले। इसके बाद 30 नवंबर को फिर 49998 रुपये निकाले गए। एक दिसंबर को खाते से पैसों की कोई निकासी नहीं हुई। मगर 2 दिसंबर को उसके खाते से निरंतर पैसे निकलते रहे। जयपाल के मुताबिक 2 दिसंबर को पहले उसके खाते से 19999 रुपये निकाले गए। फिर चौथी बार में एक हजार रुपये निकाले गए। पांचवीं बार में भी ठग ने जयपाल के खाते से एक हजार रुपये व छठी बार 500 रुपये खाते से साफ किए। खाता पूरी तरह खाली होने के बाद ही ठग ने निकासी बंद की। उसके खाते से कुल 1.22 लाख 496 रुपये निकाले गए। बैंक की ओर से जयपाल को बताया कि उसे बैंक से किसी ने कॉल नहीं की है। इसके बाद ही उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जल्द ही आरोपी को काबू करने की बात कह रही है।
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कैंट की हरबंस कॉलोनी के रहने वाले जयपाल ने महेशनगर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि एक मोबाइल फोन 29 नवंबर को एक कॉल आई थी। तब कॉल करने वाले ने उसे बताया कि उसके मोबाइल फोन पर एक ओटीपी नंबर आया है। एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की वजह से ही यह ओटीपी फोन पर भेजा गया है। जयपाल ने बताया कि उसका खाता एसबीआई में है। कार्ड ब्लॉक होने की उसने बैंक में शिकायत दर्ज करवा रखी है। पीड़ित ने बताया कि जानकारी न होने के कारण उसने कॉल करने वाले को फोन पर आया ओटीपी नंबर बता दिया। इसके बाद उसके खाते से पैसे निकलने का सिलसिला शुरू हो गया।
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दो बार में निकाले करीब एक लाख
जानकारी अनुसार आरोपी ने 29 नवंबर को पहले उसके खाते से 49999 रुपये निकाले। इसके बाद 30 नवंबर को फिर 49998 रुपये निकाले गए। एक दिसंबर को खाते से पैसों की कोई निकासी नहीं हुई। मगर 2 दिसंबर को उसके खाते से निरंतर पैसे निकलते रहे। जयपाल के मुताबिक 2 दिसंबर को पहले उसके खाते से 19999 रुपये निकाले गए। फिर चौथी बार में एक हजार रुपये निकाले गए। पांचवीं बार में भी ठग ने जयपाल के खाते से एक हजार रुपये व छठी बार 500 रुपये खाते से साफ किए। खाता पूरी तरह खाली होने के बाद ही ठग ने निकासी बंद की। उसके खाते से कुल 1.22 लाख 496 रुपये निकाले गए। बैंक की ओर से जयपाल को बताया कि उसे बैंक से किसी ने कॉल नहीं की है। इसके बाद ही उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जल्द ही आरोपी को काबू करने की बात कह रही है।
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